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November 2017

नयति जैसे अस्पताल का मथुरा में होना एक सपने जैसा: युवराज सिंह

  • 10 November, 2017

सही समय पर सही इलाज से कैंसर हो सकता है सही: नीरा राडिया

मथुरा 10 नवम्बर। मां के द्वारा दिलाई गई हिम्मत और पिता के विश्वास के अलावा सही समय पर कराया गये इलाज द्वारा ही मैं कैंसर जैसी बीमारी पर विजय प्राप्त कर सका। यह कहना था जाने पहचाने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर युवराज सिंह का जो नयति मेडिसिटी में सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर कैंसर का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नयति जैसे अस्पताल का मथुरा में होना मेरे लिए एक सपने जैसा है और ब्रज तथा आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान। जब मुझे पता चला कि मुझे कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी ने जकड़ लिया है तो किसी भी आम इन्सान के जैसे ही मेरी भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अब आगे क्या होगा? आंखों के आगे अंधेरा सा छा गया था, लेकिन जब पता चला कि कैंसर से मुक्ति पाई जा सकती है…. बस सही समय पर उचित इलाज कराने की जरूरत है। परिवार का साथ मिला और समाज का स्नेह…, और मैं जुट गया अपना इलाज कराने में और आज मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं।

नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि भारत में सबसे ज्यादा (देश के 17.2 प्रतिशत) कैंसर के मरीज उत्तर प्रदेश में पाए जाते हैं जिसके इलाज के लिए लोगों को सैकड़ों किमी दूर मुम्बई तक की यात्रा करनी पड़ती थी। मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि अच्छे और बेहतरीन स्वास्थ्य पर केवल महानगरों का ही हक नहीं है। यदि देखा जाए तो स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी असमानताएं हैं, बड़े तथा महानगरों में जिन अस्पतालों में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं हैं वहां पहुंचने वाले अधिकतर मरीज छोटे तथा मझले शहरों से होते हैं जो सैकड़ों किमी की यात्रा करने के बाद पहुंच पाते हैं। इसलिए टियर 2 एवं टियर 3 शहरों के लोगों के पास भी वही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होनी चाहिए जो किसी भी मैट्रो शहर में उपलब्ध है।

यह कैंसर सेंटर उत्तर भारत के लोगों को कैंसर से सम्बंधित हर वह सुविधा तथा उपचार कम कीमत में उपलब्ध कराएगा जिसके लिए अभी तक उनको काफी दूर तक की यात्राएं करनी पड़ती थीं।

हमारे यहां रेडियेशन देने के लिए बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय कंपनी इलेक्टा की वर्सा एच डी मशीन मौजूद है जिससे केवल 3 से 4 मिनट में प्रभावित जगह पर रेडियेशन दिया जा सकता है जो देश के गिने चुने हॉस्पिटल्स में ही मौजूद थी, जिससे मरीज को बहुत ही कम तकलीफ से गुजरना पड़ेगा। अभी तक रेडियेशन देने में 20 से 30 मिनट से अधिक का समय लगता था।

मेरा मानना है कि जब भी किसी के परिवार में कोई कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी से जूझता है तो उसका असर केवल मरीज पर नहीं पड़ता बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। बीमारी के बाद उसके इलाज के लिए लम्बी दूरी की यात्रा और भी अधिक तकलीफदेह बना देती है। मुझे विश्वास है कि नयति में खुले इस कैंसर सेंटर से उत्तर भारत तथा आसपास के लोगों को काफी लाभ मिलेगा और उन्हें लम्बी दूरी की यात्राएं भी नहीं करनी पड़ेगी।

नयति मेडिसिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर कैंसर के चेयरमैन डॉक्टर (प्रो.) शान्तनु चौधरी ने कहा कि कैंसर शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। अब तक कैंसर का जो इलाज देश विदेश के कुछ गिने चुने बड़े शहरों में ही मिल पाता था वो सारा इलाज अब नयति मेडिसिटी में उपलब्ध है। कैंसर के इलाज के लिए कई विभागों से होकर गुजरना पड़ता है जिनमें मेडिकल, सर्जीकल और कीमोथेरेपी प्रमुख हैं। इन प्रोसीजर को कराने के लिए अब तक आसपास के इस क्षेत्र में कोई ऐसा स्थान नहीं था जहां ये सारी विभाग एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों। हर प्रोसीजर के लिए मरीज को अलग अलग जगह जाना पड़ता था जिससे मरीज को समय के साथ अधिक पैसे भी खर्च करने पड़ते थे, लेकिन नयति में कैंसर से संबंधित हर प्रकार का विश्वस्तरीय इलाज एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। जिसके कारण मरीज को कैंसर के इलाज में किये जाने वाले किसी भी प्रोसीजर के लिए कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं होगी, मरीज को सारा इलाज एक ही स्थान पर एक ही छत के नीचे मिल सकेगा।

आज कैंसर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, यदि समय रहते शुरुआत में ही कैंसर का इलाज करा लिया जाय तो यह पूरी तरह सही हो सकता है। नयति में रेडिएशन देने वाली इलेक्टा की वर्सा एचडी मशीन द्वारा केवल प्रभावित जगह पर ही केवल 4 मिनट में ही रेडियेशन दिया जा सकता है। अन्य मशीनों द्वारा रेडिएशन देने में समय भी अधिक लगता था और प्रभावित जगह के आसपास भी रेडिएशन का असर पड़ता था जिससे त्वचा के सामान्य टिशू जो स्वस्थ होते हैं वे भी प्रभावित हो जाते हैं जिससे मरीज को काफी तकलीफ से गुजरना पड़ता है।

नयति में उपलब्ध पैट सीटी स्कैन द्वारा शरीर के किसी भी भाग के कैंसर का पता चल सकता है, और तो और मरीज को दिया जाने वाला इलाज कितना असर कर रहा है, ये सब भी पता चल जाता है जिससे मरीज का इलाज काफी सटीक तथा सरल हो जाता है।

नयति में अभी तक कैंसर के कई मरीजों का सफल इलाज किया जा चुका है और वे अपना जीवन एक सामान्य इन्सान की तरह व्यतीत कर रहे हैं, जिनमें से कुछ मरीजों ने अपने अनुभव भी साझा किए जो कभी कैंसर से पीड़ित रह चुके थे और आज बिल्कुल स्वस्थ हैं।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आरके मनी, कैंसर सेंटर के चेयरमैन डॉ (प्रो.) शान्तनु राय चौधरी, डॉ योगेश अग्रवाल, दीनानाथ चतुर्वेदी, राजेश चतुर्वेदी, डॉ. अमित भार्गव तथा डॉ. रविकान्त अरोड़ा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

October 2017

नयति ने मनाया वर्ल्ड ऑर्थराइटिस दिवस

  • 16 October, 2017 , generic, ortho

उचित खानपान, व्यायाम तथा सन्तुलित वजन से हो सकता है ऑर्थराइटिस से बचाव – डॉ. विवेक फँसवाल

मथुरा 12 अक्टूबर। पिछले 18 महीने में हमने देखा है कि यहां ब्रज में हड्डियों से सम्बंधित रोगी काफी अधिक  आ रहे हैं जिनमें ऑर्थराइटिस के रोगी भी काफी मात्रा में हैं। नयति मेडिसिटी के हड्डी रोग विभाग में आज हड्डी रोगों से संबंधित हर प्रकार का विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध है। घुटना बदलना हो या कुल्हा अथवा किसी भी प्रकार का हड्डियों से संबंधित कोई उपचार, वह सब नयति में मौजूद है। इसके अलावा किसी भी प्रत्यारोपण से संबंधित ऑपरेशन के बाद होने वाली फिजियोथेरेपी भी नयति में उपलब्ध है। जिसके कारण मरीज अपने ऑपरेशन के दूसरे दिन से ही चलने की शुरुआत कर देते हैं। इसी प्रकार ऑर्थराइटिस की बीमारी जो उचित खानपान, व्यायाम की कमी के कारण हो सकती है। यह कहना था नयति मेडिसिटी के हड्डी रोग विभाग के प्रमुख डॉ. विवेक फँसवाल का जो वर्ल्ड ऑर्थराइटिस दिवस के अवसर पर पर नयति में आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कैल्शियम, खानपान की कमी अथवा बढ़े वजन के कारण घुटने घिस जाते हैं जिससे चलने फिरने में तकलीफ होने लगती है। इससे बचने के लिए हमको अपने खानपान का ध्यान रखते हुए शरीर के वजन का ध्यान रखना चाहिए और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए जिससे हम इस बीमारी से बच सकते हैं।

इस अवसर पर नयति हेल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हम समय समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाते रहते हैं। हमारा हमेशा से यह मानना है कि कुछ बीमारियां ऐसी है जो जागरूकता की कमी के कारण ही हो जाती हैं, यदि व्यक्ति अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उचित दिनचर्या और खानपान का ध्यान रखे तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

हमारा हमेशा से यह मानना है कि टियर 2 और टियर 3 शहरों के लोगों को भी विश्वस्तरीय इलाज की आवश्यकता है। नयति के आने से पहले जिस वर्ल्डक्लास ट्रीटमेंट के लिए लोगों को 150 किमी से अधिक की यात्रा करनी पड़ती थी, अब वो सारा इलाज एक ही छत के नीचे नयति में ही उपलब्ध है। आज नयति में हर उस बीमारी का विश्वस्तरीय तथा सम्पूर्ण इलाज उपलब्ध है जिसके लिए लोगों को दिल्ली और मुम्बई तक जाना पड़ता था।

नयति मेडिसिटी के फिजियोथेरेपी विभाग के प्रमुख डॉ. अपूर्व नारायण ने ऑर्थराइटिस से बचने के लिए कई प्रकार के व्यायाम बताये हुए कहा कि यदि यह व्यायाम हम अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें तो ऑर्थराइटिस की समस्या से बच सकते हैं। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. जितेंद्र गुप्ता, डॉ. सौरभ बंसल, डॉ शिव कुमार, डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. आफताब आलम और आउटरीच विभाग के विवेक दवे प्रमुख रूप से मौजूद थे।

समय रहते पता चलने पर कैंसर का सम्पूर्ण इलाज नयति में सम्भव: डॉ. (प्रो). शान्तनु चौधरी

  • 11 October, 2017 , generic, oncology

आगरा 11 अक्टूबर। कैंसर का नाम लोगों के जहन में आते ही एक अजीब सी सिरहन, डर अथवा भय जैसा व्याप्त हो जाता है, यदि कोई कैंसर की बीमारी से ग्रस्त हो जाता है तो उसके दिमाग में बस एक यही बात आती है कि अब जिन्दगी में कुछ नहीं रहा, उसकी आंखों के सामने अन्धकार छाने लगता है। एक निराशा और हताशा कैंसर पीड़ित को घेर लेती है। लेकिन अब कैंसर पीड़ितों को इस बीमारी से निराश अथवा हताश होने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि यदि समय रहते कैंसर का पता चल जाये तो कैंसर का इलाज संभव है। यह कहना था नयति हेल्थकेयर के कैंसर केन्द्र के चेयरमैन डॉ. (प्रो.) शान्तनु चौधरी का जो नयति मेडिसेंटर में विश्व स्तन कैंसर माह के अवसर पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। Read More

नयति में जानलेवा रूप की डाइबिटीज से पीड़ित 12 वर्षीय बच्ची का हुआ सफल इलाज

  • 06 October, 2017 , generic

डाइबिटीज के कारण एक बार में चार लोगों का खाना खा लेती थी मुस्कान

मथुरा 6 अक्टूबर। नयति मेडिसिटी में डाइबिटिक कीटो एसिडोसिस (जानलेवा रूप की डाइबिटीज) संक्रमण और किडनी फेलियर से ग्रस्त 12 वर्षीय बालिका मुस्कान की सफलतापूर्वक इलाज करके जान बचायी गयी।

मथुरा निवासी 12 वर्षीय मुस्कान पिछले काफी दिनों से पेटदर्द, चक्कर आना आदि अन्य कई प्रकार की परेशानियों से जूझ रही थी और तो और उसकी भूख काफी बढ़ गयी थी, जिसकी वजह से वह एक बार में 4 लोगों के जितना खाना खा जाती थी। उसके परिवार के द्वारा उसे शहर के कई डॉक्टरों को दिखाया गया लेकिन कोई उसकी बीमारी की तह तक नहीं पहुंच पा रहे थे। तब वे मुस्कान को लेकर नयति मेडिसिटी आये जहां आकर वे नवजात शिशु एवं बालरोग विभाग में मिले। नयति में उनकी सघनता से जांच करायी गयी तो पता चला कि मुस्कान एक गम्भीर प्रकार की डाइबिटिक कीटो एसिडोसिस (जानलेवा रूप की डाइबिटीज) से पीड़ित है जिसका किडनी, लीवर और शरीर के अन्य अंगो पर भी असर पड़ रहा था।

इस अवसर पर नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ. आर. के. मनी ने कहा कि जब मुस्कान हमारे पास आई थी तब उसकी हालत बहुत खराब थी उसके पेट में दर्द था सांस फूल रही थी और दौरे भी पड़ रहे थे। जांच के बाद पता चला कि डाइबिटीज की वजह से मुस्कान का खून भी काफी गाढ़ा हो गया था (ट्राइग्लिसराइड काफी बढा हुआ था)। मुस्कान को डाइबिटिक कीटो एसीडॉसेस नामक बीमारी थी जिसकी वजह से उसकी भूख भी बढ़ गयी थी। मुस्कान का लीवर तथा किडनी भी काफी खराब स्थिति में पहुंच गई थी और उसके मस्तिष्क में सूजन आ गयी थी। जिसकी वजह से उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा और डायलेसिस की जरूरत पड़ी, अधिकतर ऐसे बच्चों में बचने की सम्भावना न के बराबर होती है। यदि मुस्कान को समय रहते उचित इलाज नहीं मिलता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। अब मुस्कान बिल्कुल ठीक है और सामान्य बच्चे की तरह अपना जीवन व्यतीत कर रही है लेकिन भविष्य में उसे समय समय पर डॉक्टर से अपनी जांच कराने के साथ दवा भी खानी पड़ेगी।

हमने ब्रजवासियों के लिए अपने यहां शुरू से ही विश्वस्तरीय इलाज देने का प्रयास किया है जिसमें हम कामयाब हो रहे हैं। हमारे यहां का नवजात शिशु एवं बालरोग विभाग के विशेषज्ञ अभी तक बहुत बच्चों को नया जीवन दे चुके हैं। हमारा हमेशा यह प्रयास रहता है कि जो भी मरीज नयति में आये उसे हम विश्व का बेहतरीन इलाज तथा सुविधा प्रदान कर सकें।

September 2017

कालिंदी क्लब की महिलाओं ने जाने कैंसर के बचाव के उपाय

  • 15 September, 2017 , oncology

नयति मेडिसिटी में आयोजित कार्यशाला में नयति के कैसंर विभाग के डायरेक्टर डॉ. अमित भार्गव ने दिए टिप्स

मथुरा 13 सितंबर 2017 महिलाओं के अंदर बढ़ रही कैंसर जैसी बीमारी के क्या कारण हैं ? कैंसर के क्या लक्षण होते हैं ? इससे बचाव कैसे संभव है कुछ इसी तरह के सवालों का जवाब नयति मेडिसिटी में आयोजित कार्यशाला में कालिंदी क्लब की सदस्याओं ने जाने। कार्यशाला में नयति मेडिसिटी के कैंसर विभाग के डायरेक्टर डॉ. अमित भार्गव ने महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, और बच्चेदानी के कैंसर के लक्षण, बचाव के साथ उसके उपचार में प्रयोग की जाने वाली आधुनिकतम चिकित्सा पद्वति के बारे में भी बताया। डॉ. भार्गव ने कहा कि परिवार की महिला को जागरूक करने से पूरा परिवार जागरूक हो जाता है इसलिए यह जरूरी है कि महिलाएं कैसर के प्रति जागरूक हों और अपने आसपास की महिलाओं को भी जागरूक करें। Read More

नयति में मात्र 1.25 लाख में होगी “बैरियाट्रिक सर्जरी”

  • 13 September, 2017 , gastro, generic

मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए वरदान है बैरियाट्रिक सर्जरी’

मथुरा, आगरा 12 सितम्बर। मोटापा इन्सान के ऊपर कुदरत का वो कहर है जो अकेला नहीं आता बल्कि साथ में लाता है डाइबिटीज, ब्लडप्रेशर, हाइपरटेंशन, थाइराइड, घुटनों की परेशानी एसिडिटी और भी पता नहीं कितनी बीमारियां अपने साथ लाता है। मोटापा आने के बाद रुकता नहीं बल्कि दिनोंदिन बढ़ता ही जाता है और जिसकी जिन्दगी में ये आया उसका जीना मुश्किल कर देता है। इससे बचने को इन्सान क्या क्या जतन नहीं करता? जिम जाना, डाइटिंग करना, टहलना और भी पता नहीं क्या क्या, लेकिन मोटापा तो आकर ऐसा घर बसाता है कि जाने कां नाम ही नहीं लेता और इससे ग्रस्त इन्सान इसे अपनी खराब किस्मत समझकर हीनभावना के साथ इसके साथ जीने को मजबूर हो जाता है। Read More

नयति ने मनाया वर्ल्ड सुसाइट प्रिवेंशन डे

  • 13 September, 2017 , generic, psychiatric

मथुरा 9 सितम्बर। जिन्दगी को जीने के लिए हम सभी को पता नहीं कितनी दुश्वारियों से गुजरना पड़ता है, सुबह जागने से लेकर रात को सोने तक के बीच का समय एक आपाधापी में ही बीतता है। हर व्यक्ति के जीवन में सुख दुःख क्रमबद्ध तरीके से आते जाते रहते हैं, कोई तो इनका सामना कर लेता है और कोई इनका सामना नहीं कर पाता और एक समय ऐसा आता है कि उसे आगे पीछे कुछ दिखाई नहीं देता और वो आत्महत्या तक कर लेता है। ये कहना था नयति मेडिसिटी के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. सागर लवानिया का जो हॉस्पिटल परिसर में वल्र्ड सुसाइट प्रिवेंशन डे पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। Read More

नयति के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कैथलैब से किया मस्तिष्क में फूलकर फटी नसों का इलाज

  • 11 September, 2017 , generic, neuro

नयति में होता है न्यूरो की अत्याधुनिक तकनीक एंडोवेस्कुलर सर्जरी से इलाज
आगरा 9 सितंबर 2017। अभी तक देश के चुनिंदा शहरों में होने वाली एंडोवेस्कुलर न्यूरोसर्जरी को नयति मेडिसिटी मथुरा में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। आगरा निवासी 55 वर्षीय पूनम एक दिन अचानक चक्कर खाकर बेहोश हो गईं। परिवारीजन पूनम को तत्काल आगरा शहर के एक अस्पताल में ले गए जहॉ चिकित्सकों ने पूनम अग्रवाल को दिल्ली ले जाने की सलाह दी। Read More

August 2017

“बीमारियों से आजादी” के संकल्प के साथ नयति मेडिसेन्टर में मना स्वतंत्रता दिवस

  • 15 August, 2017 , generic

आगरा 16 अगस्त 2017। समाज को “बीमारियों से आजादी” दिलाने के संकल्प के साथ ही नयति मेडिसेंटर आगरा में धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस मौके पर नयति हेल्थकेयर के डायरेक्टर सर्जरी एंड डीन मेडिकल एजूकेशन डा पी के कोहली ने घ्वाजारोहण किया। Read More

नयति में 83 वर्षीय बृद्धा की टूटी रीढ़ की हड्डी का बैलून काइफोप्लास्टी विधि से हुआ सफल ऑपरेशन

  • 09 August, 2017 , generic, ortho

नयति है सबके लिए, वाजिब दामों पर विश्वस्तरीय उपचार देना ही हमारा उद्देश्य : नीरा राडिया
मथुरा 8 अगस्त। नयति मेडिसिटी में 83 वर्षीय मात्र 40 किलो वजन की बृद्ध महिला की टूटी रीढ़ की हड्डी का बिना चीरे के माध्यम से अत्यंत नयी तकनीक काइफोप्लास्टी बैलून विधि के द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया। ज्ञात हो कि नयति के डॉक्टरों द्वारा रीढ़ की हड्डी के इस ऑपरेशन के दूसरे ही दिन बृद्धा को बैठा भी दिया गया। Read More

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