नयति के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कैथलैब से किया मस्तिष्क में फूलकर फटी नसों का इलाज

नयति में होता है न्यूरो की अत्याधुनिक तकनीक एंडोवेस्कुलर सर्जरी से इलाज
आगरा 9 सितंबर 2017। अभी तक देश के चुनिंदा शहरों में होने वाली एंडोवेस्कुलर न्यूरोसर्जरी को नयति मेडिसिटी मथुरा में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। आगरा निवासी 55 वर्षीय पूनम एक दिन अचानक चक्कर खाकर बेहोश हो गईं। परिवारीजन पूनम को तत्काल आगरा शहर के एक अस्पताल में ले गए जहॉ चिकित्सकों ने पूनम अग्रवाल को दिल्ली ले जाने की सलाह दी। रिश्तेदार की राय पर परिवारजन पूनम को नयति मेडिसिटी मथुरा ले आए जहां न्यूरोसर्जरी विभागध्यक्ष डॉ. एस.के. गुप्ता और उनकी टीम ने पूनम की कुछ गहन जांचें करवाईं। जांचों में पता चला कि पूनम के मस्तिष्क की कुछ नसें फूलकर फट चुकीं हैं जिनके कारण नसों के आस पास रक्त जमा हो चुका है। डॉ. एस.के. गुप्ता ने पूनम के परिवारजनों को इस बीमारी और इसके समाधान के लिए की जाने वाली एंडोवेस्कुलर न्यूरोसर्जरी के बारे में बताया। डॉ. एस.के. गुप्ता ने परिवारजनों को बताया कि इस सर्जरी में शरीर में मात्र एक छोटे से चीरे के द्वारा ही फूलकर फटी नसों को खोजकर उनका इलाज किया जाता है साथ ही क्षतिग्रस्त नसों को इस प्रकार स्वस्थ किया जाता है कि भविष्य में नसें इस प्रकार से न फूलें और न ही इस कारण से मस्तिष्क में रक्तस्त्राव हो। इस प्रकार की सर्जरी में मरीज को कुछ ही दिनों में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है और मरीज हफ्ते भर के अंदर ही अपने काम पर जा सकता है। पूनम अग्रवाल मात्र तीन दिन में पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर चली गईं।
नयति हेल्थकेयर के सीईओ डॉ. आर. के. मनी ने कहा कि हमारा उद्देश्य विश्वस्तरीय उपचार को टीयर2 और टीयर3 के मरीजों के पास तक ले जाना है। एंडोवेस्कुलर न्यूरो सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सर्जरी जो कि अभी तक चुनिंदा मैट्रो शहरों में होती थी आज हमारे ब्रज में हो रही है। अब किसी को विश्वस्तीय उपचार के लिए दिल्ली एनसीआर नही जाना पडे़गा।
हमारे विश्वस्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम और आधुनिक तकनीक द्वारा ही इस प्रकार की सर्जरी को क्षेत्र में सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है। हमारी किफायती विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाओं के चलते अब ब्रज ही नही बल्कि दिल्ली एन.सी.आर, के साथ देश के अन्य राज्यों और विदेशों से भी मरीज नयति में इलाज कराने आ रहे हैं। हमारे प्रयास नयति है सबके लिए के चलते अब एयर एंबूलेंस से भी मरीज उपचार के लिए नयति की ओर रूख कर रहे हैं।
नयति हेल्थकेयर के न्यूरोसर्जरी विभागध्यक्ष डॉ. एस.के. गुप्ता ने कहा कि पहले समय में इस प्रकार की सर्जरी के लिए सिर को खोला जाता था जिसके कारण मरीज को काफी दिनों तक अस्पताल में भी रहना पड़ता था। पुरानी तरीके से सर्जरी में मरीज को जान का खतरा और साथ ही अस्पताल का मोटा खर्च का भी जोखिम उठाना पड़ता था पर हमारे द्वारा की जाने वाली आधुनिकतम एंडोवेस्कुलर न्यूरो सर्जरी से शरीर में एक छोटा सा चीरा लगाकर ही इस प्रकार की बीमारियों का उपचार कर दिया जाता है जिससे मरीज को जान का जोखिम भी नही होता और साथ ही मरीज को कुछ ही दिनों में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है जिस कारण उपचार के खर्च भी ज्यादा नही बढ़ता है।

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