नयति ने मनाया वर्ल्ड ऑर्थराइटिस दिवस

उचित खानपान, व्यायाम तथा सन्तुलित वजन से हो सकता है ऑर्थराइटिस से बचाव – डॉ. विवेक फँसवाल

मथुरा 12 अक्टूबर। पिछले 18 महीने में हमने देखा है कि यहां ब्रज में हड्डियों से सम्बंधित रोगी काफी अधिक  आ रहे हैं जिनमें ऑर्थराइटिस के रोगी भी काफी मात्रा में हैं। नयति मेडिसिटी के हड्डी रोग विभाग में आज हड्डी रोगों से संबंधित हर प्रकार का विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध है। घुटना बदलना हो या कुल्हा अथवा किसी भी प्रकार का हड्डियों से संबंधित कोई उपचार, वह सब नयति में मौजूद है। इसके अलावा किसी भी प्रत्यारोपण से संबंधित ऑपरेशन के बाद होने वाली फिजियोथेरेपी भी नयति में उपलब्ध है। जिसके कारण मरीज अपने ऑपरेशन के दूसरे दिन से ही चलने की शुरुआत कर देते हैं। इसी प्रकार ऑर्थराइटिस की बीमारी जो उचित खानपान, व्यायाम की कमी के कारण हो सकती है। यह कहना था नयति मेडिसिटी के हड्डी रोग विभाग के प्रमुख डॉ. विवेक फँसवाल का जो वर्ल्ड ऑर्थराइटिस दिवस के अवसर पर पर नयति में आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कैल्शियम, खानपान की कमी अथवा बढ़े वजन के कारण घुटने घिस जाते हैं जिससे चलने फिरने में तकलीफ होने लगती है। इससे बचने के लिए हमको अपने खानपान का ध्यान रखते हुए शरीर के वजन का ध्यान रखना चाहिए और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए जिससे हम इस बीमारी से बच सकते हैं।

इस अवसर पर नयति हेल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हम समय समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाते रहते हैं। हमारा हमेशा से यह मानना है कि कुछ बीमारियां ऐसी है जो जागरूकता की कमी के कारण ही हो जाती हैं, यदि व्यक्ति अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उचित दिनचर्या और खानपान का ध्यान रखे तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

हमारा हमेशा से यह मानना है कि टियर 2 और टियर 3 शहरों के लोगों को भी विश्वस्तरीय इलाज की आवश्यकता है। नयति के आने से पहले जिस वर्ल्डक्लास ट्रीटमेंट के लिए लोगों को 150 किमी से अधिक की यात्रा करनी पड़ती थी, अब वो सारा इलाज एक ही छत के नीचे नयति में ही उपलब्ध है। आज नयति में हर उस बीमारी का विश्वस्तरीय तथा सम्पूर्ण इलाज उपलब्ध है जिसके लिए लोगों को दिल्ली और मुम्बई तक जाना पड़ता था।

नयति मेडिसिटी के फिजियोथेरेपी विभाग के प्रमुख डॉ. अपूर्व नारायण ने ऑर्थराइटिस से बचने के लिए कई प्रकार के व्यायाम बताये हुए कहा कि यदि यह व्यायाम हम अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें तो ऑर्थराइटिस की समस्या से बच सकते हैं। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. जितेंद्र गुप्ता, डॉ. सौरभ बंसल, डॉ शिव कुमार, डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. आफताब आलम और आउटरीच विभाग के विवेक दवे प्रमुख रूप से मौजूद थे।

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