नयति में भी विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ किडनी (गुर्दा) प्रत्यारोपण शुरू किडनी ट्रांसप्लांट के लिए उत्तर प्रदेश का पहला प्राइवेट हॉस्पिटल बना नयति

आगरा 29 नवम्बर। नयति हैल्थकेयर द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और नया आयाम स्थापित किया गया है। अब नयति मेडिसिटी, मथुरा में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा भी प्रारम्भ कर दी गयी है। अभी तक यह सुविधा उत्तर प्रदेश, बिहार तथा झारखंड आदि कई अन्य राज्यों के प्राइवेट अस्पतालों में नहीं थी, जिसके कारण किडनी से सम्बंधित मरीजों को किडनी प्रत्यारोपण के लिए देश के गिने चुने तथा बड़े महानगरों तक जाना पड़ता था लेकिन अब नयति में यह सुविधा प्रारम्भ होने के बाद मरीजों को अपनी किडनी के इलाज अथवा प्रत्यारोपण के लिए महानगरों तक नहीं जाना पड़ेगा।

नयति मेडिसिटी के किडनी रोग विभाग में अभी तक गुर्दे के प्रत्यारोपण के अलावा हर सुविधा (ओपीडी, आईपीडी, किडनी रोगों की क्रिटिकल केयर, हीमोडायलिसिस, स्पेशल डायलेसिस(एसएलईडी) आदि अन्य किडनी सम्बन्धी ऑपरेशन आदि) उपलब्ध थी लेकिन अब नयति में किडनी प्रत्यारोपण भी शुरू हो गया है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद किडनी ट्रांसप्लांट के लिए बड़े शहरों में होने वाले महंगे खर्च की अपेक्षा कम खर्च में नयति में ही मरीज अपना इलाज करा सकेंगे।

इस अवसर पर नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हमने जब नयति की शुरुआत की थी तब आंखों में एक ही सपना था कि हम नयति के द्वारा हर वह विश्वस्तरीय इलाज टियर 2 तथा टियर 3 शहरों तक पहुंचाएंगे जो सिर्फ देश के गिने चुने महानगरों में ही मिल पाता था वो भी महानगरों की अपेक्षा कम दामों में। अभी हाल ही में हमने अपने यहां पूरी तरह से सुसज्जित कैंसर विभाग की शुरुआत की जिसके बाद कैंसर के रोगियों को मुम्बई तक की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी क्योंकि अब नयति में कैंसर से संबंधित हर वो विश्वस्तरीय इलाज और सुविधा मौजूद है जो दुनिया के किसी भी बेहतरीन अस्पताल में है। इसी क्रम में अब हमने नयति में विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत की है जिसके बाद मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि लोगों को इसका लाभ मिलेगा। अभी हमारे यहां मथुरा निवासी 19 वर्षीय एक छात्र जो ग्वालियर में पढ़ रहे थे तथा 46 वर्षीय वैदेहीकान्त चौबे जो झारखंड के निवासी हैं उनका सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया जा चुका है।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ. आर के मनी ने कहा कि नयति में गुर्दा प्रत्योपण शुरू होने के बाद नयति उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा प्राइवेट हॉस्पिटल बन गया है जो टियर 2 शहर में स्थित है। हमारे यहां पहला गुर्दा प्रत्योपण कराने वाला 19 वर्षीय छात्र मथुरा का ही निवासी था और जिसके परिवार को उसका गुर्दा प्रत्यारोपित कराने के लिए किसी बड़े महानगर तक नहीं जाना पड़ा। जिसकी वजह से ऑपरेशन में होने वाले खर्च में भी काफी कमी आयी और ऑपरेशन के अलावा जो खर्च तीमारदारों के रहने आदि में होता है उसमें भी कटौती हुई।

नयति मेडिसिटी के यूरोलॉजी,युरोओंको तथा किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के अध्यक्ष डॉ. पीबी सिंह ने बताया कि नयति आने से पहले वैदेहीकान्त चौबे दिल्ली तथा देश के कई अन्य शहरों के सरकारी तथा प्राइवेट अस्पतालों में अपने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जा चुके थे। प्राइवेट अस्पतालों में खर्च ज्यादा था तो सरकारी अस्पतालों में उनको कई महीने बाद का समय दिया गया और वे इतना इंतजार नहीं कर सकते थे। तभी उन्हें मथुरा में नयति के बारे में पता चला, लेकिन उनके मन में एक शंका थी कि मथुरा छोटी जगह है पता नहीं कैसा अस्पताल होगा, कैसे डॉक्टर होंगे, यही सब बातें उनके दिमाग में चल रही थीं। लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी (जो डोनर भी थीं) के साथ नयति आने का फैसला किया।

नयति आकर और यहां के डॉक्टरों से मिलकर तथा यहां की विश्वस्तरीय सुविधाएं तथा कम खर्च को देखकर वे काफी संतुष्ट हुए (क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी) और उन्होंने नयति में ही अपना किडनी ट्रांसप्लांट कराने का फैसला किया।

चौबे जी मधुमेह से भी पीड़ित थे। डॉ. पीबी सिंह तथा डॉ. केएम साहू ने किडनी ट्रांसप्लांट करने से पहले उनकी जरूरी जांच कराई।जांच करने के बाद उनकी किडनी ट्रांसप्लांट कर दी गयी। ट्रांसप्लांट के बाद चौबे तथा किडनी देने वाली उनकी पत्नी बिल्कुल ठीक हैं।

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