नयति में मात्र 1.25 लाख में होगी “बैरियाट्रिक सर्जरी”

मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए वरदान है बैरियाट्रिक सर्जरी’

मथुरा, आगरा 12 सितम्बर। मोटापा इन्सान के ऊपर कुदरत का वो कहर है जो अकेला नहीं आता बल्कि साथ में लाता है डाइबिटीज, ब्लडप्रेशर, हाइपरटेंशन, थाइराइड, घुटनों की परेशानी एसिडिटी और भी पता नहीं कितनी बीमारियां अपने साथ लाता है। मोटापा आने के बाद रुकता नहीं बल्कि दिनोंदिन बढ़ता ही जाता है और जिसकी जिन्दगी में ये आया उसका जीना मुश्किल कर देता है। इससे बचने को इन्सान क्या क्या जतन नहीं करता? जिम जाना, डाइटिंग करना, टहलना और भी पता नहीं क्या क्या, लेकिन मोटापा तो आकर ऐसा घर बसाता है कि जाने कां नाम ही नहीं लेता और इससे ग्रस्त इन्सान इसे अपनी खराब किस्मत समझकर हीनभावना के साथ इसके साथ जीने को मजबूर हो जाता है।
बैरियाट्रिक सर्जरी के आने के बाद मोटापे से ग्रस्त लोगों के जीवन में एक चमत्कार होने लगा है जो लोग मोटापे को अपना प्रारब्ध मान चुके थे वे बैरियाट्रिक सर्जरी कराने के बाद अपने सामान्य वजन के साथ इतराते घूम रहे हैं और जो बीमारियां उन्हें घेरे हुई थीं उनसे भी उन्हें मुक्ति मिल गयी।
नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आर के मनी ने कहा कि पिछले 18 महीनों में हमने देखा है कि इस क्षेत्र में खान-पान तथा की वजह से लोगों में मोटापा, डाइबिटीज तथा अन्य बीमारियां घर कर रही हैं। बैरियाट्रिक सर्जरी … जो अभी तक केवल देश के कुछ गिने चुने शहरों में ही होती थी और जिनके लिए 3.5 से 4.5 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते थे जो हमको लगा कि यहां के लोगों के लिए अधिक थे। हमने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए और अपने ध्येय वाक्य ’नयति है सबके लिए’ पर चलते हुए उचित दरों पर बैरियाट्रिक सर्जरी करने का फैसला किया है, अब नयति में यह सर्जरी मात्र 1.25 लाख में हो जाया करेगी।

नयति में बैरियाट्रिक सर्जरी करने वाले डॉ. योगेश अग्रवाल तथा उनकी टीम इस क्षेत्र की काफी अनुभवी टीम है जो अभी तक 2000 के लगभग सफलतम बैरियाट्रिक सर्जरी कर चकी है। डॉ. योगेश अग्रवाल नयति मेडिसिटी के मिनिमल एक्सैस सर्जरी, बैरियाट्रिक एण्ड गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल सर्जरी एवं गेस्ट्रो इंटेस्टाइनल विभाग के चेयरमैन हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक बैरियाट्रिक सर्जरी केवल विदेशों तथा गिने चुने कुछ बड़े शहरों में ही सम्भव थी, लेकिन मथुरा स्थित नयति मेडिसिटी तथा आगरा में नयति मेडिसेंटर में भी यह सर्जरी लगातार हो रही है और अब तक इस क्षेत्र के भी कई मरीज इस सर्जरी का लाभ उठा चुके हैं। इस क्षेत्र में मोटापे की वजह से डाइबिटीज, थाइराइड, ब्लडप्रेशर आदि बीमारियां अनियमित खानपान तथा पानी के कारण बहुतायत में पाई जाती है। मोटापा दूर करने वाली यह सर्जरी कोई नई नहीं है। भारत में यह 1998 से की जा रही है लेकिन ये अभी तक महानगरों और बड़े बड़े शहरों तक ही सीमित थी किन्तु अब नयति मेडिसिटी मथुरा और नयति मेडिसेंटर आगरा में यह उपलब्ध है। बैरियाट्रिक सर्जरी कराने के बाद कई अन्य बीमारियों से भी मुक्ति मिल जाती है।
उन्होंने कहा कि बैरियाट्रिक सर्जरी कराने के तुरन्त बाद मरीज का एक ग्राम वजन भी कम नहीं होता। पहले तीन से चार महीने में 35 से 40 किलो वजन कम होता है और उसके बाद हर महीने 4 से 5 किलो वजन कम होने लगता है 8 से 9 महीने में व्यक्ति अपना सामान्य वजन प्राप्त कर लेता है। सर्जरी के दूसरे दिन ही मरीज अपने घर चला जाता है। लैप्रोस्कोपिक तकनीक से की जाने वाली यह सर्जरी मोटापा कम करने के अलावा कई अन्य बीमारियों से भी निजात दिलाती है।
इसके अलावा भी हमारे यहां लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के माध्यम से कई अन्य ऑपरेशन भी किये जाते हैं। आपको यकीन नहीं होगा कि एक छोटी सी लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के माध्यम से एसिडिटी की शिकायत हमेशा के लिए दूर हो सकती है।
इसी तरह लोगों में यह भ्रम है कि डाइबिटीज एक लाइलाज बीमारी है लेकिन इस मोटाबॉलिक सर्जरी से यह भी पूरी तरह ठीक हो सकती है हमारे यहाँ आमाशय, हर्निया, पित्ताशय, तथा आंतों के ऑपरेशन 95 प्रतिशत तक लेप्रोस्कोपी तकनीक के माध्यम से किये जाते हैं, जिनकी वजह से मरीज दूसरे दिन ही अपने घर जा सकता है। और तो और एक हफ्ते के अन्दर मरीज अपने काम पर भी जा सकता है और पहले की तरह अपना जीवन व्यतीत कर सकता है।

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