नयति में सम्पन्न हुआ नर्सिंग के क्षेत्र में देश का पहला समागम देश भर के 500 से अधिक नर्सों का रहा जमावड़ा

स्वास्थ्य क्षेत्र में नर्सिंग का होता है विशेष योगदान : नीरा राडिया
मथुरा 16 जनवरी। नयति मेडिसिटी, मथुरा में नयति केयर एक्सीलेंस का आयोजन किया गया जिसमें देश भर से आये नर्सिंग से जुड़े लोगों का अभूतपूर्व योगदान रहा, जहां आये हुए लोगों ने एक दूसरे के साथ अपने विचार साझा किए।
ज्ञात हो कि देश में इस प्रकार का नर्सिंग केयर का सेमिनार पहली बार हुआ है। इस समागम में नर्सिंग से जुड़े हर क्षेत्र को लेकर चर्चा की गई, वो चाहे मरीज की देखभाल हो अथवा कोई आधुनिक तकनीक।
इस अवसर पर नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में जितना योगदान डॉक्टर का होता है उतना ही नर्सिंग से जुड़े लोगों का भी होता है। नर्सिंग मात्र पेशा नहीं है, बल्कि नर्सिंग में एक सेवाभाव है। जब भी कोई मरीज अस्पताल में भर्ती होता है तब उसकी देखभाल के लिए नर्स की विशेष भूमिका होती है। हमने तय किया कि हमारे यहां की नर्सों के साथ देश भर के नर्सों के अनुभव साझा हों जिससे वह और बेहतर तरीके से अपने मरीजों की देखभाल कर सकें।
हमारा हमेशा से यह प्रयास रहता है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में देश और दुनिया के किसी भी कोने में चल रहे बेहतरीन उपचार तथा स्वास्थ्य सेवाएं देश के हर छोटे शहर तक पहुंचे। नयति का हमेशा से यही उद्देश्य रहा है कि विश्वस्तरीय एवं आधुनिक हैल्थकेयर को वहां तक पहुंचाना है जहां से वह देश के किसी भी आम इंसान तक पहुंच सके। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नर्सिंग का भी अपना विशेष योगदान रहता है, इसीलिए हम नर्सिंग से जुड़े लोगों के लिए भी समय समय पर कार्यक्रम चलाते रहते हैं। हम प्रयास करते हैं कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे किसी भी विभाग के लोग विश्व की आधुनिक तकनीक तथा कार्यशैली को अपना सकें जिससे मरीज को बेहतरीन उपचार प्राप्त हो सके। इसके लिए नयति समय समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता रहा है और भविष्य में भी करता रहेगा।
नयति के सीईओ डॉ. आरके मनी ने कहा कि अस्पताल में किसी भी मरीज के पास सबसे अधिक समय बिताने वाली नर्स ही होती है। बीमारी के समय मरीज की मनोदशा पर भी काफी गहरा असर पड़ता है, ऐसे में किसी कुशल नर्स की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उसे समय समय पर मरीज को दवा आदि के अलावा मरीज के साथ किया गया अच्छा व्यवहार तथा देखभाल मरीज को जल्दी स्वस्थ होने में काफी बेहतर तरीके से कार्य करता है।
हमने तय किया कि हमारे यहां की नर्सों के साथ देश भर के नर्सों के अनुभव साझा हों जिससे वह और बेहतर तरीके से अपने मरीजों की देखभाल कर सकें।
नयति मेडिसिटी के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. उबैद ने कहा कि डॉक्टर और मरीज के बीच एक सेतु का काम करती है नर्स। नर्सिंग स्कूलों में नर्सिंग की जो शिक्षा दी जा रही है वह केवल थ्योरी पर ही आधारित होती है प्रैक्टिकल की काफी कमी होती है, जिसके कारण उक्त नर्सों को परिपक्व और अनुभवी नर्स बनने के लिए और दो से तीन वर्ष का समय लग जाता है। हमारा मानना है कि नर्सिंग की शिक्षा इस प्रकार की हो कि उन्हें नर्सिंग स्कूलों में पढ़ाई के समय ही मरीज की देखभाल आदि की भी पूरी जानकारी मिल सके जिससे नर्स जब भी अपनी शिक्षा पूरी करके बाहर आये तो वह अस्पतालों में अपनी बेहतर सेवाएं दे सकें।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ प्रो. शान्तनु चैधरी, डॉ. योगेश अग्रवाल, शीनू वर्गिस, सिसलिया गोम्स, बिजेश जोसेफ आदि उपस्थित थे।

 

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