नयति में 80 वर्षीय बृद्ध के कैंसर ग्रस्त होंठ का हुआ सफल ऑपरेशन

कलाई की त्वचा के माध्यम से बदला गया होंठ
मथुरा 23 अक्टूबर। मुँह के कैंसर से पिछले कई वर्षों से जूझ रहे 80 वर्षीय मेहर सिंह दवर का नयति मेडिसिटी में सफलता पूर्वक ऑपरेशन द्वारा इलाज करके नया जीवन प्रदान किया गया।
ज्ञात हो कि मेहर सिंह को लगभग 4 वर्ष पहले मुँह में छाले की शिकायत हुई थी, काफी दवा खाने के बाद भी उनकी छालों की समस्या खत्म नहीं हुई। धीरे धीरे उन छालों ने घाव का रूप धारण कर लिया और उनके मुँह के निचले होंठ को अपनी जद में ले लिया। काफी दवा कराने के बाद भी उनको कोई फायदा नहीं मिल पा रहा था जिसके चलते वे कुछ भी खाने पीने तक के लिए असमर्थ हो गए थे। उनके मुंह का निचला होंठ सड़ने लगा था और मुँह से बदबू भी आने लगी थी। कहीं से कोई लाभ न मिलता देख वे नयति मेडिसिटी आये और यहां आकर वे कैंसर सर्जन डॉ. रविकान्त अरोरा से मिले। जांच करने पर पता चला कि मेहर सिंह के निचले होंठ को कैंसर ने बुरी तरह जकड़ लिया है जो जबड़े को भी प्रभावित कर रहा है, जिसका तत्काल ऑपरेशन करना जरूरी है। परिवार की स्वीकृति के बाद उनका ऑपरेशन कर दिया गया, जिसके बाद वे बिल्कुल स्वस्थ हैं तथा अपना जीवन सामान्य तौर से व्यतीत कर सकते हैं।
इस अवसर पर ’नयति मेडिसिटी के कैंसर सेन्टर के चेयरमैन डॉ. (प्रो.) शान्तनु चैधरी ने कहा कि हमारे यहां के कैंसर विभाग में कैंसर से संबंधित हर वो उपचार उपलब्ध है जो अभी तक देश के केवल गिने चुने शहरों में ही मिल पाता था। कैंसर अब लाइलाज नहीं है, मरीज यदि समय रहते कैंसर का उचित इलाज करा लें तो वह पूरी तरह से ठीक हो सकता है। हमने ब्रज में जब नयति की शुरुआत की थी तब बस एक यही बात मन में थी कि ब्रज के लोगों को हम विश्व का बेहतरीन उपचार उपलब्ध कराएं। हमारे यहां अपने कैंसर का उपचार करा चुके मेहर सिंह तथा उनके परिवार के चेहरे पर आयी मुस्कुराहट से हमको भी बहुत खुशी का अनुभव हो रहा है। अभी नयति में कैंसर के क्लिनिकल तथा कीमोथेरेपी, सर्जीकल विभाग शुरू हैं, आने वाले कुछ ही दिनों में यहां रेडिएशन की भी शुरुआत हो जाएगी, जिसके बाद कैंसर के मरीज को दिल्ली और मुम्बई में मिलने वाला विश्वस्तरीय हर प्रकार का इलाज एक ही छत के नीचे मिल जाया करेगा।
नयति मेडिसिटी के कैंसर विभाग के कैंसर सर्जन डॉ. रविकान्त अरोरा ने कहा कि जब मेहर सिंह हमारे यहां आए थे तब इनका निचला होंठ कैंसर से बुरी तरह ग्रस्त था जिसका असर इनके जबड़े तक हो रहा था। इनका कैंसर उस स्टेज तक पहुंच चुका था जो बिना ऑपरेशन के सही नहीं हो सकता था। परिवार से सहमति के बाद हमने मेहर सिंह की सर्जरी प्लान की। इनके होंठ का कैंसर जबड़े तथा गले तक फैल चुका था जिसको ठीक करना जरूरी था। हमारे सामने तीन चुनौतियां थीं, पहली तो ये की इनका कैंसर ग्रस्त होंठ निकलना है, दूसरा दोबारा बनाना है और ऐसा बनाना है कि वे अपनी दिनचर्या (खानापीना) सही से कर सकें और तीसरा ये कि भविष्य में कैंसर दोबारा न हो जाये।
इन्हीं सब बातों का ध्यान रखते हुए हमने मेहर सिंह का कैंसरयुक्त होंठ निकाल कर उनकी कलाई की त्वचा से नया होंठ लगा दिया इसके अलावा उनके गले तक के भाग की सफाई भी कर दी गयी। ऑपरेशन के बाद मेहर सिंह बिल्कुल स्वस्थ हैं और अब सामान्य रूप से अपना जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

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