नयति मेडिसिटी ने मनाया विश्व हेपेटाइटिस दिवस 72 लोगों की हुई निःशुल्क जाँच जागरूकता ही बचाव हैः डॉ. कपिल शर्मा

मथुरा 28 जुलाई। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय नागरिकों को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करने के लिए अस्पताल परिसर में में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें 90 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर आए हुए लोगों में 72 की निःशुल्क हेपेटाइटिस बी तथा सी की जांच भी की गई। 19 लोग हेपेटाइटिस बी अथवा सी से से ग्रस्त पाए गए।
इस अवसर पर नयति मेडिसिटी के गैस्ट्रोएंटोलॉजिस्ट डॉ. कपिल शर्मा ने कहा कि विश्व मे 35 करोड़ से अधिक लोग हेपेटाइटिस बी अथवा सी से पीड़ित हैं। हर वर्ष लगभग 13 लाख लोग इस बीमारी की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। इस बीमारी का कोई लक्षण नहीं होता, केवल जांच कराने से ही इस बीमारी के बारे में जाना जा सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक रहते हुए अपनी हेपेटाइटिस की जांच अवश्य करा लेनी चाहिए, जिससे समय रहते बचाव किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई पीलिया, बुखार, लगातार थकावट या खुजली से पीड़ित है या किसी के परिवार में किसी अन्य सदस्य को हेपेटाइटिस बी अथवा सी की शिकायत है तो उसे तुरन्त अपनी जांच भी कर लेनी चाहिए। 10 में से 8 लोगों को पता ही नहीं चल पाता कि वे हेपेटाइटिस बी या सी से ग्रस्त हैं। लीवर सिरोसिस होने का मुख्य कारण हेपेटाइटिस बी और सी हैं, जिसके होने के बाद लीवर फेल तक जाता है और लीवर को प्रत्यारोपित तक करना पड़ सकता है।
नयति मेडिसिटी के ब्लड बैंक के प्रमुख डॉ. नवीन अग्निहोत्री ने कहा कि अधिकतर लोगों को पता ही नहीं चलता कि वे हेपेटाइटिस से पीड़ित हैं और जब तक पता चलता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है। इस बीमारी का सीधा असर लीवर पर होता है जिससे कभी कभी लीवर फेल तक हो जाता है। यदि समय पर हैपेटाइटिस के टीके लगवा लिए जाएं तो इस बीमारी से बचा जा सकता है।
हेपेटाइटिस ए, ई दूषित पानी तथा भोजन से, तथा हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमित खून तथा सुइयां अथवा असुरक्षित यौन संबंधों से हो सकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. एच एल वर्मा, अंशू मदान, डॉ. कपिल शर्मा तथा डॉ. नवीन अग्निहोत्री ने दीपक जलाकर की।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. सागर टुटेजा, विवेक दवे, आशुतोष कुमार, नवनीत सिंह, हेमराज सिंह, पारखी अग्रवाल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

Back