नयति हॉस्पिटल, मथुरा ने खिलाई करनाल की 18 माह की मन्नत के होठों पर मुस्कान

घरों की पेन्टिंग करके अपने परिवार को जैसे तैसे चलाने वाले करनाल निवासी नीरज और उनकी पत्नी की फूल सी डेढ़ साल की बच्ची मन्नत लगातार आने वाली खांसी से परेशान थी कई डॉक्टरों को दिखाने के बाद कोई लाभ ना होने पर वे उसे लेकर चंडीगढ़ के एक बड़े अस्पताल लेकर गए जहाँ के डॉक्टरों ने मन्नत के दिल में छेद (ब्लू बेबी सिंड्रोम) बता दिया और यह भी कहा कि जब तक इस बच्ची का वजन 10 किलो नहीं हो जाता तब तक हम कुछ नहीं कर सकते। तभी उन्हें किसी ने नयति हॉस्पिटल, मथुरा के बारे में बताया कि अभी तक वहां कई छोटे बच्चों के हृदय के सफल ऑपरेशन हो चुके हैं। और वे अपनी बेटी को लेकर नयति हॉस्पिटल आ गये।

नयति हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मन्नत की सघन जाँच की और पाया कि यदि जल्द ही इस बच्ची का ऑपरेशन ना हुआ तो इस बच्ची की तबियत और भी बिगड़ सकती है। लेकिन विजय के पास मन्नत के इलाज तथा ऑपरेशन के लिए पैसे नहीं थे। नयति हॉस्पिटल प्रशासन ने तब मन्नत के इलाज में होने वाले खर्च को नयति पीड्रियाट्रिक फाउंडेशन के माध्यम से कराने का निर्णय लिया। ज्ञात हो कि नयति पीड्रियाट्रिक फाउंडेशन उन गरीब तथा असहाय परिवारों के बच्चों के हृदय तथा कैंसर सम्बन्धी उपचार तथा ऑपरेशन निशुल्क करा रहा है जिनका इलाज पैसों के अभाव में नहीं हो पाता।
इस अवसर पर नयति हॉस्पिटल की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हमारा शुरू से यह मानना रहा है कि समाज के हर तबके तक विश्वस्तरीय उपचार पहुंचे। अपनी इसी सोच के कारण हमने नयति हॉस्पिटल की स्थापना किसी महानगर में नहीं की और आगे भी हम टिअर 2 तथा टिअर 3 शहरों में ही नयति हॉस्पिटल खोलेंगे। आज देश भर के लोगों का नयति हॉस्पिटल पर विश्वास बढ़ रहा है। बच्चे देश का भविष्य होते हैं और उन्हें स्वस्थ रखना हम सभी का दायित्व है अपनी इसी सोच के साथ हमने नवम्बर में नयति पीडियाट्रिक फाउंडेशन की स्थापना जूना अखाड़े के महन्त स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज की अध्यक्षता में की, जिसके माध्यम से असहाय तथा गरीब बच्चे जो हृदय अथवा कैंसर जैसी गम्भीर बीमारियों से पीड़ित हैं उनका निशुल्क इलाज कराया जा रहा है। नवम्बर से अब तक इस फाउंडेशन की ओर से 12 से अधिक बच्चों का इलाज कराया जा चुका है और नयति हॉस्पिटल में पिछले 8 माह में 55 से अधिक बच्चे अपने हृदय की सर्जरी कराकर स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। हमारे यहाँ उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, हरियाणा, पंजाब तथा अन्य राज्यों से भी लोग अपने बच्चों के इलाज को आ रहे हैं, हमारा पूरा प्रयास है कि हम सभी हृदय तथा कैंसर से पीड़ित गरीब तथा असहाय बच्चों के चेहरे पर मुस्कान दे सकें, और आज मैं करनाल निवासी डेढ़ साल की मन्नत तथा उसके परिवार के चेहरे पर मुस्कान देखकर बहुत ही ज्यादा खुश हूँ। करनाल कुरुक्षेत्र के पास स्थित है जहाँ भगवान कृष्ण ने महाभारत में अपना अतुलनीय योगदान दिया था और वो भगवान कृष्ण की कर्मभूमि भी थी। भगवान कृष्ण की कर्मभूमि से जन्मभूमि आयी बच्ची के हृदय का ऑपरेशन नयति हॉस्पिटल,मथुरा में कराने का हमको जो अवसर मिला उसे मैं अपने ऊपर भगवान कृष्ण का आशीर्वाद समझती हूँ
नयति हॉस्पिटल के पैड्रियाट्रिक कार्डियक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. सुनील पी. के. ने बताया कि बच्चों में कई बार ब्लू बेबी सिंड्रोम(दिल में छेद) की बीमारी हो जाती है जिसमें नाख़ून नीले हो जाते हैं, हर वक्त जुकाम या खांसी भी रहती है। मरीज को यदि समय पर इलाज मिल जाये तो वह बिल्कुल स्वस्थ होकर अपना जीवन जी सकता है।

 

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