नयति हॉस्पिटल में कॉइलिंग तकनीक के माध्यम से हुआ ब्रेन हेमरेज का सफल ऑपरेशन …

मथुरा। सिर में तेज दर्द होने के बाद आगरा निवासी ५५ वर्षीय कुसुम (काल्पनिक नाम) अचानक बेहोश हो गयी, जिसके बाद आनन फानन में उसे निकट के अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने सीटी स्केन करने पर पाया कि उसके सिर के अंदरूनी भाग में खून का रिसाव हो रहा है अर्थात कुसुम को ब्रेन हेमरेज हुआ था। डॉक्टरों ने कुसुम को दिल्ली ले जाने की सलाह दी। किन्तु परिवार वाले कुसुम को नयति अस्पताल ले आये जहाँ नयति हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी विभाग ने दिमाग की एन्जियोग्राफी करने के बाद पाया कि कुसुम के दिमाग की कई नसें कमजोर होने के कारण फूलकर फट गई थी जिनसे खून का रिसाव हो रहा था। जिसके बाद नयति हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने कुसुम की नसों की कॉइलिंग तकनीक के माध्यम से ऑपरेशन किया जिसमें फूली हुई नसों को प्लेटेनिक कोइल के माध्यम से मजबूती प्रदान की जाती है जिससे नसें कमजोर होने के बावजूद अपनी जगह नहीं छोड़ पाती और ना फट पाती हैं।

नयति हॉस्पिटल की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा इस प्रकार का इलाज अभी तक इस क्षेत्र में मौजूद नहीं था अभी तक इस प्रकार के इलाज के लिए मरीज को दिल्ली एनसीआर आदि ही जाना पड़ता था किन्तु नयति हॉस्पिटल में इस प्रकार की तकनीक आने के बाद मरीज को कहीं बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। अब नयति हॉस्पिटल में हर प्रकार की बीमारी का इलाज सम्भव है। भविष्य में भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में यदि कोई नई तकनीक आएगी तो सबसे पहले हम उसे नयति हॉस्पिटल में लाने का प्रयास करेंगे।

डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि ब्रेन हेमरेज का नाम सुनते ही लोग एक अजीब तरह के डर से घिर जाते ह एक आंकड़े के अनुसार ब्रज क्षेत्र में प्रति वर्ष ब्रेन हेमरेज के लगभग 3 से 4 हजार मरीज पाये जाते हैं जागरूकता की कमी तथा अभी तक इस क्षेत्र में उचित इलाज ना होने के कारण इनमें से कई मरीज अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं, किन्तु यदि मरीज को सही समय पर उचित इलाज मिल जाये तो उसकी जान को बचाया जा सकता है।

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