सुविख्यात गेस्ट्रो इंटेस्टाइनल एवं बेरियाटिक सर्जन डॉ. योगेश अग्रवाल बने नयति मेडिसिटी का हिस्सा

भरतपुर 7 फरवरी। नयति मेडिसिटी ने विश्व के जानेमाने गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल एवं बेरियाटिक सर्जन डॉ. योगेश अग्रवाल तथा उनकी टीम के नयति मेडिसिटी के साथ जुड़ने की घोषणा की। ज्ञात हो कि डॉ. अग्रवाल को कियो यूनिवर्सिटी, टोकियो जापान, माउन्ट एलिजाबेथ हॉस्पिटल, सिंगापुर, तथा माउन्ट सिनाई मेडिकल सेन्टर, न्यूयार्क, यूएसए से फेलोशिप करने का गौरव प्राप्त है। इसके अलावा दिल्ली एनसीआर के सर गंगाराम हॉस्पिटल, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, एवं फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुड़गांव जैसे जाने माने अस्पतालों को हैड ऑफ डिपार्टमेंट के रूप में सेवाएं दे चुके डॉ. योगेश अग्रवाल अभी तक आमाशय तथा आँतों की 20 हजार से अधिक तथा वजन कम करने वाली 1500 से अधिक सर्जरी कर चुके हैं।

इस अवसर पर नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हमने क्षेत्रवासियों से एक विश्वस्तरीय हॉस्पिटल देने का वादा किया था और फरवरी 2016 में 351 बेड के हॉस्पिटल का संचालन शुरू किया था। मैं नयति मेडिसिटी के साथ दुनिया के जानेमाने डा. योगेश अग्रवाल तथा उनकी टीम के डॉ. अजय अग्रवाल सीनियर कंसलटेंट मिनिमल एक्सैस सर्जरी, बैरियाटिक एण्ड गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल सर्जरी, डॉ. कपिल शर्मा कन्सल्टेन्ट गैस्ट्रोएन्ट्रोलॉजी  का स्वागत करती हूं । अभी तक हमारे यहां हृदय रोग विभाग द्वारा 5 महीने के बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक के ऐसे ऑपरेशन किये जा चुके हैं जिन्हें दिल्ली तक के कई डॉक्टरों ने करने से मना कर दिया था। हमारे यहाँ का न्यूरो विभाग भी नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। नयति मेडिसिटी के कैंसर विभाग में कैंसर का हर वो उपचार मौजूद है जो कि कैंसर के रोगियों को मिलना चाहिए। डॉ. योगेश अग्रवाल के जुड़्ने से हमें यकीन है कि गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल एवं बेरियाटिक सर्जरी के क्षेत्र में नये आयाम प्रस्तुत करेंगे।

हमारा मानना है कि बेहतरीन डॉक्टरों तथा विश्वस्तरीय तकनीक पर केवल महानगरों अथवा मैट्रो सिटीज का ही अधिकार नहीं है। हमारा शुरू से यह प्रयास रहा है कि देश और दुनिया के बेहतरीन डॉक्टर हमारे हॉस्पिटल का हिस्सा बन कर लोगों को अपनी स्वास्थ्य सेवाएं दे सकें और इसमें हम कामयाब भी हुए हैं। आज नयति मेडिसिटी के पास स्वास्थ्य सम्बन्धी हर क्षेत्र के विशेषज्ञ मौजूद हैं। भविष्य में जब भी कोई नई तकनीक आएगी उसे हम अपने यहाँ सबसे पहले लाने का प्रयास करेंगे।

नयति मेडिसिटी के मिनिमल एक्सैस सर्जरी, बैरियाटिक एण्ड गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल सर्जरी एवं गेस्ट्रो इंटेस्टाइनल विभाग के चेयरमैन डॉ. योगेश अग्रवाल ने कहा कि बढ़े हुए वजन के लोगों की बैरियाटिक सर्जरी करके उन्हें संतुलित किया जा सकता है। अभी तक इस प्रकार की सर्जरी केवल विदेशों तथा बड़े शहरों में ही सम्भव थी, लेकिन अब पास में ही मथुरा स्थित नयति मेडिसिटी में भी इस प्रकार की सर्जरी शुरू हो गयी है।  अनियमित खानपान तथा पानी के कारण यहाँ लोगों में एसिडिटी तथा डाइबिटीज की शिकायत बहुतायत में पाई जाती है, और आपको यकीन नहीं होगा कि एक छोटी सी लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के माध्यम से एसिडिटी की शिकायत हमेशा के लिए दूर हो सकती है। इसी तरह लोगों में यह भ्रम है कि डाइबिटीज एक लाइलाज बीमारी है लेकिन उचित चिकित्सा से यह भी पूरी तरह ठीक हो सकती हैप हमारे यहाँ आमाशय, हर्निया, पित्ताशय, तथा आंतों के ऑपरेशन 95 प्रतिशत तक लेप्रोस्कोपी तकनीक के माध्यम से किये जाते हैं, जिनकी वजह से मरीज दूसरे दिन ही अपने घर जा सकता है। और तो और एक हफ्ते के अन्दर मरीज अपने काम पर भी जा सकता है और पहले की तरह अपना जीवन व्यतीत कर सकता है।

 

 

 

 

 

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