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May 30, 2018

नयति में पैट सीटी स्कैन द्वारा कैंसर तथा अन्य बीमारियों की मिल रही सटीक जानकारी

  • 30 May, 2018

मथुरा 30 मई। नयति मेडिसिटी में पैट सीटी स्कैन द्वारा कैंसर अथवा किसी अन्य बीमारी जैसे हार्ट या न्यूरो से सम्बंधित किसी भी परेशानी की सटीक जानकारी प्राप्त की जा रही है जिससे मरीज को दिये जाने वाला इलाज और अधिक कारगर हो पा रहा है। अभी तक यह मशीन दिल्ली, मुम्बई जैसे महानगरों में ही उपलब्ध थी। पश्चिमी उ.प्र. में में पहली बार शुरू होने वाली इस मशीन के द्वारा ब्रजवासियों तथा आसपास के लोगों को अब उनके घर के पास नयति में ही बेहतरीन जांच तथा इलाज मिल रहा है, जिससे उनके समय के साथ इलाज पर होने वाले खर्च में भी काफी कमी आ रही है। यह कहना था नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ. आरके मनी का जो नयति में उपलब्ध पैट सीटीस्कैन के बारे में जानकारी दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमारा हमेशा से यह मानना था कि जो इलाज देश के जाने माने शहरों तक ही सीमित था वह टियर 2 एवं टियर 3 शहरों के लोगों तक भी पहुंचे, उसी क्रम में हम नयति में यह पैट सीटीस्कैन लेकर आये हैं। महानगरों में पैट सीटी स्कैन मशीन द्वारा होने वाली जांच का खर्च भी नयति में 35 प्रतिशत तक कम आता है।
नयति मेडिसिटी के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की डायरेक्टर डॉ. संगीता टिक्कू ने पैट सीटीस्कैन के बारे में बताते हुए कहा इसके द्वारा एक बार मे ही पूरे शरीर की जांच हो जाती है जिससे शरीर के किस हिस्से में कैंसर है अथवा किस हिस्से के कैंसर की कोशिकाएं सक्रिय हैं उसका सटीक पता चल जाता है। इस मशीन द्वारा मरीज की जांच से पहले मरीज के शरीर में रेडियोएक्टिव ग्लूकोज इंजेक्ट किया जाता है उसके बाद मशीन पर लिटाकर मरीज को मशीन के अंदर भेज जाता है। इस सारी प्रक्रिया में लगभग 30 मिनट का समय लगता है।


इस मशीन द्वारा जांच के बाद कैंसर के मरीजों को दिए जाने वाला रेडिएशन कैंसर की सटीक जगह पर ही दिया जा सकेगा जिससे कैंसर ग्रस्त कोशिकाओं के अलावा शरीर के किसी हिस्से पर रेडियेशन का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, और कैंसर ग्रस्त कोशिकाओं पर रेडिएशन का प्रभाव पड़ रहा है या नहीं यह भी इस मशीन के द्वारा पता चल सकता है जिसके बाद कैंसर का इलाज बेहतरीन तरीके से किया जा सकेगा।

May 24, 2018

नयति हैल्थकेयर मनायेगा विश्व तंबाकू निषेध सप्ताह नयति मेडिसिटी व नयति हॉस्पिटल में तंबाकू निवारण क्लीनिक की हुई शुरूआत

  • 24 May, 2018

24 मई। नयति हेल्थकेयर द्वारा तंबाकू निषेध सप्ताह मनाया जायेगा, जो 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस तक चलेगा। इस दौरान लोगों को जागरूक करने के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा, जिसमें सप्ताह भर विभिन्न स्थानों पर निशुल्क कैम्प, नुक्कड़ नाटक, तंबाकू से होने वाले नुकसान एवं बचाव की जानकारी दी जाएंगी। इस दौरान अस्पताल परिसर में एक नयति तंबाकू निवारण क्लीनिक की शुरुआत भी की गयी, जो खासतौर से तंबाकू से पीड़ित मरीजों के लिए ही स्थापित की गयी है। आमजन तक तंबाकू के दुष्परिणामों को पहुंचाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों मे नुक्कड नाटकों का भी आयोजन किया जा रहा है।

सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत नयति परिसर से नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आरके मनी के साथ वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम ने सांकेतिक रूप से कैसर की मुख्य जड़ सिगरेट को तोड़ते हुए लोगों को तम्बाकू से दूर रहने की सलाह दी। हर साल तंबाकू से होने वाली जनहानी, और बढ़ते हए दुष्परिणामों को देखते हुए विश्व भर में तंबाकू से होने वाले खतरों से बचने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए इस दिन का आयोजन हर वर्ष किया जाता है। कार्यक्रम में उपस्थित डाक्टरों ने तंबाकू और धूम्रपान से होने वाली बीमारियों और उनसे बचने के उपायों के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में कैंसर रोग विभाग, श्वसन रोग विभाग, हृदय रोग विभाग, मनोचिकित्सक विभाग, न्यूरो सर्जरी विभाग, हड्डी एवं जोड़ रोग विभाग, जी आई सर्जरी विभाग, यूरोलॉजी विभाग, नाक कान गला रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग, उदर रोग विभाग, बाल रोग विभाग, ईएनटी विभाग, इंटरनल मेडिसिन विभाग एवं फिजियोथैरेपी विभाग के चिकित्सक मौजूद थे।

कार्यक्रम में नयति के सीईओ डा आर के मनी ने कहा तंबाकू और धूम्रपान आज समाज के लिए सबसे बडा खतरा है, और हम यह मानते है कि यह हमारी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है कि हम इससे होने वाले खतरों के बारे में समाज के हर वर्ग को अवगत कराते हुए जागरूक कर उन्हें इसके दुष्परिणामों से बचा सकें। हम जानते है कि हमारे क्षेत्र में तंबाकू धूम्रपान का सेवन जहां लगातार बढ़ रहा तो दूसरी ओर इसके दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता की काफी कमी है जिसके कारण नयति इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।

सांस संबंधी रोगियों में धूम्रपान करने वालों का प्रतिशत हमेशा अधिक रहता है। धूम्रपान की आदत हृदय रोगों को बढ़ावा देती है। रोग को बढ़ने से रोकने के लिए तंबाकू धूम्रपान को बंद करना जरूरी होता है। इसी कारण तंबाकू सेवन करने वाले लोगों में सीओपीडी, अस्थमा जैसी घातक बीमारियां अधिक पायी जातीं हैं।

नयति के कैंसर चिकित्सा विभाग के निदेशक, डॉ अमित भार्गव ने कहा कि आज के समय में कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू और धूम्रपान का सेवन है। इसी कारण लोगो में मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, आंतों का कैंसर के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। लोगों को कैंसर जैसी बीमारी से बचने के लिए तंबाकू अथवा तंबाकू से बने उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए।

नयति मेडिसिटी के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. सागर लवानियां ने कहा कि तंबाकू या धूम्रपान हमारे समाज के लिये किसी अभिशाप से कम नही है लेकिन लोगों में यदि इच्छाशक्ति हो तो इस लत से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके लिये परिवारजनों और अपनों का सहयोग भी काफी जरूरी है।

May 19, 2018

नयति में सात माह के बच्चे के सिर में भरा पानी दूरबीन विधि द्वारा निकाला गया

  • 19 May, 2018

मथुरा 19 मई। शिकोहाबाद निवासी मनोज प्रताप सिंह का सात माह का पुत्र प्रबल जन्म से ही कई प्रकार की शारीरिक परेशानियों से जूझ रहा था, उसके सिर का आकार लगातार बढ़ता जा रहा था, आंखें घूम गयी थीं और दूध पीते ही वह उल्टी करके निकाल देता था। प्रबल के पिता ने काफी डॉक्टरों को दिखाया लेकिन उसे कहीं से कोई लाभ नहीं मिलाए तब वे उसे लेकर नयति मेडिसिटी आये जहां न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. एस.के गुप्ता से मिले। उनके द्वारा जरुरी जांच कराने के बाद पता चला कि प्रबल के सिर में पानी भर गया है जिसकी वजह से उसको इन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैए इस बीमारी को मेडिकल भाषा में हाइड्रोसिफेलस कहते हैं। प्रबल के सिर का ऑपरेशन करके तुरंत पानी निकालने की आवश्यकता थी। परिवार की सहमति के बाद डॉ. एस के गुप्ता और उनकी टीम ने एंडोस्कोपिक थर्ड वेंट्रीक्लोस्टोमी (दूरबीन विधिद्) से बिना चीरे का ऑपरेशन करके प्रबल के सिर से पानी निकाल दिया और दिमाग में ही बाईपास करके पानी की निकासी को रास्ता खोल दिया गया।

इस अवसर पर नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आर के मनी ने कहा कि नयति में हर वह इलाज मौजूद है जो नयति से पहले केवल महानगरों में ही मिल पाता थाए और लोगों को मीलों लंबी यात्रा करनी पड़ती थी, जिसके कारण इलाज में होने वाले खर्च के अलावा वहां आने जाने, रहने, खाने पीने में भी काफी पैसे खर्च करने पड़ते थेए किन्तु नयति मेडिसिटी शुरू होने के बाद महानगरों में मिलने वाला इलाज नयति में ही मिल रहा है वो भी वहां से 40 प्रतिशत तक कम खर्च में।

नयति मेडिसिटी के न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. एस के गुप्ता ने बताया कि आमतौर पर इस प्रकार सिर में भरे हुए पानी को निकालने के सिर से एक नली सिर से पेट में जोड़ दी जाती है जिससे मरीज के सिर का पानी धीरे-धीरे पेट के रास्ते खून में मिल जाता है। नयति में आज हर प्रकार की आधुनिक तकनीक तथा सुविधा मौजूद है जिसके कारण हमने प्रबल के सिर का बिना चीरे के दूरबीन विधि द्वारा ऑपरेशन करने का फैसला किया, जिसके बाद 24 घंटे में ही उसकी स्थिति में सुधार आ गया, अब वह ठीक से दूध भी पी पा रहा है और उसकी आंखें भी सामान्य हो गयी।

May 14, 2018

नयति में एंडोस्कोपी की नवीनतम तकनीक पॉयम द्वारा बिना चीरे के आहारनाल का वाल्ब खोला

  • 14 May, 2018

मथुरा 14 मई। नयति मेडिसिटी में बेहतरीन एंडोस्कोपी की नवीनतम तकनीक पॉयम से आहारनाल के बंद वाल्ब को बिना चीरे के काटकर खोल दिया। इस क्षेत्र में इस प्रकार की सुविधा नयति हॉस्पिटल से पहले किसी और हॉस्पिटल में नहीं थी, जिसके कारण मरीजों को अपनी बीमारी से बचाव के लिए दिल्ली तक जाना पड़ता था।

राजस्थान निवासी 24 वर्षीय विजय कई महीनों से परेशान था। उसकी छाती में हमेशा दर्द रहता था, खाना खाने के बाद वापस बाहर आ जाता था। कई डॉक्टरों से उसने अपना इलाज कराया लेकिन उसे कोई लाभ नहीं हुआ, जिसके बाद वह नयति मेडिसिटी आया और यहां आकर नयति मेडिसिटी के उदर रोग विभाग के प्रमुख डॉ. कपिल शर्मा से मिले। उनके द्वारा जरूरी जांच कराने के बाद पता चला कि विजय की आहारनाल के वाल्ब बन्द हो गया है जिसकी वजह से उसका खाना अमाशय तक नहीं जा पा रहा था और वापस लौट आता था।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ. आरके मनी ने कहा कि हमने ब्रजवासियों को दुनिया का बेहतरीन इलाज एवं स्वास्थ्य संबंधी तकनीक देने का जो वादा किया था उसमें हम सफल हुए हैं नयति में हर प्रकार की बीमारी का एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय उपचार मौजूद है जिसकी वजह से मरीजों को अपने इलाज के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता। उन्होंने कहा कि आज के समय में पॉयम एंडोस्कोपी के क्षेत्र में अत्याधुनिक एवं नई तकनीक है, जिसका प्रयोग देश के कुछ गिनेचुने अस्पतालों में ही होता है। नयति मेडिसिटी पॉयम करने वाला इस क्षेत्र का पहला हॉस्पिटल बन गया है।

नयति के उदर रोग विभाग के प्रमुख डॉ. कपिल शर्मा ने कहा कि विजय कि आहारनाल के बंद वाल्ब की वजह से विजय को खाने पीने में परेशानी तथा सीने में दर्द रहता है, उसके बंद वाल्ब को खोलने की आवश्यकता थी। परिवार की सहमति के बाद हमने अपनी टीम के साथ एंडोस्कोपी की नवीनतम एवं बेहतरीन तकनीक पॉयम द्वारा इनके वाल्ब को बिना चीरे के माध्यम से खोल दिया, जिसके तत्काल बाद इनके खाने पीने की समस्या खत्म हो गयी और भोजन अमाशय तक जाने लगा। पॉयम के द्वारा बिना चीरे के सर्जरी की जाती है और इसको कराने के बाद मरीज दो दिन में ही वापस घर लौट जाता है।