PRESS RELEASES

June 30, 2018

नयति में देश भर के लैप्रोस्कोपिक सर्जन का हुआ जमावड़ा

  • 30 June, 2018

नयति के सहयोग से उप्र में पहली बार मथुरा में आईएजीईएस द्वारा किया जा रहा है आयोजन

मथुरा। नयति मेडिसिटी में इन्डियन एसोसिएशन ऑफ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एन्ड एंडोस्कोपिक सर्जन्स द्वारा नयति हैल्थकेयर के सहयोग से उप्र में पहली बार मिनिमल एक्सेस सर्जरी एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन के लिए तीन दिवसीय फैलोशिप का आयोजन किया गया, जिसमें देश भर से सैकड़ों की संख्या में आये हुए सर्जन ने बढ़चढ़ कर भाग लेते हुए अपने अनुभव एवं विचार साझा किए। ज्ञात हो कि इस प्रकार का कार्यक्रम उप्र में पहली बार नयति मेडिसिटी में किया जा रहा है।

मथुरा के जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे ज्यादा जरुरत आज छोटे एवं मंझले शहरों के लोगों को ही है, और नयति द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिया जा रहा योगदान काफी सराहनीय है। नयति द्वारा शुरू किये गए प्रयासों का ही परिणाम है कि आज देश की आइएजीइएस जैसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा उत्तर प्रदेश में पहली बार मथुरा में यह आयोजन किया गया।

इस अवसर पर नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हमारा हमेशा से यह मानना रहा है कि मेडिकल साइंस के फायदे गांवों कस्बों तक पहुंचने चाहिये, जिससे देश के हर व्यक्ति को बेहतरीन इलाज मिल सके। डॉक्टरों को विश्व में आने वाली नई तकनीक को जानने के लिए ट्रेंड भी होना जरुरी है, जिसके लिए हम हमेशा तत्पर रहते हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में डॉक्टरों का विशेष योगदान रहता है, इसीलिए हम समय समय पर देश के बेहतरीन डॉक्टरों के अनुभव आपस में बांटने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाते रहते हैं, जिससे लोग विश्व की आधुनिक तकनीक तथा कार्यशैली को अपना सकें और मरीज को बेहतरीन उपचार प्रदान कर सके।

हमें गर्व है कि आइएजीइएस जैसी प्रतिष्ठित संस्था के साथ हमें यह कार्यशाला करने का अवसर प्राप्त हुआ।

इन्डियन एसोसिएशन ऑफ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एन्ड एंडोस्कोपिक सर्जन्स के अध्यक्ष डॉ सुभाष खन्ना ने कहा कि 20 सदस्यों जे साथ शुरू किये गए इस संगठन में 6 हजार से अधिक सदस्य हैं और आज इस संगठन ने एक वटबृक्ष का रूप धारण कर लिया है। जब हमने मथुरा को इस फैलोशिप के लिए चुना तो कई डॉक्टर्स का कहना था कि मथुरा तो एक छोटा शहर है, पता नहीं कैसा अस्पताल होगा, सुविधाएं अच्छी होंगी या नहीं? यहां आकर जब नयति को देखा तो विश्वास ही नहीं हुआ कि विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला अस्पताल नयति मेडिसिटी मथुरा में ही मौजूद है।

नयति मेडिसिटी के मिनिमल एक्सेस एवं जीआई सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. योगेश अग्रवाला ने वोट ऑफ थैंक्स देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से हमेशा कुछ नया सीखने को मिलता है और मुझे पूरा विश्वास है कि यहां आये हुए डॉक्टर्स यहां से अपने साथ बेहतरीन अनुभव तथा जानकारी लेकर जायेंगे जो भविष्य में उनके काम आएंगे।

नयति मेडिसिटी के जीआई सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ अजय अग्रवाल ने फैलोशिप के लिए देश भर से आये हुए डॉक्टरों का परिचय कराते हुए कहा कि लोगों का डॉक्टरों पर बहुत विश्वास होता है, इसलिए हमें समय समय पर आने वाली आधुनिक तकनीक एवं सुविधाएं जानने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिये जिसका लाभ हमारे द्वारा लोगों तक पहुंच सके।

कार्यक्रम में डॉ. सुरेंद्र शर्मा, डॉ सौरभ अग्रवाल का विशेष योगदान रहा।

June 16, 2018

नयति में रीटरोपैरिटोनियोस्कोपी के माध्यम से खराब किडनी निकाली

  • 16 June, 2018

मथुरावृन्दावन निवासी 36 वर्षीय विमलेश चार पांच दिनों से पेशाब न आने की समस्या से परेशान थीं। उन्होंने खुद को एक दो जगह दिखाया लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं हुआ, तब वे नयति मेडिसिटी में आकर यूरो विभाग के प्रमुख डॉ सुमित शर्मा से मिलीं। नयति में जब विमलेश की जांच कराई गई तो पता चला कि उनका क्रियेटिनिन काफी बढ़ा हुआ है, उनकी दोनों किडनियों में पथरी थीं और उनकी एक किडनी मवाद भी भरा हुआ था जिसके कारण उनकी एक किडनी फेल हो चुकी है, जिसको ऑपरेशन करके निकालने की तुरंत आवश्यकता थी। परिवार की सहमति के बाद उनका ऑपरेशन करके खराब हो चुकी किडनी रीटरोपैरिटोनियोस्कोपी के माध्यम से निकाल दी गयी।

’नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ. आर के मनी’ ने कहा कि हमने तय किया था कि नयति में हम हर वो सुविधा उपलब्ध कराएंगे जिनके लिए यहां के लोगों मीलों लंबी यात्राएं करनी पड़ती थीं। आज नयति में एक ही छत के नीचे हर बीमारी का इलाज विश्वस्तरीय सुविधाओं एवं चिकित्सको के साथ मौजूद है।उन्होंने कहा कि यह तकनीक इस क्षेत्र के लिए बिल्कुल नयी एवं अत्याधुनिक तकनीक है, अभी तक दिल्ली के कुछ ही अस्पतालों में इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस तकनीक के द्वारा किडनी निकालने के लिए पूरा पेट खोलने की जरुरत नहीं होती बल्कि पेट के निचले हिस्से में कमर की ओर केवल एक छोटा सा छेद करके खराब किडनी को निकाल दिया जाता है।

’नयति मेडिसिटी के यूरो विभाग के प्रमुख डॉ. सुमित शर्मा’ ने कहा कि सबसे पहले हमने इनका डायलेसिस कराया उसके बाद अपनी टीम के साथ मिलकर रीटरोपैरिटोनियोस्कोपी के माध्यम से इनकी खराब हो चुकी किडनी को निकाल दिया तथा सही किडनी में से पथरी भी निकाल दी गयी जिसके बाद विमलेश को अब डायलेसिस की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यदि समय रहते इसका इलाज करा लिया जाता तो किडनी को खराब होने से बचाया जा सकता था, इनकी खराब किडनी को यदि निकाला ना जाता तो दूसरी किडनी भी खराब हो सकती थी।

June 14, 2018

नयति हॉस्पिटल ने दिलाई शपथ नही करेंगें तंबाकू का सेवन विश्व तम्बाकू निषेध जागरूकता सप्ताह का हुआ समापन

  • 14 June, 2018

आगरा। तम्बाकू सेवन के दुष्परिणामों से आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से नयति हेल्थकेयर की ओर से चलाए जा रहे विश्व तंबाकू निषेध सप्ताह का समापन ”विश्व तंबाकू निषेध दिवस” के उपलक्ष्य में नयति हॉस्पिटल आगरा में परिचर्चा के साथ किया गया। परिचर्चा  में तंबाकू के उपयोग न करने और समाज को जागरूक करने जैसे कई पहलूओं पर विचार विमर्श हुआ। इन मौके पर नयति हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने तंबाकू से शरीर और वातावरण को होने वाले नुकसानों के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को नयति हेल्थकेयर द्वारा पूरे हफ्ते चलाए गए कार्यक्रमों के बारे में अवगत कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने तंबाकू का सेवन न करने के प्रण के साथ तंबाकू सेवन करने वाले अन्य लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों से जागरूक करने की बात कही। परिचर्चा में शामिल हुए लोगों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से तंबाकू से होने वाली बीमारियों, तंबाकू की लत छोड़ने के उपाय जैसे सवाल पूछ अपनी जिज्ञासा को शांत किया। डाक्टरों ने तंबाकू से होने वाले जानलेवा बीमारियों जैसे कैंसर, टीबी, हृदय रोग आदि के बारे में जानकारी साझा की। परिचर्चा में नयति की ओर से (हृदय रोग विशेषज्ञ) डॉ. विवेक मित्तल एवं डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. अमित सिघंल (नाक, कान, गलारोग विशेषज्ञ), डॉ. नेहा गर्ग (दंत रोग विशेषज्ञ), डॉ. संजीव के गुप्ता (कैंसर रोग विशेषज्ञ), डॉ. सागर लवानिया (मनोचिकित्सक), डॉ. मनीष शर्मा (फेफडा रोग विशेषज्ञ) ने भाग लिया। परिचर्चा का संचालन नयति हॉस्पिटल की यूनिट हेड डॉ. ज्योति तिवारी ने किया।

कार्यक्रम में नयति हेल्थकेयर के सीईओ डॉ. आर के मनी ने कहा  तंबाकू और धूम्रपान आज समाज के लिए सबसे बडा खतरा है, और हम यह मानते है कि यह हमारी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है कि हम इससे होने वाले खतरों के बारे में समाज के हर वर्ग को अवगत कराते हुए जागरूक कर उन्हें इसके दुष्परिणामों से बचा सकें। हम जानते है कि हमारे क्षेत्र में तम्बाकू धूम्रपान का सेवन जहां लगातार बढ़ रहा तो दूसरी ओर इसके दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता की काफी कमी है जिसके कारण नयति इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। इसी श्रृंखला में हमने पिछले एक हफ्ते मे नुक्कड़ नाटको, परिचर्चाओं, नयति तंबाकू निवारण क्लीनिक की शुरुआत के साथ और भी कई विभिन्न माध्यमों के द्वारा आमजन तक इस संदेश को पहुचाने का काम किया है। हमारे इस प्रयास से कई लोगों को इस बुरी लत को छोड़ने का हौसला भी मिला जिससे हमारी यह मुहिम सार्थक साबित हुई। हमारा विश्वास है कि आगे भी हम समाज को स्वस्थ बनाने की अपनी मुहिम में कुछ नया योगदान देते रहेंगें।

June 9, 2018

डाइबिटीज, कोलेस्ट्रॉल एवं असन्तुलित हार्मोन्स के जाने-माने चिकित्सक डॉ.(प्रो) अभय अहलूवालिया बने नयति का हिस्सा

  • 09 June, 2018

मथुरा 9 जून। देश के जाने-माने चिकित्सक डॉ. (प्रो) अभय अहलूवालिया अब नयति मेडिसिटी का हिस्सा बन गए हैं। डाइबिटीज, कोलेस्ट्रॉल एवं असंतुलित हार्मोन्स की चिकित्सा के क्षेत्र में आपका नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। आप नयति में एंडोक्रिनोलॉजी एवं मेटाबॉलिज्म विभाग के डायरेक्टर एवं विभाग प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। डॉ. अहलूवालिया सप्ताह के सोमवार और शुक्रवार को नयति मेडिसिटी, मथुरा और मंगलवार को नयति हॉस्पिटल, आगरा में अपनी सेवाएं देंगे।

अपने क्षेत्र में 16 वर्ष का अनुभव प्राप्त डॉ अहलूवालिया ने 1999 में एम्स नई दिल्ली से एंडोक्रिनोलॉजी से डीएम किया है। आप देश के कई बड़े अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। डाइबिटीज के क्षेत्र में आपकी खोज के लिए आपको एवार्ड भी प्राप्त हो चुका है, इसके अलावा आपके द्वारा किये गए कई शोध एवं खोज अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी प्रकाशित हो चुकी हैं।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आर के मनी ने कहा कि हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि देश और दुनिया की बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं एवं चिकित्सक हमारे साथ जुड़ सकें, जिससे हम ब्रजवासियों एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान कर सकें। उसी क्रम में हमने डॉ अहलूवालिया से नयति परिवार के साथ जुड़ने का आग्रह किया जो उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि अब बृज तथा आसपास के लोगों को इनकी बेहतरीन चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

डॉ (प्रो) अभय अहलूवालिया ने कहा कि नयति से जुड़ने का जब मुझे अवसर प्राप्त हुआ तो मैं मथुरा आने से खुद को रोक नहीं सका, क्योंकि यहां कार्य करते हुए मुझे ब्रज में रहने का अवसर मिलेगा जिसे मैं छोड़ना नहीं चाहता था। आज खानपान एवं अनियमित दिनचर्या की वजह से अधिकांश लोगों में डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल एवं हार्मोन्स की अनियमितता की शिकायत पायी जा रही है। अब तो गर्भवती महिलाओं में 15 प्रतिशत तक महिलाओं में डायबिटीज पायी जा रही है। इसलिए समय समय पर डाइबिटीज की जांच कराते रहना चाहिए। हार्मोन्स के संतुलित न रहने से बच्चों की लंबाई आदि पर प्रभाव पड़ता है। शरीर के हार्मोन्स यदि संतुलित रहें तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।