PRESS RELEASES

September 28, 2018

विश्व हृदय दिवस पर नयति हॉस्पिटल आगरा ने लगवाए सैकड़ों लोगों को ठहाके

  • 28 September, 2018

विशेषज्ञों, डाक्टरों ने बताए हॅस कर दिल दुरूस्त रखने के नुस्खे

आगरा। दिल को कैसे दुरूस्त रखें, दिल की बीमारियों से कैसे बचें इसका सबसे बड़ा जवाब खुश रहें और खूब हसें, इसी सिद्वांत को ताजनगरी वासियों तक पहुंचाने के लिए नयति हॉस्पिटल आगरा द्वारा विश्व हार्ट सप्ताह के अवसर पर पालिवाल पार्क में एक विशाल हास्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नयति के डॉक्टरों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से आये हुए सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। हास्य योग कार्यक्रम में दिल्ली एकेडमी ऑफ लाफ्टर योगा की फाउंडर डॉ. संतोष साही और उनकी टीम ने लोगों ने जमकर ठहाके लगवाए तो वहीं डॉक्टरों ने इन ठहाकों से दिल की सेहत अच्छी होने के राज बताए।

इस अवसर पर नयति हॉस्पिटल की यूनिट हेड डॉ. ज्योति तिवारी ने कहा कि योग हमारे देश की प्राचीन विद्याओं में से एक है जिसे लोगों के स्वस्थ तन और मन के लिए हमारे ऋषियों ने लोगों तक पहुंचाया। अब तो सारी दुनिया योग की दीवानी हो गयी है। हास्य योग भी योग का ही एक भाग है जिसके द्वारा हम कई बीमारियों आदि से बच सकते हैं। यह कार्यक्रम भी नयति के उस प्रयास का हिस्सा है जिसके द्वारा हम लोगों को स्वस्थ रहने के लिए जागरूक करते हैं।

इस अवसर पर आगरा के सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने कहा कि नयति द्वारा समय समय पर विभिन्न सामाजिक कार्य किये जाते रहे हैं, मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आगे भी नयति द्वारा लगाए जा रहे कैम्पों से लोगों को लाभ मिल पायेगा।

एडीएम सिटी के.पी सिंह ने कहा कि नयति हॉस्पिटल का यह अच्छा प्रयास है, लोगों में जागरूकता आना बहुत जरूरी है, यदि लोग बीमारियों आदि से जागरूक होंगे तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ पीयूष, डॉ संजीव गुप्ता, डॉ प्रीती वत्सल, डॉ उत्कर्ष सरकार एवं संजय प्लेस कमैटी, नगर निगम एवं बीएसएनएल के वरिष्ठ पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

September 27, 2018

नयति मना रहा है वर्ल्ड हार्ट सप्ताह, लगे ठहाके

  • 27 September, 2018

मथुरा । नयति मेडिसिटी में वर्ल्ड हार्ट सप्ताह के अवसर पर हास्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नयति के डॉक्टरों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से आये हुए लोगों ने भाग लिया। हास्य योग कार्यक्रम में लोगों ने जमकर ठहाके लगाए।

इस अवसर पर नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि योग हमारे देश की प्राचीन विद्याओं में से एक है जिसे लोगों के स्वस्थ तन और मन के लिए हमारे ऋषियों ने लोगों तक पहुंचाया। अब तो सारी दुनिया योग की दीवानी हो गयी है। हास्य योग भी योग का ही एक भाग है जिसके द्वारा हम कई बीमारियों आदि से बच सकते हैं।

उन्होंने कहा कि नयति में शुरू से ही योग एवं वैलनेस विभाग है जो योगाचार्य आशुतोष के निर्देशन में चल रहा है, जहां मरीजों और उनके साथ आये तीमारदारों को नियमित योग कराया जाता है।

इस कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से आमंत्रित दिल्ली एकेडमी ऑफ लाफ्टर योगा की फाउंडर डॉ संतोष साही ने कहा कि इंसान को दिन में कम से कम 15 मिनट ठहाके लगाने चाहिए। वैसे तो मुस्कुराने से भी कई लाभ होते हैं लेकिन ठहाके हमारे दिल के लिए किसी वरदान से कम नहीं होते। ठहाकों से हमारे शरीर में पाए जाने वाला एंडोसिंच नामक हार्मोन्स में बदलाव आता है, जिससे तनाव में काफी कमी आती है। हंसना शुरू करते ही मूड बदल जाता है, हास्य योग द्वारा इम्युनिटी सिस्टम को बूस्ट मिलता है, इसके अलावा डिप्रेशन, एंजाइटी, ब्रेन स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर, डाइबिटीज आदि से बचाव के लिए भी ठहाके काफी कारगर साबित होते हैं।अनियमित दिनचर्या एवं खानपान एवं तनाव के चलते हृदय की नलियां सिकुड़ जाती हैं और उनमें खून के थक्के भी पड़ जाते हैं। ठहाके लगाने से ह््रदय की नालियां खुल जाती हैं और धीरे धीरे उनमें जमे क्लॉट भी निकल जाते हैं, इसलिए इंसान को खुलकर ठहाके लगाने चाहिए।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजेश चतुर्वेदी, डॉ आदर्श कोपुला, डॉ रोहित तिवारी, डॉ जगदानंद झा, डॉ प्रवीर सिन्हा, डॉ विपिन, डॉ के एम साहू, डॉ कपिल शर्मा, डॉ मनीष जैन, डॉ अमित भार्गव, डॉ अपूर्व नारायण आदि उपस्थित थे।

September 21, 2018

नयति में हृदय के 6X5 सेमी ट्यूमर का हुआ सफल ऑपरेशन

  • 21 September, 2018

मथुरा । नयति मेडिसिटी में 64 वर्षीय मरीज के हृदय के दाहिनी ओर हुए एक बड़े ट्यूमर का ओपन हार्ट सर्जरी द्वारा सफल इलाज किया गया। इस प्रकार का ट्यूमर आमतौर पर नहीं होता है, हृदय के 1 लाख मरीजों में 1 या दो मरीज ही इस प्रकार की बीमारी से ग्रस्त होते हैं।

इस क्षेत्र में हृदय से इतने बड़े ट्यूमर को अलग करने वाला नयति मेडिसिटी पहला हॉस्पिटल बन गया है।

नयति मेडिसिटी के कार्डियक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आदर्श कोप्पुला ने बताया कि 64 वर्षीय चंद्रपाल जब हमारे पास आये थे तब वे बलगम के साथ खून आने की परेशानी एवं सांस की परेशानी से कई महीनों से जूझ रहे थे, उन्होंने कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं मिल सका। हमने उनकी जरूरी जांच कराई तब पता चला कि उनके हृदय (दिल) के दाहिनी ओर 6X5 सेमी का ट्यूमर है, जिसकी वजह से उनके फेफड़ों पर भी दवाब दे रहा है और उन्हें सांस लेने एवं बलगम के साथ खून आ रहा था। उनकी ओपन हार्ट सर्जरी करके उस ट्यूमर को हटाने की तत्काल आवश्यकता थी।

परिवार की सहमति के बाद हमने उनके ट्यूमर को पूरी तरह हटा दिया, अब चंद्रपाल जी बिल्कुल स्वस्थ हैं।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ. आरके मनी ने कहा कि चंद्रपाल जी जब नयति मेडिसिटी में आये थे तब वे पिछले कई महीनों से बलगम के साथ खून आने की परेशानी से जूझ रहे थे, उनके हृदय में जो ट्यूमर था वह बिल्कुल अलग किस्म का था। डॉ. आदर्श और उनकी टीम के लिए भी इस ट्यूमर का ऑपरेशन करना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। नयति के हृदय रोग विभाग में हृदय संबंधी रोगों के लिए हर प्रकार की विश्वस्तरीय तकनीक तथा चिकित्सक मौजूद हैं जिनके कारण हम लोगों तक बेहतरीन इलाज उपलब्ध करा पा रहे हैं।

September 15, 2018

नयति के डाक्टरों ने लीवर से सिस्ट निकाल बचाई विदेशी मरीज की जान

  • 15 September, 2018

मथुरा । कई सालों से लीवर में विशाल सिस्ट की वजह से सामान्य जीवन न जी पाने वाले अफगानिस्तान के 24 वर्षीय अब्दुल कादिर कादिरी का नयति के डाक्टरों ने सफल ऑपरेशन से सिस्ट को निकाल अब्दुल को नया जीवन प्रदान किया। अब्दुल लीवर के एक तिहाई हिस्से में जमी सिस्ट के कारण असहनीय दर्द, पेट का फूलना, पसीना, भूख न लगना जैसे परेशानियों से ग्रस्त थे। अफगानिस्तान में कई डाक्टरों से इलाज कराने से भी कोई राहत नही मिला तो उन्हें वहां के डाक्टरों ने भारत में जाकर इलाज कराने की सलाह दी। भारत में अपने जानकारों से बात करने पर अब्दुल को नयति मेडिसिटी और यहां के प्रशिक्षित डाक्टरों और विश्वस्तरीय तकनीक का पता चला। नयति के बारे में काफी जानकारी जुटाने के बाद इन्होंने यहीं पर अपनी सर्जरी करवाने का निश्चय किया। अब्दुल अपने परिवारजनों के साथ नयति के जीआई सर्जरी के प्रमुख डा अजय अग्रवाल से मिले। डा अजय अग्रवाल ने जांचों के बादे पाया कि सर्जरी के माघ्यम से इसका पूर्ण उपचार संभव है। अब्दुल और उनके परिजनों को पूरी सर्जरी के बारें में समझाया गया जिसके बाद परिजनों की सहमति से अब्दुल क सिस्ट को लैप्रोस्कोपिक सर्जरी दूरबीन विधि के माध्यम से निकाल दिया गया।

इस अवसर पर नयति मेडिसिटी के जीआई सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ.योगेश अग्रवाल ने कहा कि अब्दुल की सफल सर्जरी के बाद हम काफी खुश है क्यांकि जिस उम्मीद के साथ अब्दुल हमारे देश में आए थे वह नयति के माघ्यम से पूरा हुआ। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार की दुर्लभ सर्जरी के लिए जरूरी आधुनिक संसाधन जैसे एन्सथीसिया, आईसीयू केयर, ब्लड बैंक जैसे कई संसाधन नयति में एक ही छत के नीचे उपलब्ध है साथ ही अनुभवी और विख्यात डाक्टरों की टीम मौजूद है ।

जीआई सर्जरी विभाग के प्रमुख डा अजय अग्रवाल ने कहा कि अब्दुल कई जगह अपना इलाज करा के बाद काफी निराश थे। हमने जांचें करा कर पता लगाया कि सिस्ट काफी बढ़ चुका था और उसने  लीवर के एक तिहाई हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया था। यह एक हायडेटिक सिस्ट था। सिस्ट के आकार बढ़ने के कारण ही अब्दुल को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अगर समय से इसका इलाज न होता तो सिस्ट के फटने से जान का खतरा भी हो सकता था। अब्दुल की लैप्रांस्कोपिक सर्जरी के माध्यम सिस्ट को निकाल दिया गया। सर्जरी के मात्र 4 घंटे बाद अब्दुल चलने फिरने लगे और अगले ही दिन उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।