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December 26, 2018

स्वामी कार्ष्णि गुरु शरणानंद जी महाराज के सानिध्य में नयति खोलेगा कुंभ में 40 बैड का नि:शुल्क आरोग्य मंदिर

  • 26 December, 2018

मथुरा । देश के टियर 2 और टियर 3 शहरों तक बेहतरीन एवं विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के संकल्प के साथ शुरू किए गए नयति हैल्थकेयर द्वारा आगामी कुंभ में 40 बैड का नि:शुल्क आधुनिक आरोग्य मंदिर (मेडिकल यूनिट, 20 बैड का जनरल वार्ड, 10 बैड का एचडीयू (क्रिटिकल केयर) और 10 बैड इमरजेंसी) हिज होलीनेस श्री कार्ष्णि गुरु शरणानंद जी महाराज के सानिध्य में श्री गुरु कार्ष्णि कुंभ मेला शिविर में खोली जाएगी, जो 9 जनवरी से 19 फरवरी तक अपनी सेवाएं प्रदान करेगी। यूनिट में जनरल फिजीशियन, गैस्ट्रो, ऑर्थो, क्रिटिकल केयर, हृदय रोग विशेषज्ञ के अलावा कई अन्य डॉक्टर अपनी टीम के साथ होंगे। इस यूनिट में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से काम करेंगीं, इसके अलावा उल्टी-दस्त, बुखार, सिरदर्द, फ्रेक्चर, ट्रोमा, फूड प्वाइजनिंग, कार्डियक, सांस के अलावा अन्य बीमारियों के मरीजों की ओपीडी के अलावा जरूरतमंद मरीजों को भर्ती करके नि:शुल्क चिकित्सा प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही आरोग्य मंदिर में पुरुष एवं महिला चिकित्सकों की व्यवस्था भी होगी। अस्पताल परिसर में ही फार्मेसी भी होगी, जहां से मरीजों को जरूरत के अनुसार नि:शुल्क दवा प्रदान की जाएगी।

ज्ञात हो कि नयति हैल्थकेयर द्वारा फरवरी 2016 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक अस्पताल नयति मेडिसिटी, मथुरा में शुरू किया गया, जहां महानगरों से 40 प्रतिशत तक कम दामों में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो रही है, जिसके कारण देश विदेश के मरीज नयति आकर अपना इलाज करा रहे हैं।

40 बैड की मेडिकल यूनिट खोलने की घोषणा करते हुए स्वामी कार्ष्णि गुरु शरणानंद जी महाराज ने कहा कि कुंभ हमारे देश और समाज का सबसे बड़ा आयोजन होता है। इस बार कुंभ के आयोजन में प्रदेश सरकार द्वारा तैयारियां करायी जा रही हैं, जिससे कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। हम चाहते थे कि कुंभ में आने वाले लोगों को चिकित्सा सुविधा भी प्राप्त हो। नयति को हमने लोगों के बीच कार्य करते देखा है, मथुरा जैसे शहर में नयति ने विश्वस्तरीय अस्पताल खोलकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। मथुरा में नयति के आने के बाद ब्रज तथा आसपास के क्षेत्र के लोगों को अपना इलाज कराने मीलों लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ती, उन्हें महानगरों में प्राप्त होने वाला इलाज नयति में ही प्राप्त हो जाता है। हमने नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया से कुंभ में स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने को कहा तो वे सहर्ष तैयार हो गईं। उनके द्वारा कुंभ में मेडिकल यूनिट खोलने का निर्णय बहुत सराहनीय है। कुंभ में इस यूनिट (आरोग्य मंदिर) के होने से वहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य खराब होने पर परेशान नहीं होना पड़ेगा, उन्हें कुंभ स्थल पर ही चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो जाएगी।

नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि कुंभ हमारे देश में दुनिया भर में स्थित करोड़ों श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र है, जहां इस बार लगभग 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। वैसे तो सरकार इस आयोजन के लिए काफी तैयारियां कर रही है, किन्तु प्राइवेट सेक्टर को भी इस प्रकार के आयोजन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए, ऐसा मेरा मानना है। नयति हैल्थकेयर की शुरुआत 2012 में बद्रीनाथ धाम से हुई, और आज भी बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से बंद होने तक हमारी मेडिकल यूनिट सुचारू रूप से कार्य करती है।

हम पूर्व में भी जरूरत पड़ने पर देश के विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास कर चुके हैं, फिर वो चाहे केरल में आयी बाढ़ हो या केदारनाथ का भूकंप।

हम स्वामी कार्ष्णि गुरु शरणानंद जी महाराज के हृदय से आभारी हैं, जिनके आशीर्वाद से हमें कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करने का अवसर प्राप्त होगा।

December 12, 2018

नयति हैल्थकेयर देगा सुन्दर लाल जैन अस्पताल के साथ मिलकर विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं

  • 12 December, 2018

नई दिल्ली, 12 दिसंबर, 2018 : नयति हैल्थकेयर ने उत्तरी दिल्ली में अशोक विहार स्थित सुंदर लाल जैन अस्पताल के प्रबंधन एवं परिचालन के लिए आज सुंदर लाल जैन ट्रस्ट के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इसके तहत्, नयति क्षेत्र के निवासियों के लिए उन्नत और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए क्लीनिकल और टैक्नोलॉजी संबंधी बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराएगा। यह दिल्ली, एनसीआर क्षेत्र में नयति समूह का दूसरा विस्तार है। इससे पहले, नयति ने इस क्षेत्र में प्राइमामेड अस्पताल का अधिग्रहण किया था।

उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सबसे बड़े और सर्वाधिक आबादी वाले जिले में स्थित सुंदर लाल जैन अस्पताल 1986 में स्थापित हुआ था और पिछले वर्षों में इसने आसपास के इलाकों समेत अन्य क्षेत्रों में भी अपनी साख बनायी है। अब नयति के साथ करार के उपरांत, अस्पताल मल्टी स्पेश्यलिटीज़ में अत्याधुनिक टर्शियरी लेवल केयर उपलब्ध कराएगा और इसके मौजूदा 200 बेड्स की क्षमता को बढ़ाकर 500 तक करने की योजना है। इस नए अस्पताल के जुड़ने से नयति उत्तर भारत में अपनी स्थिति और मजबूत बनाते हुए विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं को आम जनता के और नज़दीक पहुंचाएगा।

इस घटनाक्रम के बारे में सुश्री नीरा राडिया, चेयरपर्सन एवं प्रमोटर, नयति हैल्थकेयर ने कहा, ’’सुंदर लाल जैन ट्रस्ट ने पिछले तीन दशकों के दौरान मरीज़ों को सेवाएं और देखभाल उपलब्ध कराते हुए अपने आप को एक विश्वस्तरीय अस्पताल के रूप में स्थापित किया है। दोनों ही संस्थान मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए आम जनता तक बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाए पहुंचने की प्रतिबद्धता की समान सोच के तहत साथ जुड़े है ।

सुंदर लाल ट्रस्ट के साथ जुड़ना एक दूरदर्शी कदम है जो हमे हरियाणा के नजदीकी शहरों का लाभ दिलाएगा ।

नयति हैल्थकेयर ने 2012 में जब अपना सफर शुरू किया था तब हमने जम्मू से जमशेदपुर तक के अपने अध्ययन में पाया कि भारत में उत्तर भारत सर्वाधिक आबादी वाला क्षेत्र है लेकिन देश में हैल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से यह सबसे पिछड़ा है। देश के इस हिस्से में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की काफी आवश्यकता है। इसी आवश्यकता को समझते हुए तथा इस परिस्थिति को बदलने के संकल्प के साथ नयति का संकल्प है सामरिक महत्व वाले हब मॉडल के जरिये विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा को आमजन के नजदीक पहुंचना ।

नयति के मथुरा, आगरा और दिल्ली स्थित अस्पतालों के अलावा गुरुग्राम, वाराणसी और अमृतसर में जल्द उपलब्ध होने वाली नई हैल्थकेयर सुविधाओं के साथ-साथ मौजूदा सहभागिता के बाद नयति की मजबूत उपस्थिति बन जाएगी और यह 30 करोड़ से अधिक की आबादी तक अपनी सेवाएं पहुंचाएगा।

श्री एस के जैन, चेयरमैन, सुंदर लाल जैन ट्रस्ट ने कहा, ’’हम नयति हैल्थकेयर के साथ गठबंधन कर हर्षित व गौरवान्वित हैं। नयति ने अपनी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा न  सिर्फ भौगोलिक दूरियों को कम किया है बल्कि आर्थिक अवरोधों को भी हटाया है। नयति की तकनीकी तथा क्लीनिकल विशेषज्ञता के चलते, हम एक बड़ी आबादी के लिए उन्नत टर्शियरी केयर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए स्वर्गीय श्री सुंदर लाल जैन, जो कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए समर्पित सच्चे मानवसेवी थे, की विरासत को आगे बढ़ाने में समर्थ बनेंगे।‘‘

उत्तर पश्चिमी दिल्ली में करीब 3.14 एकड़ क्षेत्रफल में फैला सुंदर लाल जैन अस्पताल अपनी नई ब्रांड पहचान के साथ चरणबद्ध तरीके से कार्य आरंभ करेगा। नयति समूह मरीज़ों की देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अस्पताल के संचालन की अपनी विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगी।

योजना क अनुसार अप्रैल 2019 तक 75 बेड्स और फिर नवंबर 2019 में अतिरिक्त 75 बेड्स की शुरुआत की जाएगी परिणाम स्वरुप 2019 के अंत तक नयति समूह 1300 बेड वाला हैल्थकेयर समूह बन जाएगा तृतीय चरण में 2021 तक इसे 500 बेड का अस्पताल बना सभी प्रकार की स्पेशिलिटी व सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य है।

 

अधिक जानकारी हेतु मीडिया संपर्कः

Anindita Rai Deka- anindita.deka@nayatihealthcare.com – 09643875994

Shrishti Sharma- shrishti.sharma@nayatihealthcare.com – 09582074003

 

November 24, 2018

नयति में चेहरे के लकवे का हुआ सफल इलाज

  • 24 November, 2018

मथुरा । छाता निवासी सतीश चौधरी का बाइक द्वारा कोसी जाते समय एक्सीडेंट हो गया, समय बीतने के साथ उनकी शारिरिक चोट तो ठीक हो गयी लेकिन दुर्घटना में हड्डी टूटने से चेहरे की नस दब गई थी, जिसकी वजह से चेहरा टेड़ा हो गया और उनके चेहरे पर फालिश (लकवा) मार गया। वे नयति आकर ईएनटी विभाग के प्रमुख डॉ मनीष जैन से मिले, जिनके द्वारा किये गए ऑपरेशन के बाद सतीश चौधरी बिल्कुल स्वस्थ हैं।

नयति मेडिसिटी के ईएनटी विभाग प्रमुख डॉ. मनीष जैन ने बताया कि जब सतीश हमारे पास आये थे तब उनकी स्थिति बहुत नाजुक थी, दुर्घटना में उनके कान का पर्दा फट गया था और मुंह पर काफी चोट थी, उनके चेहरे की मांसपेशियों तक जाने वाली नस (फेशियल नर्व) पर काफी दवाब पड़ रहा था, जिसके चलते उनका चेहरा टेड़ा हो गया था, बांयी आंख बंद नहीं हो पा रही थी और चेहरे पर लकवे की शिकायत भी थी, उनकी नस पर पड़ रहे दवाब को हटाना बहुत जरूरी था। उनके परिवार की सहमति के बाद अपनी टीम के साथ मिलकर हमने मस्टॉयडेकटमी व फेशियल नर्व डिकम्प्रेशन जैसे अत्याधुनिक ऑपरेशन करके उनकी नस पर पड़ रहे दवाब को हटा दिया। ऑपरेशन के बाद सतीश चौधरी के चेहरे का टेढ़ापन बिल्कुल ठीक हो गया और बांयी आंख बंद होने के अलावा लकवे की शिकायत भी दूर हो गयी।

अपना इलाज कराने वाले सतीश चौधरी ने कहा कि नयति आने से पहले हमने खुद को कई जगह दिखाया लेकिन कहीं कोई लाभ न मिल सका, जिसके बाद हम नयति आये और यहां के डॉक्टरों से मिले, उनके द्वारा दिये गए आश्वासन के बाद हमने अपना इलाज नयति में कराया, अब मैं बिल्कुल ठीक हूं।

ऑपरेशन करने वालों में डॉ. मनीष जैन के अलावा उनकी टीम के डॉ. श्वेता महाजन एवं डॉ अमित सिंघल की प्रमुख भूमिका रही।

November 20, 2018

नयति में ओपन हार्ट सर्जरी कर सिकुड़ा वॉल्व बदला

  • 20 November, 2018

मथुरा। नयति मेडिसिटी में 58 वर्षीय महिला के हृदय के सिकुड़े हुए वॉल्व ओपन हार्ट सर्जरी करके बदला गया। इस प्रकार का ऑपरेशन करने वाला नयति मेडिसिटी इस क्षेत्र का पहला हॉस्पिटल बन गया है।

फतेहपुर सीकरी, आगरा निवासी मिथलेश के कई साल पहले सांस फूलने की परेशानी हुई। डॉक्टरों को दिखाने पर पता चला कि उनका माइट्रल व ट्राइकस्पिड वॉल्व खराब है जिसे बदलने की आवश्यकता है, लेकिन उन्होंने अपना वॉल्व नहीं बदलवाया और दवाएं खाकर अपना काम चलाती रहीं। कुछ समय पहले उनकी तकलीफ काफी बढ़ गयी। उनका खाना पीना बन्द हो गया, सांस लेने में परेशानी होने लगी, नींद नहीं आती थी और हर समय बेचौनी रहने लगीं जिसके बाद वह नयति आयीं, जहां कार्डियक सर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ आदर्श कोप्पुला से मिलीं।

डॉ. कोप्पुला ने बताया कि मनुष्य के हृदय में चार वॉल्व होते हैं मिथलेश की जब जांच की गयी तो पता चला कि इनका वॉल्व खराब हैं और पूरी तरह सिकुड़ गया था और पूरी तरह बंद नहीं हो पा रहा था, जिसके कारण उनका हृदय काफी फैल गया था, और अशुद्ध खून वापस हृदय में ही आ रहा था, जो लेफ्ट एट्रियम में ही इकट्ठा हो रहा था और उनके हृदय में खून के थक्के भी जम गए थे, जिस वजह से उनके फेफड़ों में भी पानी भर रहा था। मेडिकल भाषा के अनुसार उन्हें मिट्रलस्टिनोसिस हो गया था। उनके खराब वाल्ब को बदलने की तुरंत आवश्यकता थी। परिवार की सहमति के बाद हमने अपनी टीम के साथ मिलकर ओपन हार्ट सर्जरी द्वारा मिट्रल वाल्ब रिप्लेसमेंट करके उनके खराब वाल्ब की जगह मैटल वाल्ब लगा दिया और ट्राईकस्पेड वाल्ब की मरम्मत भी कर दी, जिसके बाद अब उनके हृदय में खून के थक्के नहीं पड़ेंगे। वाल्ब बदलने से पहले हमने उनके हृदय ने जमे खून के थक्के भी पूरी तरह हटा दिए।

यह एक बड़ा ऑपरेशन था जिसे करने के लिए कई सुविधाओं एवं मशीनों की जरुरत पड़ती है जो नयति में मौजूद है। हमारे यहां ब्लड बैंक भी है और अन्य डॉक्टरों की टीम भी मौजूद है, जिसकी वजह से हमको ऑपरेशन करने में काफी आसानी हुई।

उन्होंने बताया कि अधिकतर महिलाओं में वॉल्व की शिकायत पायी जाती है जो अक्सर डिलीवरी के समय ही पता चलती है, इसलिए जैसे ही वॉल्व के खराब होने का पता चले तो तुरंत उसका उचित इलाज करा लेना चाहिए।

नयति में अपना ऑपरेशन कराने वाली मिथलेश ने कहा कि अब से कई वर्ष पूर्व डॉक्टरों ने मेरा एक वाल्व खराब बता दिया था। दवाओं के सहारे मैं अपना काम चला रही थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से मैं काफी परेशान थी तब हम नयति आये, यहां पर डॉ. आदर्श से हमारी बात हुई और हमने यहां अपना ऑपरेशन कराया जो सफल रहा। अब मुझे कोई परेशानी नहीं है।

ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. प्रवीर सिन्हा, डॉ विपिन गोयल एवं वीना वोसवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

November 10, 2018

नयति में हुआ गुर्दे के कैंसर का सफल इलाज़

  • 10 November, 2018

मथुरा 10 नवंबर। दो माह पहले मथुरा की ही मांट निवासी कमलेश पेट में दर्द और बेचैनी की समस्या से बहुत ज्यादा परेशान थीं। उन्होंने मथुरा, आगरा के कई डॉक्टरों को दिखाया पर उन्हें कोई लाभ नहीं हुआ। वे नयति पहुंची, जहां वे कैंसर विभाग के सर्जिकल विभाग के प्रमुख डॉ. रविकांत अरोरा से मिलीं, जिनके द्वारा जरूरी जांच करने पर पता चला कि उनके गुर्दे के ऊपर की तरफ काफी बड़ी कैंसर की गांठ (ट्यूमर) है जो जिगर तक पहुंच रही है और उस ट्यूमर का एक भाग खून की सबसे बड़ी नस में भी ऊपर की ओर जा रहा है।

उनकी सर्जरी करने की तुरंत आवश्यकता थी। डॉ. रविकांत अरोरा, डॉ. हेमेंद्र एवं उनकी पूरी टीम ने इस ट्यूमर को एक जटिल सर्जेरी के द्वारा निकाल दिया।

नयति मेडिसिटी के कैंसर विभाग के अध्यक्ष डॉ प्रो. शांतनु चौधरी ने कहा कि नयति मेडिसिटी में कैंसर से संबंधित हर उपचार मौजूद है, एक ही छत के नीचे कैंसर का क्लीनिकल, सर्जरी एवं कीमोथेरेपी और कैंसर की जांच संबंधी सभी सुविधाएं होने से मरीज को इलाज कराने में काफी मदद मिलती है, और उसका समय तथा आने जाने में लगने वाला पैसा भी बचता है।

नयति मेडिसिटी के कैंसर सर्जिकल विभाग के प्रमुख डॉ. रविकांत अरोरा ने बताया कि “कमलेश हमारे पास 2 महीने पहले पेट में दर्द की शिकायत के साथ आयी थी, उनके गुर्दे में कैंसर था हमने जरूरी जांच के बाद उनकी सर्जरी (राइट रेडिकल नेफ्रेक्टोमी विथ आईवीसी ट्यूमर थ्रोम्बेक्टोमी) कर दी, यदि इस ट्यूमर का समय पर इलाज न कराया जाता तो वह फेफड़ों एवं शरीर के अन्य भागों में भी फ़ैल सकता था, जिससे मरीज की जान को खतरा भी हो सकता था। हमने खून की नाड़ी जहां खून का थक्का था उसे सब तरफ से बंद किया और गुर्दे के ट्यूमर सहित खून के थक्के को एक ही बार में निकाला, इससे मरीज का सफल इलाज़ तो हुआ ही साथ ही जान जाने का खतरा भी टाला जा सका। कमलेश अब बिल्कुल स्वस्थ हैं।

नयति में अपना इलाज कराने वाली कमलेश ने बताया कि यहां आने से पहले मैंने कई जगह खुद को दिखाया लेकिन मेरी बीमारी का कहीं इलाज नहीं हो सका, यहां तक कि धीरे धीरे मेरी तकलीफ बढ़ती ही जा रही थी। यहां इलाज कराने के बाद मैं बहुत खुश हूं।

November 3, 2018

नयति हेल्थकेयर ने की अंगदान जागरुकता कार्यक्रम की शुरुआत

  • 03 November, 2018

मथुरा – यह आनंद शर्मा हैं, गार्गी के पिता… 15 साल की वह मासूम गार्गी जिसकी आंखों में बहुत से सुनहरे सपने सजे हुए थे, जो ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ती थी और अपने मम्मी पापा व भाई की लाड़ली थी। वह गार्गी जो सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई, डॉक्टरों की कड़ी मेहनत के बाद भी जिसे बचाया नहीं जा सका लेकिन वह गार्गी मर कर भी जिंदा है क्योंकि उसके पापा आनंद शर्मा ने अपनी बेटी की मृत्यु के बाद उसकी सुनहरे सपनो से सजी आंखें दान करने की पेशकश की। आज उसी गार्गी की दान की हुई आंखों से दो लोगों की जिंदगी का सूनापन दूर हुआ है, यह कहते हुए नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया जब आगरा निवासी आनंद शर्मा को लेकर स्टेज पर आईं तो ऑडिटोरियम में बैठे हुए सभी लोग खड़े होकर गार्गी और उसके पिता के सम्मान में तालियां बजाने लगे। यह मौका था मृत्यु उपरांत शरीर के अंगदान करने की उस मुहिम से सबको जोड़ने का जिसे नयति मेडिसिटी ने ऑर्गन डोनेशन इंडिया फाउंडेशन और रोटरी क्लब मुदबिदरी और रोटरी क्लब मथुरा सेंट्रल के साथ मिलकर आगे बढ़ाया है।

नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि मानव जीवन अमूल्य है और यदि मृत्यु के बाद किए गए अंगदान से किसी मानव की जिंदगी की रक्षा हो सके तो इससे बड़ा पुण्य इस धरती पर कुछ नहीं है। ये सोचकर अफ़सोस भी होता है कि लोगो को जानकारी ही नहीं है कि वे मृत्यु के पश्चात भी करीब 8 लोगों की जान बचा सकते हैं और अपनी मृत्यु के बाद भी जीवित रह सकते हैं।

बॉडी ऑर्गन डोनेशन अवेयरनेस प्रोग्राम के जरिए नयति मेडिसिटी द्वारा दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए मृत्यु उपरांत अंगदान के लिए लोगों को शिक्षित और जागरूक करने  का प्रयास किया जाएगा।

इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो ऑर्गन फेल्यर की लास्ट स्टेज का सामना कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि अंगदान को लेकर अभी भी लोगों में तरह-तरह की भ्रांतियां व्याप्त हैं जिनके कारण एक बहुत बड़ा वर्ग अंगदान करने के लिए आगे नहीं आता। पिछले साल नयति में लॉन्च किए गए किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम के बाद यह पता चल सका कि अपने परिजन की जीवन रक्षा के लिए अंगदान करने वालों की संख्या बढ़ रही है और अब यह बहुत जरूरी है कि सहमति से लोग अंगदान करना शुरू करें ताकि एक संपूर्ण विश्वस्तरीय स्वास्थ्य चिकित्सा आमजन तक पहुंच सके। जल्दी ही नयति हार्ट और फेफड़ों के प्रत्यारोपण कार्यक्रम भी शुरू करने जा रहा है! हमारा उद्देश्य प्रत्यारोपण सुविधाओं को उन लोगों तक पहुंचाना है जो दूसरे शहरों में जाने या महंगे इलाज के कारण अंग प्रत्यारोपण करने में सक्षम नहीं होते

इस मुहिम के जरिए नयति स्वैच्छिक अंगदान को प्रोत्साहित करते हुए साक्षरता व जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा जिसमें विशेषज्ञ काउंसलर्स हर स्तर पर जनसंपर्क द्वारा लोगों तक पहुंच कर उन्हें अंगदान के लिए प्रेरित, शिक्षित और जागरूक करेंगे।

इस अवसर पर ऑर्गन डोनेशन इंडिया के अध्यक्ष लाल गोयल ने कहा “मैं नयति हेल्थकेयर द्वारा शुरू की गई इस पहल की सराहना करता हूं। हर साल भारत में करीब 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, लेकिन अंग दान के बारे में जागरूकता की कमी के कारण कई जानें जो बचायी जा सकती थी नहीं बच पाती। यही कारण है कि इस क्षेत्र में अंगदान के महत्व पर लोगों को शिक्षित करने की बहुत आवश्यकता है।

कार्यक्रम के अंत में रोटरी क्लब के प्रेसिडेंट नीरव अग्रवाल ने वोट ऑफ थैंक्स देते हुए कहा कि आज के कार्यक्रम के बाद मुझे यकीन है कि अंगदान के प्रति जागरूकता की यह पहल अब समाज के सभी वर्गों तक पहुंचेगी।

कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी व नगर के गणमान्य और बुद्धिजीवी व्यक्ति प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

October 23, 2018

यूनियन बैंक में ग्राहकों को मिलेंगी 24 घंटे सेवाएं

  • 23 October, 2018

मथुरा 23 अक्टूबर। यूनियन बैंक की सौंख चौराहा शाखा में अब इ. लॉबी सेवा के अंतर्गत ग्राहकों को साल के 365 दिन और 24 घंटे सेवाएं प्राप्त हो सकेंगीं। इ. लॉबी का शुभारंभ यूनियन बैंक के लखनऊ अंचल के क्षेत्र महाप्रबंधक लाल सिंह और नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित करके किया।

इस अवसर पर यूनियन बैंक के क्षेत्र महाप्रबंधक लाल सिंह ने कहा कि हमारी शाखा में इस सेवा के शुरू होने के बाद दुकानदारों और व्यापारियों को काफी लाभ मिलेगा,  वे किसी भी समय और किसी भी दिन अपना पैसा जमा करा सकते हैं और निकाल भी सकते हैं पासबुक अपडेट कर सकते हैं और चैक आदि की भी जमा निकासी की जा सकती है।

 

नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि जिस तरह नयति ने महानगरों में मिलने वाला उपचार ब्रज तक पहुंचाया है उसी प्रकार यूनियन बैंक द्वारा आरम्भ की गई इ. लॉबी सेवा मथुरा में शुरू करना सराहनीय है अभी तक इस प्रकार की सेवाएं महानगरों के लोगों तक ही पहुंच पाती थीं किन्तु अब ब्रजवासी भी इन सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

कार्यक्रम में आगरा क्षेत्र प्रमुख के.एस यादव एवं शाखा प्रबंधक ब्रजमोहन उपस्थित थे।

October 6, 2018

कई वर्षों से पेशाब की समस्या से ग्रस्त महिला का नयति में ऑपरेशन द्वारा हुआ सफल इलाज

  • 06 October, 2018

मथुरा नयति मेडिसिटी में रुक रुक कर आ रही पेशाब की समस्या से ग्रस्त हाथरस निवासी 49 वर्षीय महिला का एलएमजी यूरेथ्रोप्लास्टी विधि से सर्जरी कर सफल इलाज किया गया।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ. आरके मनी ने कहा कि नयति में स्थित डॉक्टरों की टीम हर प्रकार की गंभीर बीमारियों के इलाज एवं सर्जरी के लिए सक्षम है, यह सर्जरी भी हमारी टीम द्वारा किया गया एक उदाहरण है।

नयति मेडिसिटी के यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सुमित शर्मा ने बताया कि मुन्नीदेवी जब हमारे पास आयीं तो पिछले कई वर्षों से पूरी तरह पेशाब न होने की परेशानी से जूझ रहीं थीं, उन्हें पेशाब करते समय बहुत जोर लगाना पड़ता था और बूंद बूंद करके उनकी पेशाब आती थी। यहां आने से पहले आगरा और जयपुर के कई अस्पतालों में भी खुद को दिखाने के अलावा एक ऑपरेशन तक करा चुकी थीं, लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं हुआ। यहां आने के बाद हमारे द्वारा युरोफ्लोमेट्री टेस्ट एवं अन्य जांचों  द्वारा पता चला कि उनकी पेशाब की नली सिकुड़ने के साथ संकरी (एमसीयू) भी हो गयी है, जिसको ऑपरेशन के माध्यम से ठीक किया जा सकता है। परिवार की सहमति के बाद हमने अपनी टीम के साथ मिलकर उनका एलएमजी यूरेथ्रोप्लास्टी विधि से सफल ऑपरेशन कर दिया, जिसमें हमने उनकी जीभ की त्वचा से उनकी पेशाब की नली को रीकंस्ट्रक्ट कर दिया।अब वे बिल्कुल स्वस्थ हैं।

नयति में अपना ऑपरेशन कराने वाली मुन्नी देवी ने बताया कि इस बीमारी के कारण मेरी जिंदगी बिल्कुल अस्त व्यस्त हो गयी थी। किसी काम में मन नहीं लगता था और ना ही किसी रिश्तेदार आदि के यहां जाने को दिल करता था। हर समय कपड़े खराब होने का डर बना रहता था, लेकिन नयति में ऑपरेशन कराने के बाद मुझे अब किसी तरह की कोई समस्या नहीं है अब मैं बहुत ज्यादा खुश हूं।

ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. हर्ष गुप्ता एवं डॉ विकास कुमार पवार का प्रमुख योगदान रहा।

September 28, 2018

विश्व हृदय दिवस पर नयति हॉस्पिटल आगरा ने लगवाए सैकड़ों लोगों को ठहाके

  • 28 September, 2018

विशेषज्ञों, डाक्टरों ने बताए हॅस कर दिल दुरूस्त रखने के नुस्खे

आगरा। दिल को कैसे दुरूस्त रखें, दिल की बीमारियों से कैसे बचें इसका सबसे बड़ा जवाब खुश रहें और खूब हसें, इसी सिद्वांत को ताजनगरी वासियों तक पहुंचाने के लिए नयति हॉस्पिटल आगरा द्वारा विश्व हार्ट सप्ताह के अवसर पर पालिवाल पार्क में एक विशाल हास्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नयति के डॉक्टरों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से आये हुए सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। हास्य योग कार्यक्रम में दिल्ली एकेडमी ऑफ लाफ्टर योगा की फाउंडर डॉ. संतोष साही और उनकी टीम ने लोगों ने जमकर ठहाके लगवाए तो वहीं डॉक्टरों ने इन ठहाकों से दिल की सेहत अच्छी होने के राज बताए।

इस अवसर पर नयति हॉस्पिटल की यूनिट हेड डॉ. ज्योति तिवारी ने कहा कि योग हमारे देश की प्राचीन विद्याओं में से एक है जिसे लोगों के स्वस्थ तन और मन के लिए हमारे ऋषियों ने लोगों तक पहुंचाया। अब तो सारी दुनिया योग की दीवानी हो गयी है। हास्य योग भी योग का ही एक भाग है जिसके द्वारा हम कई बीमारियों आदि से बच सकते हैं। यह कार्यक्रम भी नयति के उस प्रयास का हिस्सा है जिसके द्वारा हम लोगों को स्वस्थ रहने के लिए जागरूक करते हैं।

इस अवसर पर आगरा के सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने कहा कि नयति द्वारा समय समय पर विभिन्न सामाजिक कार्य किये जाते रहे हैं, मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आगे भी नयति द्वारा लगाए जा रहे कैम्पों से लोगों को लाभ मिल पायेगा।

एडीएम सिटी के.पी सिंह ने कहा कि नयति हॉस्पिटल का यह अच्छा प्रयास है, लोगों में जागरूकता आना बहुत जरूरी है, यदि लोग बीमारियों आदि से जागरूक होंगे तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ पीयूष, डॉ संजीव गुप्ता, डॉ प्रीती वत्सल, डॉ उत्कर्ष सरकार एवं संजय प्लेस कमैटी, नगर निगम एवं बीएसएनएल के वरिष्ठ पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

September 27, 2018

नयति मना रहा है वर्ल्ड हार्ट सप्ताह, लगे ठहाके

  • 27 September, 2018

मथुरा । नयति मेडिसिटी में वर्ल्ड हार्ट सप्ताह के अवसर पर हास्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नयति के डॉक्टरों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से आये हुए लोगों ने भाग लिया। हास्य योग कार्यक्रम में लोगों ने जमकर ठहाके लगाए।

इस अवसर पर नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि योग हमारे देश की प्राचीन विद्याओं में से एक है जिसे लोगों के स्वस्थ तन और मन के लिए हमारे ऋषियों ने लोगों तक पहुंचाया। अब तो सारी दुनिया योग की दीवानी हो गयी है। हास्य योग भी योग का ही एक भाग है जिसके द्वारा हम कई बीमारियों आदि से बच सकते हैं।

उन्होंने कहा कि नयति में शुरू से ही योग एवं वैलनेस विभाग है जो योगाचार्य आशुतोष के निर्देशन में चल रहा है, जहां मरीजों और उनके साथ आये तीमारदारों को नियमित योग कराया जाता है।

इस कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से आमंत्रित दिल्ली एकेडमी ऑफ लाफ्टर योगा की फाउंडर डॉ संतोष साही ने कहा कि इंसान को दिन में कम से कम 15 मिनट ठहाके लगाने चाहिए। वैसे तो मुस्कुराने से भी कई लाभ होते हैं लेकिन ठहाके हमारे दिल के लिए किसी वरदान से कम नहीं होते। ठहाकों से हमारे शरीर में पाए जाने वाला एंडोसिंच नामक हार्मोन्स में बदलाव आता है, जिससे तनाव में काफी कमी आती है। हंसना शुरू करते ही मूड बदल जाता है, हास्य योग द्वारा इम्युनिटी सिस्टम को बूस्ट मिलता है, इसके अलावा डिप्रेशन, एंजाइटी, ब्रेन स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर, डाइबिटीज आदि से बचाव के लिए भी ठहाके काफी कारगर साबित होते हैं।अनियमित दिनचर्या एवं खानपान एवं तनाव के चलते हृदय की नलियां सिकुड़ जाती हैं और उनमें खून के थक्के भी पड़ जाते हैं। ठहाके लगाने से ह््रदय की नालियां खुल जाती हैं और धीरे धीरे उनमें जमे क्लॉट भी निकल जाते हैं, इसलिए इंसान को खुलकर ठहाके लगाने चाहिए।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजेश चतुर्वेदी, डॉ आदर्श कोपुला, डॉ रोहित तिवारी, डॉ जगदानंद झा, डॉ प्रवीर सिन्हा, डॉ विपिन, डॉ के एम साहू, डॉ कपिल शर्मा, डॉ मनीष जैन, डॉ अमित भार्गव, डॉ अपूर्व नारायण आदि उपस्थित थे।