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September 12, 2019

नयति में गंभीर हालत में आई गर्भवती महिला को मिला नया जीवन

  • 12 September, 2019

मथुरा 9 सितंबर। होडल निवासी 22 वर्षीय आशा का प्रसव के समय एक निजी अस्पताल में बच्चे के साथ गर्भाशय बाहर आ गया, जिसके बाद उनकी स्थिति काफी बिगड़ गयी, स्थिति खराब होने के बाद उनके परिजन शहर के कई अस्पतालों में आशा को लेकर गए किन्तु प्रत्येक अस्पताल ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया, यहां तक कि दो अस्पतालों ने तो आशा को मृत तक घोषित कर दिया था, जिसके बाद आशा के परिजन उसे नयति लेकर आये, और नयति में मिले इलाज के बाद आशा और उसके बच्चे की जान बच सकी।

नयति मेडिसिटी में आशा का इलाज करने वाली स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ निधी अग्रवाल ने बताया कि जब आशा हमारे पास इमरजेंसी विभाग में आई थीं तब उनका गर्भाशय शरीर के बाहर निकला हुआ था, जिसके चलते उनके शरीर से काफी मात्रा में खून बह जाने के कारण शरीर में खून की भी काफी कमी हो गयी थी। उनकी नब्ज नहीं चल रही थी, और बीपी भी नहीं था। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए आईसीयू में स्टेबल करने के बाद 30 मिनट के अंदर ही उन्हें ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट कर दिया, जहां हमने बिना किसी चीरफाड़ के उनके गर्भाशय को अंदर कर अन्य आवश्यक उपचार किया। उन्हें तत्काल खून चढ़ाने की जरूरत थी, और नयति में ही ब्लड बैंक होने के कारण उनको खून चढ़ाने के लिए हमें समय खराब नहीं करना पड़ा, और उन्हें 16 यूनिट खून चढ़ाया जा सका। अस्पताल में कुछ दिन आईसीयू में डॉक्टरों की टीम की निगरानी में रखने के बाद हमने उनको घर भेज दिया। अब वे बिल्कुल स्वस्थ हैं।

नयति के स्त्री रोग विभाग की डायरेक्टर एवं विभाग प्रमुख डॉ शालिनी अग्रवाल ने कहा कि समाज में महिलाओं का विशेष योगदान होता है और स्वस्थ मां से ही स्वस्थ बच्चा होगा और स्वस्थ बच्चे से ही भविष्य का स्वस्थ समाज बन सकता है। महिलाएं ही समाज में एकमात्र हैं जो पूरे साल 24X7 बिना कोई छुट्टी लिए काम करती हैं। टियर 2 एवं टियर 3 शहरों की महिलाओं में जागरूकता और अच्छे अस्पतालों की कमी के चलते स्थिति और भी ज्यादा खराब है, जिसे देखकर मन काफी विचलित होता है।

नयति का स्त्री रोग विभाग इस क्षेत्र का सबसे बेहतरीन एवं अत्याधुनिक स्त्री रोग विभाग है, जहां विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ देश की बेहतरीन डॉक्टरों की टीम मौजूद है। अक्सर देखा जाता है कि नयति में अक्सर कई अस्पतालों से निराश होने के बाद और काफी उम्मीदों के साथ मरीज आते हैं, जिनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी होती है। नयति में एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं होने और 24X7 अनुभवी डॉक्टरों की टीम की वजह से हम अपने यहां आने वाले मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से कर पाते हैं।

September 9, 2019

देश की विख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ शालिनी अग्रवाल बनी नयति मेडिसिटी का हिस्सा

  • 09 September, 2019

मथुरा 4 सितंबर। दिल्ली तथा देश के कई शहरों के नामी अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे चुकीं डॉ शालिनी अग्रवाल अब नयति मेडिसिटी का हिस्सा बन गयी हैं। डॉ शालिनी अग्रवाल नयति हॉस्पिटल में स्त्री रोग विभाग की डायरेक्टर एवं विभाग प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगीं। आपको स्त्री रोगों के निदान का 30 वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्त है, तथा आपके द्वारा महिलाओं से सम्बंधित रोगों पर किये गए कई शोध एवं खोज कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हो चुके हैं।

इस अवसर पर नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि स्वस्थ महिलाओं से ही स्वस्थ समाज की कल्पना की जा सकती है। हमारे यहां का स्त्री रोग विभाग क्षेत्र का सबसे बेहतरीन एवं अत्याधुनिक स्त्री रोग विभाग है, जहां 24X7 वरिष्ठ एवं अनुभवी चिकित्सकों की टीम मौजूद है। हमारे इस विभाग में हाई रिस्क प्रेगनेंसी, डिफिकल्ट लेबर एवं कॉम्प्लिकेटेड डिलीवरी, लेबर रूम एवं बर्थिंग सुइट, कंप्लीट एंटी नेटल केयर, बांझपन का इलाज, दूरबीन के माध्यम से सर्जरी एवं स्त्रियों से संबंधित कैंसर सर्जरी आदि हर प्रकार की सुविधाएं मौजूद हैं।

हमारे यहां कई महिला मरीज गंभीर अवस्था में आ रही हैं जिन्हें हमारे यहां के डॉक्टरों द्वारा उन्हें फिर से नया जीवन दिया गया।हमारे यहां ब्रज क्षेत्र के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश आदि अन्य राज्यों से भी महिला मरीज अपना इलाज कराने आती हैं। इलाज के बाद घर जाते समय उनके चेहरे की खुशी देखकर मन को काफी सुकून मिलता है। हमारे यहां के स्त्री रोग विभाग में डॉ प्रीति भदौरिया, डॉ निधि अग्रवाल, डॉ तन्वी राज, डॉ निशा मुंजाल, डॉ नेहा गर्ग, डॉ नेहा अग्रवाल और डॉ संदीप कौर 24X7 अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ शालिनी के नयति परिवार में आने का मैं स्वागत करती हूं और मुझे पूरा भरोसा है कि इनके अनुभव का लाभ हमारे स्त्री रोग विभाग के अलावा क्षेत्र के लोगों को भी प्राप्त होगा।

नयति मेडिसिटी के स्त्री रोग विभाग की डायरेक्टर एवं विभाग प्रमुख डॉ. शालिनी ने कहा कि काफी समय तक मैं दिल्ली एनसीआर के जाने माने अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं, जहां महसूस होता था कि देश के टियर 2 एवं टियर 3 शहरों में हैल्थकेयर की स्थिति काफी खराब है। महिलाओं में जागरूकता की कमी के चलते भी स्वास्थ्य संबंधी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एक आंकड़े के अनुसार उत्तरप्रदेश में मातृत्व मृत्यु दर सबसे अधिक है, जिसमें कमी लाना भी एक चुनौती है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नयति हैल्थकेयर एक ऐसा नाम है जो टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। देखा जाय तो आज विश्वस्तरीय इलाज की सबसे ज्यादा जरूरत टियर 2 और टियर 3 शहरों के लोगों को ही है। ब्रज में आकर इस क्षेत्र के बड़े अस्पताल नयति से जुड़कर मुझे ब्रजवासियों की सेवा करने का अवसर मिलेगा यह सोचकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ।