PRESS RELEASES

June 12, 2019

नयति में दो दिन के बच्चे की रीढ़ की हड्डी पर नसों से उलझी हुई गांठ का हुआ सफल ऑपरेशन

  • 12 June, 2019

नयति स्थित न्यूरो सर्जरी विभाग बना एन्ड टू एन्ड स्ट्रोक मैनेजमेंट सेंटर

मथुरा 7 जून। टूंडला निवासी बॉबी ने रेलवे हॉस्पिटल, टूंडला में बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद डॉक्टरों ने देखा कि बच्चे की पीठ के निचले हिस्से में काफी बड़ा फोड़ा है, जो बच्चे के जीवन के लिये काफी खतरनाक है। यह पता चलने पर बच्चे के परिजन उसके इलाज के लिये नयति मेडिसिटी लेकर आये, जहां न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर दिया।

नयति मेडिसिटी के न्यूरो सर्जरी विभाग के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ रविन्द्र श्रीवास्तव और डॉ विमल कुमार ने बताया कि जब बच्चा हमारे यहां लाया गया था तो वह सिर्फ एक दिन का था। उसकी पीठ पर बहुत बड़ी गांठ दिखाई पड़ रहा था, पर उस गांठ के अलावा बच्चे के शरीर की अन्य परेशानियों को जानने के लिए बच्चे की अल्ट्रासाउंड तथा एमआरआई करने की जरूरत थी, उसमें भी काफी चैलेंज था। बच्चे की एमआरआई केवल एनेस्थीसिया देकर ही की जा सकती थी, और बच्चे को एनेस्थीसिया भी बार बार नहीं दी जा सकती, इसलिए हमने तय किया कि बच्चे को केवल एक बार ही एनेस्थीसिया देंगे और वहीं उसकी अल्ट्रासाउंड, एमआरआई (ब्रेन और स्पाइन) की रिपोर्ट को देखकर तुरंत उसका ऑपरेशन कर देंगे।

एमआरआई की रिपोर्ट देखकर पता चला कि बच्चे गांठ में पानी भरा हुआ है और दिमाग तक जाने वाली नसें आपस में काफी उलझी हुई हैं, इसके अलावा बच्चे के दिमाग में भी पानी भरा था। हमने सबसे पहले बच्चे के दिमाग से पानी निकालने के लिए बच्चे के सिर से पेट तक वीपी शंट डाला और उसके बाद गांठ का ऑपरेशन करके उलझी हुई नसों को ठीक कर दिया। दो दिन पीडियाट्रिक आइसीयू में रखने के बाद बच्चे को वापस घर भेज दिया। इस बच्चे के ऑपरेशन में हमारे यहां मौजूद एक ही छत के नीचे सभी सुविधाओं का काफी योगदान रहा, इनकी वजह से हमारा समय बिल्कुल खराब नहीं हुआ और हम बच्चे की सफल सर्जरी कर पाए।

नयति मेडिसिटी के न्यूरो फिजिशियन डॉ नीलेश गुप्ता ने बताया कि इस तरह की परेशानी को मेडिकल भाषा में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट कहते हैं, जो फोलिक एसिड (एक प्रकार का विटामिन बी) की कमी से होती है। न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से बचने का सबसे आसान तरीका प्रेगनेंसी से पहले या प्रेगनेंसी के दौरान सही मात्रा में फोलिक एसिड का सेवन होता है। गर्भवती महिलाओं को समय समय पर अपनी तथा अपने बच्चे की जांच योग्य स्त्रीरोग विशेषज्ञ से कराते रहना चाहिये। जागरूकता की कमी अथवा लापरवाही से ही इस तरह की परेशानी होती है।

नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हमारे यहां का न्यूरो सर्जरी विभाग एक बेहतरीन एन्ड टू एन्ड स्ट्रोक मैनेजमेंट सेंटर है। नेशनल हाइवे पर होने के कारण हमारे यहां ट्रॉमा के मरीज अक्सर आते रहते हैं। ट्रॉमा के मरीज को इलाज की तत्काल जरूरत होती है और मरीज को न्यूरो सर्जरी के अलावा ब्लड बैंक, ऑर्थोपेडिक, कार्डियक, जीआइ सर्जरी आदि अन्य विभागों की जरूरत भी पड़ सकती है, जिसके लिए हमारे यहां के हर विभाग में 24ग्7 डॉक्टर उपस्थित रहते ही हैं।

नयति स्थित न्यूरो सर्जरी विभाग में अब मथुरा के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा आदि अन्य प्रदेशों से भी मरीज आकर अपना इलाज करा रहे हैं। लोगों का नयति पर बढ़ता विश्वास हमारे यहां के देश के बेहतरीन डॉक्टरों तथा विश्वस्तरीय सुविधाओं के कारण ही संभव हो पाया है। हमारे यहां अब तक 2 दिन के बच्चे से 96 वर्ष के बुजुर्ग की सफल न्यूरो सर्जरी हो चुकी है।

May 28, 2019

नयति में 71 वर्षीय बुजुर्ग के पेट से निकाली 7 किलो की सिस्ट

  • 28 May, 2019

मथुरा 25 मई। 71 वर्षीय बहोरन सिंह पिछले 5 साल से पेट के भारीपन से परेशान थे। इसे वह पेट में गैस आदि की सामान्य समस्या समझ कर अपना इलाज करा रहे थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से तो उन्हें खानेपीने में भी दिक्कत होने लगी, यहां तक कि कुछ भी खाते ही वह उल्टी द्वारा निकल जाता था। अपनी इसी परेशानी के साथ वह नयति पहुंचे और डॉक्टरों ने जांच करने पर पाया कि उनके पेट में काफी बड़ी गांठ है, जिसे निकालने की जरूरत है। परिवार की सहमति के बाद उनके पेट से सफलतापूर्वक सिस्ट निकाल दी गयी।

नयति मेडिसिटी के जीआई सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ अजय अग्रवाल और डॉ सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि बहोरन की जांच में जो सिस्ट पता चली उसे मेडिकल साइंस में लाइपोसर्कोमा नाम की बीमारी कहते हैं, जिसमें पेट की चर्बी में अंदर की ओर गांठ पड़ जाती है जो लगातार बढ़ती रहती है। यह बीमारी बहुत ही कम लोगों में पायी जाती है। बहोरन के पेट में काफी बड़ी सिस्ट थी, जो पेशाब की नली, छोटी – बड़ी आंत, खून की नालियों तथा पेट के अंदर कई और अंगों से चिपकी हुई थी, जिसे सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। ऑपरेशन के बाद निकाली गयी सिस्ट का वजन 7 किलो था।

नयति मेडिसिटी के जीआई सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ योगेश अग्रवाला ने कहा कि नयति के जीआई सर्जरी विभाग में काफी अनुभवी डॉक्टरों की टीम विश्वस्तरीय तकनीक के साथ मौजूद है, जहां हर्निया, एपेंडिक्स, पित्त की थैली और नली की सर्जरी, छोटी-बड़ी आंतों की सर्जरी के अलावा पेट से संबंधित हर तरह की सर्जरी की जा रही हैं, और तो और हमारे यहां 176 से ज्यादा मोटापा कम करने वाली बैरियाट्रिक सर्जरी भी की जा चुकी हैं। यह सभी सर्जरी लैप्रोस्कोपी सर्जरी के माध्यम से की जाती हैं, जिसमें मरीज दूसरे दिन ही अपने घर वापस चला जाता है। नयति में एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मौजूद होने से मरीज के इलाज में सहूलियत मिलती है।

अपना ऑपरेशन कराने वाले बहोरन सिंह ने कहा कि नयति आने से पहले मेरा पेट काफी फुला हुआ रहता था, लगता था कि पेट पर कोई वजन रखा हुआ है। तीन चार दिन में एक बार शौच जा पाता था। ऑपरेशन के बाद मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं और ठीक से खापी भी रहा हूं।

सर्जरी करने वाली टीम में डॉ शिव कुमार यादव और डॉ परमेश्वर वीजी का विशेष योगदान रहा।

May 7, 2019

स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए नयति को मिले अवार्ड

  • 07 May, 2019

5 मई। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के द्वारा दोपुरस्कारों से नवाजा गया है। उन्हें स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए टियर 2 और टियर 3 शहरों में सुपर स्पेशियलिटीइलाज पहुंचाने के लिए एक्सीलेंस इन मल्टी स्पेशियलिटी टर्शरी केयर हॉस्पिटल अवार्ड तथा एक्सीलेंस इन सीएसआर इनिशिएटिव अवार्ड देकरसम्मानित किया गया।

ज्ञात हो कि नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने विश्वस्तरीय तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को टियर 2 तथा टियर 3 शहरों तक पहुंचाने काकार्य किया है, जिसके अंतर्गत उनके द्वारा मथुरा में शुरू किए गए पहले हॉस्पिटल नयति मेडिसिटी में आज स्वास्थ्य संबंधी हर वो सेवा उपलब्ध है जोनयति से पहले देश के गिने चुने बड़े तथा महानगरों में ही उपलब्ध थी। बिजनेस वर्ल्ड मैग्जीन द्वारा हर वर्ष स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वालेलोगों को इस प्रकार के अवार्ड से नवाजा जाता है।

इस अवसर पर नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि बिजनेस वर्ल्ड द्वारा दिये गए इन दोनों एवार्ड्स के लिए मैं आयोजकों का तहेदिलसे शुक्रिया अदा करती हूं।

May 7, 2019

देश के जाने माने कार्डियक सर्जन डॉ. मोहंती बने नयति का हिस्सा

  • 07 May, 2019

मथुरा 3 मई 2019।हृदय की दस हजार से अधिक सर्जरी कर चुके देश के जाने माने कार्डियक सर्जन डॉ. विक्रम केशरी मोहंती अपने 25 वर्षों से अधिकअनुभव के साथ अब नयति मेडिसिटी का हिस्सा बन गए हैं। नयति में डॉ. मोहंती हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। नयतिमेडिसिटी से पहले डॉ. मोहंती सफदरजंग, अपोलो, नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट, द हार्ट सेंटर, जे पी हॉस्पिटल, तिरुमाला हॉस्पिटल, कामिनेनी मेडिकल कॉलेजएंड हॉस्पिटल तथा हॉस्पिटल ऑफ शाल्बी ग्रुप जैसे देश के विभिन्न अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, तथा आप देश के उन गिने चुने कार्डियक सर्जनमें से एक हैं जिन्हें किसी भी उम्र (नवजात शिशु से बुजुर्ग तक) के मरीज की कार्डियक सर्जरी करने में महारथ हासिल है। उनके नयति से जुड़ने के बाद ब्रजतथा आसपास के लोगों को भी काफी लाभ प्राप्त हो सकेगा। एमबीबीएस, एमएस (जनरल सर्जन), डीएनबी (सीटीवीएस सर्जरी) कर चुके डॉ मोहंती कोकॉम्प्लेक्स बाईपास, बीटिंग हार्ट सर्जरी, री-डू सर्जरी, टोटल ऑर्टरियल रिवाइसक्लाइजेशन, अवेक सर्जरी, कैरोटिड एंडेक्टेक्टॉमी, संयुक्त बाईपास, सिंगलडबल और ट्रिपल वॉल्ब रिप्लेसमेंट, छोटे बच्चों के हृदय सर्जरी के अलावा हृदय संबंधी हर प्रकार की सर्जरी का अनुभव प्राप्त है। आपके द्वारा किये गएकई शोध राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी प्रकाशित हो चूके हैं।

इस अवसर पर नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि पिछले 3 वर्षों में हमने देखा कि हमारे हृदय रोग विभाग में बच्चों से लेकर बुजुर्गोंतक हर उम्र के मरीज आ रहे हैं। नयति स्थित कार्डियक सेंटर इस क्षेत्र का सबसे बेहतरीन और विश्वस्तरीय कार्डियक सेंटर है, जहां बेहतरीन संसाधनों केसाथ देश के जाने माने चिकित्सक मौजूद हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि डॉ मोहंती के नयति परिवार से जुड़ने के बाद नयति में आने वाले हृदय रोगियों कोऔर अधिक लाभ मिल सकेगा।

इस अवसर पर डॉ. विक्रम केशरी मोहंती ने कहा कि काफी समय तक मैं देश के कई जाने माने अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं, जैसे ही मुझे ब्रज मेंआने का सौभाग्य प्राप्त हुआ मैं खुद को यहां आने से रोक नहीं पाया। देखा जाय तो आज विश्वस्तरीय इलाज की सबसे ज्यादा जरूरत टियर 2 और टियर 3शहरों के लोगों को ही है। ब्रज में आकर इस क्षेत्र के बड़े अस्पताल नयति से जुड़कर मुझे ब्रजवासियों की सेवा करने का अवसर मिलेगा यह सोचकर खुद कोगौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ।

April 23, 2019

नयति हैल्थकेयर करेगा वैल वुमेन्स क्लब का शुभारंभ

  • 23 April, 2019

मथुरा 21 अप्रैल। महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और सजग करने के लिए नयति हैल्थकेयर वैल वुमेन्स क्लब की शुरुआत करेगा।

नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा, “महिलाओं का समाज में विशेष योगदान रहता है। घर हो या बाहर.. महिलाएं हर जगह अपना कामपूरी जिम्मेदारी के साथ बखूबी निभाती हैं, किन्तु इन सारी जिम्मेदारियों को निभाते हुए वे खुद का ध्यान नहीं रख पातीं। महिलाओं में अपने स्वास्थ्य कोलेकर जागरूकता फैलाने के लिए हम वैल वूमेन क्लब का शुभारंभ करने जा रहे है। वैल वुमेन्स क्लब की सदस्य महिलाओं को नयति हैल्थकेयर द्वारासंचालित किसी भी अस्पताल में इलाज कराने पर ओपीडी, विभिन्न जांचों अथवा भर्ती होने पर विशेष छूट दी जाएगी, इसके अलावा समय समय पर क्लबकी सदस्यों के लिए स्वास्थ्य संबंधी कैम्प और जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। हमारा उद्देश्य है कि समाज में महिलाएं अपने स्वास्थ्य केप्रति सजग रहें और बीमारी बढ़ने से पहले अपना ईलाज कराएं।”

मथुरा में महिलाएं इस क्लब का रजिस्ट्रेशन मंगलवार २३ अप्रैल सुबह ११ बजे से १ बजे तक करवा सकती हैं।

April 12, 2019

नयति में एमबीबीएस डॉक्टर प्राप्त कर सकेंगे डीएनबी की डिग्री

  • 12 April, 2019

मथुरा, 11 अप्रैल 2019। क्षेत्र का पहला विश्वस्तरीय मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल नयति मेडिसिटी में अब एमबीबीएस डॉक्टर डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे।

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत नैशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (एनबीई) द्वारा डीएनबी उपाधि उन उम्मीदवारों को दिया जाता है जो सफलतापूर्वक पोस्ट ग्रेजुएट या पोस्ट डॉक्टोरल मेडिकल पढ़ाई को पूरी करते हैं। अस्पतालों में विशेषज्ञ की कमी को दूर करने के लिए अब कुछ प्राइवेट अस्पतालों में डीएनबी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए मंजूरी दी गई है। गौरतलब है कि एनबीई के डीएनबी पाठ्यक्रम को एमडी और एमएस के बराबर ही मान्यता है। एमडी-एमएस की तरह एमबीबीएस करने के बाद यह कोर्स विशेषज्ञता के लिए किया जाता है।

अभी नयति में इंटरनल मेडिसिन, एनेस्थिसियोलॉजी तथा इमयोनोहेमाटॉलजी और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के क्षेत्र में डीएनबी कराया जाएगा, और आने वाले समय में जनरल सर्जरी, क्रिटिकल केयर, प्रसूति एवं स्त्रीरोग, मेडीकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, कार्डियोलॉजी तथा नेफ्रोलॉजी में भी डीएनबी कराया जाने लगेगा। इसके अलावा नयति द्वारा मिनिमल एक्सेस सर्जरी और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के लिए फेलोशिप नेशनल बोर्ड के लिए भी आवेदन कर दिया है।

इस अवसर पर नयति हेल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि देश में पहले ही डॉक्टरों की काफी कमी है और विशेषज्ञ डॉक्टर तो केवल महानगरों में ही हैं। टियर 2 और टियर 3 शहरों के लोगों को तो विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधाएं प्राप्त करने के लिए जूझना ही पड़ता है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन द्वारा डीएनबी की मान्यता मिलना स्वास्थ्य सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में यह मान्यता मिलना हमारे लिये गौरव की बात है। इस मान्यता को प्राप्त करने के लिए किसी भी संस्थान को कड़े मापदंडों से गुजरना पड़ता है। हमें अपने चिकित्सकों, हमारे सलाहकारों तथा विश्वस्तरीय सुविधाओं पर गर्व है, जिनकी वजह से हम यह मान्यता प्राप्त कर सके। हमारे पास पहले से ही क्रिटिकल केयर मेडिसिन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की 4 सीटों और क्रिटिकल केयर नर्सिंग में स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए 4 सीटों के लिए आईएससीसीएम की मान्यता है। हम न केवल टियर 2 और 3 शहरों में क्वार्टरनेटरी केयर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं, बल्कि अगली पीढ़ी के विशेषज्ञ चिकित्सक को भी सक्षम और विकसित कर रहे हैं।

April 2, 2019

विख्यात क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ यश जावेरी बने नयति का हिस्सा

  • 02 April, 2019

मथुरा 30 मार्च। देश के कई महानगरों के बड़े अस्पतालों में अपनी विशेषज्ञता के लिए सुप्रसिद्ध डॉ यश जावेरी अब नयति मेडिसिटी, मथुरा और आगरा से जुड़ गए हैं। क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में डॉ जावेरी को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं हैं, उनके द्वारा किये गये कई शोध एवं खोज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हो चुके हैं, जिनका लाभ आज देश दुनिया के चिकित्सकों द्वारा उठाया जा रहा है। नयति मेडिसिटी में डॉ यश जावेरी विभाग प्रमुख, सर्जिकल क्रिटिकल केयर, के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।

डॉ जावेरी को इस क्षेत्र में 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। 2015 से 2017 तक एपेक्स हेल्थकेयर के डायरेक्टर तथा प्रमुख रह चुके हैं। 2009 से 2015 तक इन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन- मैक्स सुपर स्पेशियलिटी, साकेत, दिल्ली, में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा इन्होंने फोर्टिस हॉस्पिटल,वसंत कुंज दिल्ली, में क्लीनिकल एसोसिएट के पद पर स्वास्थ सेवाएं प्रदान कर चुके हैं। क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में विशेष शोध कार्य के लिए इन्हें सम्मानित भी किया गया है। अपने करियर में डॉ जावेरी ने कुशल और प्रशिक्षित इंटेंसिविस्ट के साथ क्रिटिकल केयर और आपातकालीन सेवाओं का विकास किया है।

नयति हेल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि देश और दुनिया की बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं एवम् चिकित्सक हमारे साथ जुड़ सकें, जिससे हम ब्रजवासियों एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को विश्वस्तरीय एंड टू एंड चिकित्सा सुविधा प्रदान कर सकें। उसी के चलते हमारे क्रिटिकल केयर विभाग को और मजबूत करने के लिए हमने डॉ यश जावेरी से नयति परिवार के साथ जुड़ने का आग्रह किया जो उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

पिछले 3 साल में हमने देखा है कि मरीज़ हमारे पास गंभीर अतिथि में आते हैं इसलिए बहुत आवश्यक है कि हमारा क्रिटिकल केयर विभाग बेहतरीन तकनीक और एक्सपर्ट इंटेंसिविस्ट्स की टीम 24 7 उपलब्ध हों नयति मेडीसिटी में टोटल 401 बेड में से 122 बेड क्रिटिकल केयर के मरीजों के लिए आरक्षित हैं जिसमें पीडियाट्रिक आइसीयू , सर्जिकल आइसीयू, मेडिकल आइसीयू, तथा कार्डिएक आइसीयू नीओनेटल आईसीयू प्रमुख रूप से हैं । यहां डॉ विपुल मिश्रा वभाग प्रमुख क्रिटिकल केयर और डॉ यश जवेरी (विभाग प्रमुख सर्जिकल क्रिटिकल केयर) जैसे अनुभवी चिकित्सक अपनी 115 इंटेंसिविस्ट्स, ट्रेंड नर्सेस और पैरामेडिकल टीम के साथ 24’7 उपलब्ध हैं ।

डॉ यश जावेरी (विभाग प्रमुख, सर्जिकल क्रिटिकल केयर, नयति मेडिसिटी) ने कहा,“ क्रिटिकल केयर सेवाएं आपातकालीन स्थिति में मरीजों के असामान्य स्वास्थ्य का सामना करने में मदद करती है – विशेष रूप से, जिसमें महत्वपूर्ण अंग का विफल होने का खतरा है। उन्नत चिकित्सीय, जांच और क्लीनिकल विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए, क्रिटिकल केयर का उद्देश्य अंग प्रणाली के कामकाज को बनाए रखना है और रोगी की स्थिति में सुधार करना है ताकि उसकी चोट या बीमारी का इलाज तत्काल किया जा सके। नयति मेडिसिटी में आज हर सुविधा मौजूद है जो महानगरों के अस्पतालों में उपलब्ध है। नयति एक ऐसी पहल है जो टीयर 2 टीयर 3 शहरों में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा दे रहा है और मैं एक ऐसे प्रगतिशील ग्रुप के साथ जुड़कर बहुत प्रसन्न हूं ।

March 29, 2019

नयति हॉस्पिटल बना आगरा का पहला सम्पूर्ण विश्वस्तरीय क्रिटिकल केयर और ट्रॉमा सेंटर

  • 29 March, 2019

आगरा 28 मार्च 2019 नयति हैल्थकेयर द्वारा संचालित नयति हॉस्पिटल आगरा का पहला 24X7 विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला सम्पूर्ण क्रिटिकल केयर और ट्रॉमा सेंटर बन गया है, जहां विश्वस्तरीय तकनीक एवं सुविधाओं के साथ बेहतरीन डॉक्टरों की टीम मरीजों के इलाज के लिए हर समय उपलब्ध है।

नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि 2017 में हमने नयति हॉस्पिटल की शुरुआत की थी, लेकिन पिछले डेढ़ साल में हमने देखा कि क्रिटिकल केयर के मरीजों को आगरा में सम्पूर्ण सुविधाएं न मिल पाने के कारण मथुरा और दिल्ली तक जाना पड़ रहा था। यहां की विभिन्न कम्युनिटी से पता चला कि आगरा में पूरी तरह से सुसज्जित क्रिटिकल केयर और ट्रॉमा सेंटर का अभाव है। क्रिटिकल केयर के मरीजों को तत्काल इलाज की जरूरत होती है। इसलिए हमने अपने आगरा के इस हॉस्पिटल को 53 बैड का सम्पूर्ण तथा आधुनिक क्रिटिकल केयर और ट्रॉमा सेंटर बनाया है, जहां 24X7 क्रिटिकल केयर के मरीजों को बेहतरीन सुविधाएं मिल पाएंगीं। एक ही छत के नीचे प्रत्येक क्रिटिकल बीमारी के डॉक्टर, आधुनिक लैब, रेडियोलॉजी होने से मरीज का समय खराब नहीं होगा और उन्हें तुरंत इलाज मिल पाएगा, जिसके बाद उन्हें अपने इलाज के लिए मथुरा अथवा दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। हमने लोगों की जरूरतों को समझते हुए नयति की चिकित्सा सुविधाओं में लगातार बदलाव किए हैं और आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में भी जिस चिकित्सा सुविधा अथवा संसाधनों की कमी होगी उसे पूरा किया जाएगा। आपको जानकर खुशी होगी कि देश का जाना पहचाना दिल्ली स्थित व्हिमांस हॉस्पिटल अब नयति हैल्थकेयर द्वारा व्हिमांस नयति के नाम से संचालित किया जा रहा है, आगामी मई में हमारे द्वारा दिल्ली में 200 बैड का अशोक विहार स्थित नयति सुंदर लाल जैन हॉस्पिटल शुरू हो जाएगा, और इसी वर्ष हम गुरुग्राम में भी 600 बैड के नयति हॉस्पिटल की शुरुआत करने जा रहे हैं।

आपका नयति देश का पहला ऐसा हॉस्पिटल है जो टियर 2 और टियर3 शहरों से महानगरों तक गया है, वो भी इसलिये क्योंकि टियर 2 और टियर 3 शहरों के लोग अपनी दूसरी ओपीनियन के लिए महानगरों तक जाते हैं।

नयति हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मुशर्रफ हुसैन ने कहा कि आगरा में स्थित नयति क्रिटिकल केयर और ट्रॉमा सेंटर होने से कई दुर्घटना पीड़ितों को बचाया जा सकता है, क्योंकि किसी भी हादसे के बाद पीड़ित को गोल्डन ऑवर्स में ही समुचित चिकित्सा सुविधा मिल जानी चाहिए। नयति हॉस्पिटल में 24×7 विशेष प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टर, विश्वस्तरीय लैब और रेडियोलॉजी की व्यवस्था होने से मरीज को तुरंत उपचार मिलना शुरू हो जाता है। इसके अलावा क्रिटिकल केयर के मरीजों को देखते हुए यहां बैड भी बढ़ा दिए गए हैं, जिसके बाद मरीजों को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी। हर समय एडवांस्ड क्रिटिकल लाइफ सपोर्ट सिस्टम के साथ एम्बुलेंस भी हैं, जिनसे मरीजों को समय पर इलाज मिलना शुरू हो जाता है। नयति हॉस्पिटल स्थित कार्डियक सेंटर, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और क्रिटिकल केयर, ऑर्थोपेडिक विभाग आदि अन्य विभागों की सेवाएं प्राप्त की जा सकती हैं। नयति हॉस्पिटल में 24X7 घर से ही ब्लड सैम्पल ले जाने और फार्मेसी की सुविधा भी शुरू कर दी है।

March 27, 2019

देश के मजबूत भविष्य के लिए बच्चों का वर्तमान स्वस्थ होना चाहिएः नयति हैल्थकेयर

  • 27 March, 2019

मथुरा 27 मार्च | अपने बच्चे का भविष्य संवारने को समाज का हर व्यक्ति अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा आदि के लिए हर संभव प्रयास करता है, जिसके लिये वो अपने बच्चों का अपनी हैसियत के हिसाब से अच्छे से अच्छे स्कूल में एडमिशन कराता है। इसके बाद भी कई बच्चे अपनी क्लास में पिछड़ते चले जाते हैं, जिसके लिये लोग अपने बच्चों को ही दोष देने लगते हैं। अभी कुछ वर्ष पहले एक फिल्म आयी थी तारे जमीं पे, जिसमें बच्चे का पिता अपने बच्चे का रिजल्ट अच्छा आने के लिए स्कूल बदलता है, यहां तक कि उसे होस्टल तक में डाल देता है, लेकिन बच्चे पर कोई असर नहीं पड़ता। उस बच्चे की मनोस्थिति एक टीचर समझता है और उस बच्चे को सही दिशा दिखाता है। उसी तरह हमारे समाज में भी कई बच्चे हैं जिनकी मनोस्थिति को यदि समझा जाये तो वे नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। यह कहना था नयति मेडिसिटी के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ सागर लवानिया का जो नयति में आयोजित विभिन्न स्कूलों से आये शिक्षकों के सेमिनार को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि कई बार हम बच्चों की जिद, उसके व्यवहार, उसकी आदतों को एक सामान्य प्रक्रिया समझते हुए अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यदि बच्चे पर ध्यान दिया जाय तो कुछ लक्षणों के आधार पर हम बच्चे की मनोस्थिति को समझ सकते हैं और किसी मनोचिकित्सक को दिखाकर उसकी परेशानियों को दूर कर सकते हैं।

 
यदि बच्चा एक जगह टिककर बैठता नहीं है, आंख मिलाने से बचता है, एक काम को अधूरा छोड़कर दूसरे काम में लग जाता है, मोबाइल से चिपका रहता है, चिड़चिड़ापन है, जिद्दी है, रोज नई फरमाइश करता है, गणित समझने में कमी आदि लक्षण बच्चे में दिखायी देते हैं तो बच्चा मानसिक बीमारी से ग्रस्त हो सकता है, और यह लाइलाज बीमारी नहीं है। किसी भी योग्य मनोचिकित्सक को दिखाने से बच्चा पूरी तरह ठीक हो सकता है।

इस अवसर पर नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं, देश के स्वस्थ तथा मजबूत भविष्य के लिए बच्चों का वर्तमान भी स्वस्थ होना चाहिए। इसी को ध्यान रखते हुए हमने बच्चों के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया है, मुझे पूरा विश्वास है कि इस कार्यक्रम का लाभ समाज तक अवश्य पहुंचेगा।

February 27, 2019

विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा को महानगरों से ब्रज तक पहुंचाने वाले नयति मेडिसिटी को हुए 3 वर्ष पूर्ण

  • 27 February, 2019

विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा को महानगरों से ब्रज तक पहुंचाने वाले नयति मेडिसिटी को हुए 3 वर्ष पूर्ण

  • टियर 3 शहर का पहला एनएबीएच प्रमाणित हॉस्पिटल
  • उप्र का एकमात्र एनएबीएच प्रमाणित ब्लड बैंक
  • टियर 3 शहर में किडनी ट्रांसप्लांट करने वाला पहला हॉस्पिटल
  • किसी भी प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए विश्वस्तरीय सुविधा
  • क्षेत्र का पहला डिजिटल आईसीयू
  • 50 से अधिक किये गए शोध जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हुए

मथुरा 28 फरवरी। महानगरों से टियर 2 और टियर 3 शहरों तक आधुनिक एवं विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के संकल्प के साथ शुरू किये गये नयति हैल्थकेयर के मथुरा स्थित पहले अस्पताल नयति मेडिसिटी को 3 वर्ष होने पर ब्रजवासियों के लिये एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, बाईपास सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, इआरसीपी, गॉलब्लेडर सर्जरी, एपेंडिक्स सर्जरी, बैरियाट्रिक सर्जरी, सेप्टोप्लास्टी, साइनस सर्जरी, किडनी स्टोन सर्जरी, प्रोस्टेट सर्जरी आदि पर 28 फरवरी से 31 मई तक विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में नयति मेडिसिटी ने कई आयाम स्थापित किये हैं, जहां पिछले 3 वर्षों में 3.5 लाख से अधिक मरीज ओपीडी, 1 लाख 20 हजार से अधिक मरीजों ने भर्ती होकर और इमरजेंसी के माध्यम से भी 70 हजार से अधिक मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। नयति मेडिसिटी में अब तक केवल मथुरा-वृन्दावन ही नहीं बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली तक के मरीजों ने आकर स्वास्थ्य लाभ लिया है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में नयति हैल्थकेयर आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। 351 बैड के  नयति मेडिसिटी से विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की शुरुआत करने वाला नयति हैल्थकेयर स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तर भारत का सबसे तेजी से बढ़ने वाला ग्रुप बन गया है। मथुरा के अलावा आगरा में 54 बैड का नयति हॉस्पिटल और दिल्ली स्थित 75 बैड का व्हिमांस नयति हॉस्पिटल (न्यूरो एवं ऑर्थोपेडिक के क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम) लोगों को अपनी आधुनिक एवं विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रहा है। जल्द ही दिल्ली में ही 500 बैड का नयति सुंदर लाल जैन हॉस्पिटल और गुरुग्राम में 600 बैड का नयति हॉस्पिटल लोगों को अपनी सेवाएं सुचारू रूप से देने लगेगा।

नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा सबसे पहले मैं ब्रजवासियों को हृदय से धन्यवाद देना चाहूंगी, जिन्होंने नयति पर अपना विश्वास जताया। नयति में हमने कितने लोगों का इलाज किया यह मायने नहीं रखता, बल्कि नयति में इलाज कराने के बाद जाने वाले मरीजों के चेहरे पर आने वाली मुस्कुराहट मायने रखती है, इन क्षेत्रों और शहरों तक विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के अपने संकल्प को पूरा करने की इच्छाशक्ति बढ़ जाती है।

हमने अपने यहां आने वाले मरीजों में कभी कोई फर्क नहीं किया है। चिकित्सा के क्षेत्र ने हमें सिखाया है कि सभी का जीवन एक समान है और उसमें किसी प्रकार का कोई अवरोध नहीं होना चाहिए। विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा पर देश के हर नागरिक का समान हक है, जो उसे मिलना ही चाहिए, नयति हैल्थकेयर उसी दिशा में कार्य कर रहा है। हमारी सबसे बड़ी उपलब्धी यह है कि नयति मेडिसिटी में हर बीमारी के इलाज के लिए विशेषज्ञों की बेहतरीन टीम 24 घण्टे मौजूद है। हमारे यहां देश के जाने-माने 200 से अधिक डॉक्टरों की टीम है, जो किसी भी बीमारी का इलाज करने में सक्षम है। मैं अपने यहाँ के डॉक्टरों, नर्सेज, पैरामेडिक्स और सभी सपोर्ट स्टाफ्स का भी धन्यवाद करना चाहूंगी जिन्होंने मेरे साथ आकर मेरे इस संकल्प को आगे बढ़ाने में सहयोग दिया।