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February 5, 2020

नयति में कैंसर से मुक्त मरीजों के साथ मनाया विश्व कैंसर दिवस

  • 05 February, 2020

मथुरा 4 फरवरी। नयति मेडिसिटी में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर कैंसर से मुक्त हुए मरीजों के साथ कैंसर दिवस मनाया गया, जहां आये मरीजों ने अपने अनुभव साझा किए।

इस अवसर पर नयति कैंसर सेंटर के चेयरमैन डॉ प्रो शांतनु चौधरी ने कहा कि कैंसर अब लाइलाज बीमारी नहीं है, यदि कैंसर का समय पर पता चल जाये, और समय पर सही इलाज शुरू हो जाये तो कैंसर पूरी तरह से ठीक हो सकता है।

नयति में अभी तक हजारों कैंसर के मरीज पूरी तरह से ठीक होकर स्वस्थ जिंदगी जी रहे हैं।

जब भी किसी परिवार में कोई कैंसर का मरीज होता है, तो पूरे परिवार पर इसका असर पड़ता है। नयति से पहले कैंसर के मरीजों को दिल्ली मुंबई आदि महानगरों तक की यात्राएं करनी पड़ती थीं, जहां इलाज के अलावा भी तीमारदारों के रहने आदि पर भी काफी खर्च हो जाता था। नयति में कैंसर सेंटर शुरू होने के बाद अब यहां के लोगों को अपने इलाज के लिये महानगरों तक नहीं जाना पड़ता। नयति में कैंसर से संबंधित हर प्रकार का इलाज एक ही छत के नीचे मौजूद है। यहां पैट सीटी स्कैन के अलावा, कैंसर से जुड़ी हर प्रकार की सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियेशन, बोन मैरो ट्रांसप्लांट आदि सभी सुविधाएं मौजूद है, जिसके कारण कैंसर के मरीज को कहीं और जाने की जरुरत नहीं है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मेडिकल ओंकोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ अमित भार्गव तथा सर्जिकल कैंसर विभाग के डायरेक्टर रविकांत अरोरा तथा प्रेम सागर टुटेजा उपस्थित थे।

January 28, 2020

नयति में मुंह के कैंसर का हुआ सफल इलाज

  • 28 January, 2020

मथुरा 25 जनवरी
मैनपुरी निवासी 65 वर्षीय रविंद्र के बांये गाल के अंदरूनी भाग में कई वर्ष पूर्व एक छाला हो गया था, कई डॉक्टरों को दिखाने के बाद भी कोई राहत न मिलने पर आगरा के एक अस्पताल में दिखाने के बाद  उस छाले का ऑपरेशन कर दिया गया, किन्तु कुछ महीने बीतने के बाद उनके गाल में छाला दोबारा हो गया। अब तो उसमें दर्द के साथ खून का रिसाव भी शुरू हो गया था।

किसी के बताने पर वे नयति मेडिसिटी गये, और वहां जाकर वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ रविकांत अरोरा से मिले। उनके द्वारा दिए गए उपचार के बाद अब रविंद्र ठीक हैं।

नयति मेडिसिटी के कैंसर सर्जरी विभाग के डायरेक्टर  एवं वरिष्ठ  कैंसर सर्जन डॉ रविकांत अरोरा  ने  बताया  कि  रविंद्र  की जरुरी जांचें कराने के बाद पता चला कि उनके गाल के अंदरूनी भाग में काफी बड़ा घाव है, जो सही न हो सकने वाला नासूर बन चूका है उन्हें कैंसर (रिकर्रेंट  एंड रेसिडुअल  कैंसर) हुआ है, जिसके ऑपरेशन करने की जरुरत है। परिवार की सहमति के बाद हमने अपनी टीम के साथ मिलकर रविंद्र का ऑपरेशन (लेफ्ट  साइड  कमांडो विद नेक डिसेक्शन डबल फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन) कर दिया गया। कुछ दिन रेडियेशन देने के बाद रविंद्र अब बिल्कुल ठीक हैं। उन्होंने कहा कि नयति में कैंसर से सम्बंधित हर प्रकार की जांचें पैट सीटी स्कैन के अलावा बोंमेरोट्रांस्प्लांट, कीमोथेरेपी, रेडियेशन आदि एक ही छत के  नीचे मौजूद है, जिसके कारण कैंसर के मरीज को कहीं और जाने की जरुरत नहीं है।

नयति में ऑपरेशन करा चुके रविंद्र ने बताया कि नयति आने से पहले हम आगरा के एक हॉस्पिटल में अपना ऑपरेशन करा चुके थे, जिसका कोई फायदा नहीं हुआ। कोई दिल्ली जाने को कह रहा था तो कोई  मुम्बई, लेकिन जब हम नयति आये और यहां वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ रविकांत से मिले, तो हमें पूरा भरोसा हो गया कि अब हम यहीं ठीक हो जायेंगे, और हमें दिल्ली या मुम्बई जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी,  और हुआ भी यही। नयति में अपना इलाज कराने के बाद बहुत खुश हूं। नयति के शुरू होने से पहले मैनपुरी के लोगों को दिल्ली तक जाना पड़ता था, लेकिन अब हमें दिल्ली जैसी सुविधाएं और इलाज मथुरा  में ही मिल रहा है, वो भी दिल्ली से काफी कम दामों में, यह हमारे लिए बहुत ख़ुशी की बात है।

December 24, 2019

नयति में अफगानिस्तान निवासी मरीज की ख़राब किडनी सफलतापूर्वक निकाली, नयति पर सरहद पार के मरीजों का भी बढ़ रहा विश्वास

  • 24 December, 2019

मथुरा 24 दिसम्बर। अफगानिस्तान के काबुल निवासी नबी जदा शाह बली की ख़राब किडनी को नयति मेडिसिटी में दूरबीन विधि द्वारा सफलतापूर्वक निकाल दिया गया, वे कई महीनों से किडनी से सम्बंधित कई परेशानियों से जूझ रहे थे।

ज्ञात हो कि नयति में अफगानिस्तान के अलावा कई अन्य देशों के मरीज आकर निरंतर अपना इलाज करा रहे हैं, और अब विदेशों में भी नयति स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है।

नयति मेडिसिटी के यूरो सर्जरी विभाग के वरिष्ठ यूरो सर्जन डॉ हर्ष गुप्ता ने बताया कि नबी काफी समय से पेशाब न आने की समस्या से पीड़ित थे। उन्हें अक्सर उल्टियों की शिकायत रहती थी, और कमर के पीछे भी दर्द रहता था। हमारे पास आने के बाद उनकी जांचें करने पर पता चला कि, उनकी बांयी किडनी सामान्य से अधिक बढ़ी हुई है, और  उसमें काफी मात्रा में पानी की गांठें ( मल्टीपल रीनल सिस्ट) के अलावा 2 सेमी की पथरी भी है।
उनकी किडनी पूरी तरह से ख़राब थी, जिसे निकालने की जरुरत थी।
हमने परिवार की सहमति के बाद दूरबीन विधि (लेफ्ट किडनी लैप्रोस्कोपिक नैफ्रेक्टमी) के माध्यम से उनकी किडनी निकाल दी।

नयति में अपना ऑपरेशन कराने के बाद नबी जदा शाह बली ने बताया कि अपने इलाज के लिए हम दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों में दिखा चुके थे, जहां का इलाज काफी महंगा था, कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। तब दिल्ली में ही किसी के बताने के बाद हम नयति मेडिसिटी आये, जहां सारी सुविधाएं दिल्ली के बड़े अस्पतालों जैसी हैं, और इलाज पर होने वाला खर्च भी दिल्ली से काफी कम। हमने तुरंत नयति में अपना इलाज कराने का फैसला किया, अब मैं बिल्कुल ठीक हूं।
ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ तनय सिंह का विशेष योगदान रहा।

December 17, 2019

नयति में जापान के जानेमाने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ मासाकाजु  ने एंजियोप्लास्टी की आधुनिक तकनीक के बारे में विस्तार से चर्चा की

  • 17 December, 2019

मथुरा 16 दिसंबर। नयति मेडिसिटी में क्रोनिकल टोटल ऑक्यूजन (धमनियों की पुरानी रूकावट) के विषय पर विस्तार से चर्चा करने के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश और दुनिया में आये दिन नयी शोध एवं खोज की जा रही हैं। क्रोनिकल टोटल ऑक्यूजन (धमनियों की पुरानी रूकावट) अथवा एंजियोप्लास्टी के क्षेत्र में भी अब काफी विकसित तकनीक उपयोग में लायी जाने लगी है।  इसी बारे में विस्तार से चर्चा करने के लिये जापान के जानेमाने कार्डोयोलॉजिस्ट डॉ मासाकाजू नागाओका नयति मेडिसिटी पहुंचे, जहां उन्होंने हृदय रोगों तथा उनके उपचार के बारे में क्षेत्र भर से आये हुए डॉक्टरों के साथ विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर नयति के कार्डियोलोजी विभाग के डायरेक्टर डॉ जगदानंद झा और डॉ रोहित तिवारी ने क्रोनिकल टोटल ऑक्यूजन (धमनियों की पुरानी रूकावट) के 4 मरीजों का  ऑपरेशन भी किया।

डॉ मासाकाजू ने कहा कि मुझे जानकर काफी खुशी हुई कि नयति में आज दुनिया की बेहतरीन डॉक्टरों की टीम विश्वस्तरीय तकनीक का उपयोग करते हुए मरीजों का इलाज कर रही है। हृदय की बंद धमनियों को खोलने के लिये जो विधि अपनायी जाती है, उसे मेडिकल भाषा में एंजियोप्लास्टी कहते हैं। पहले बंद धमनियों को खोलने के लिए जो तार उपयोग में लाया जाता था, उससे कभी कभी कोई धमनी नहीं खुल पाती थी, लेकिन अब जापान में बने हुए नई तरह के तार द्वारा हर तरह की धमनी खुल जाती है।

नयति मेडिसिटी के कार्डियोलोजी विभाग के डायरेक्टर डॉ जगदानंद झा एवं डॉ रोहित तिवारी ने डॉ मासाकाजू का स्वागत करते हुए कहा कि संचार माध्यम की सुगमता की वजह से आज दुनिया में सभी डॉक्टर किसी भी नयी तकनीक का आपस में आदान प्रदान करते ही रहते हैं, जिससे मरीजों के इलाज में और भी ज्यादा सरलता हो जाती है। आज नयति में आयोजित इस सेमिनार में क्षेत्र भर से आये हुए डॉक्टरों को भी काफी लाभ मिला होगा, ऐसा हमें पूरा विश्वास है।
हम समय समय पर इस प्रकार के सेमिनार आदि का आयोजन करते रहते हैं। दुनिया में आने वाली किसी भी आधुनिक तकनीक को हम नयति तक लाने का प्रयास करते रहेंगे, जिससे यहां आने वाले मरीजों को इसका लाभ मिल सके।

December 16, 2019

नयति मेडिसिटी को मिला पेशेंट ट्रस्टेड ब्राण्ड ऑफ द ईयर एवॉर्ड

  • 16 December, 2019

मथुरा 14 दिसंबर। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करते हुए देश के टियर 2 और टियर 3 शहरों के मरीजों तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने तथा मरीजों का विश्वास जीतने के लिए नयति मेडिसिटी को देश की जानी पहचानी संस्था ई – हैल्थ द्वारा पेशेंट ट्रस्टेड ब्राण्ड ऑफ द ईयर एवार्ड प्रदान किया गया।

ई-हैल्थ द्वारा देशभर के अस्पतालों को विभिन्न क्षेत्रों में किये गए योगदान के लिए हर वर्ष पुरुस्कृत किया जाता है। इसी क्रम में मरीजों का भरोसा जीतने के लिए नयति मेडिसिटी को पेशेंट ट्रस्टेड ब्राण्ड ऑफ द ईयर एवार्ड प्रदान किया गया। दिल्ली में आयोजित एनुअल हैल्थकेयर इनोवेशन सम्मिट में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चैबे की उपस्थिति में नयति मेडिसिटी को यह एवार्ड प्रदान किया गया।

नयति की ओर से मैनेजिंग डायरेक्टर, एस के नरूला और चेयरमैन, जीआई, बैरियाट्रिक एन्ड मॉस सर्जरी एवं हॉस्पिटल मैनेजमेंट ग्रुप, डॉ योगेश अग्रवाला ने यह एवार्ड प्राप्त किया।
इस अवसर पर नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि पेशेंट ट्रस्टेड ब्राण्ड ऑफ द ईयर एवार्ड ब्रज के लोगों के प्रेम और भरोसे का प्रतीक है । इस भरोसे एवं प्यार के लिए मैं और मेरी टीम ब्रजवासियोंयों का धन्यवाद करते है। नयति का ध्येय हमेशा से सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक पहुंचाने में है, और इस पर हम तत्पर रहेंगे। दुनिया में आनेवाली हर एक बेहतरीन चिकित्सा सुविधा व तकनीक को अपने ब्रज में लाएंगे।
नयति मेडिसिटी की शुरुआत फरवरी 2016 में की गयी। इन चार वर्षों में ना केवल स्थानीय बल्कि दूरदराज के प्रदेशों से भी मरीज अपना इलाज करवाने नयति आ रहे हैं ।
पेशेंट ट्रस्टेड ब्राण्ड ऑफ द ईयर एवार्ड के लिए हम आयोजकों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने पूरी पारदर्शिता के साथ हमारा चुनाव किया। यह एवार्ड हमारे यहां के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल तथा अन्य सपोर्ट स्टाफ की मेहनत और लगन का नतीजा है। यह हमें अपनी सेवाएँ और बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है।

November 25, 2019

नयति में गुर्दे के कैंसर की गांठ का हुआ सफल ऑपरेशन, गुर्दे से निकाली 1.2 किलो की गांठ

  • 25 November, 2019

मथुरा 23 नवंबर। एटा निवासी गंधर्व सिंह के गुर्दे में हुई कैंसरग्रस्त गांठ को नयति मेडिसिटी के यूरोलॉजी विभाग में सफलतापूर्वक निकाल दिया गया।

45 वर्षीय एटा निवासी गंधर्व सिंह काफी समय से पेट दर्द की शिकायत से पीड़ित थे। उन्हें पेशाब में जलन और खून आने की शिकायत भी शुरू हो गयी। कई डॉक्टरों को दिखाने के बाद भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला तब वे नयति मेडिसिटी के यूरोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ हर्ष गुप्ता से मिले।

नयति मेडिसिटी के यूरोलॉजी विभाग के डॉ हर्ष गुप्ता ने बताया कि जब हमने गंधर्व सिंह की जांच की तो पता चला कि इनके गुर्दे में कैंसर की 13X12 सेमी बड़ी गांठ है, जिसकी वजह से उन्हें पेट दर्द और पेशाब में खून आदि की समस्या हो रही है। गुर्दे में कैंसर की गांठ होने के कारण तत्काल उनका गुर्दा निकलना जरूरी था। परिवार की सहमति के बाद हमने रैडिकल नैफ़्रेक्टोमी विधि द्वारा उनका कैंसर युक्त गुर्दा निकाल दिया अब वे ठीक हैं और जल्द ही सामान्य जिंदगी जीने लगेंगे।

उन्होंने कहा कि पेट में दर्द या पेशाब में किसी भी तरह की समस्या होने पर लापरवाही न बरतते हुए यूरोलोजिस्ट को दिखाना चाहिए। जरा सी चूक होने पर रोग बढ़ जाता है जिसकी वजह से जान का खतरा भी हो सकता है।

November 12, 2019

नयति हॉस्पिटल से जुड़े देश के प्रख्यात ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ राजीव शर्मा

  • 12 November, 2019

आगरा 11 नवंबर। दिल्ली के व्हिमांस नयति के इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्सए स्पोर्ट्स मेडिसिन और ऑर्थ्रोप्लास्टी के चेयरमैन डॉ राजीव शर्मा अब नयति हॉस्पिटल, आगरा में भी अपनी सेवाएं देंगे। वे हर सप्ताह के शनिवार और रविवार को 12 से 4 बजे तक मरीजों के लिए अपना समय प्रदान करेंगे।

ज्ञात हो कि डॉ राजीव शर्मा को ऑर्थोपेडिक्स और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट के क्षेत्र में 30 साल से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो में ऑर्थोपेडिक्स एंड ज्वाइंट रिप्लेसमेंट के सीनियर कंसल्टेंट के रूप में 18 साल और दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, एम्स में सीनियर फैकेल्टी के रूप में 7 साल अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। डॉ राजीव शर्मा देश के पहले ऐसे हड्डी रोग विशषज्ञ है जिन्होंने 135 वर्षीय महिला की टोटल नी रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की है। इसके साथ ही डॉ राजीव के पास उपलब्धियों के रूप में 6000 से अधिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी, 1100 मोबाइल बियरिंग नी रिप्लेसमेंट व 650 हाई फ्लेक्शन नी इम्प्लांट्स सफल सर्जरी करना तो शामिल है ही साथ ही उन्होंने वर्ष 2004 में इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पीटल में कम्प्यूटर नेविगेशन पद्धति पर 1000 से अधिक नी ऑर्थोप्लास्टी केस भी किये हैं।

 

इस अवसर पर नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि डॉ शर्मा के नयति हॉस्पिटल, आगरा का हिस्सा बनने पर हम बहुत खुश हैं, और नयति में उनकी विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए तत्पर हैं। इस क्षेत्र में ऑर्थराइटिस के काफी मरीज हैं। आगरा एवं आसपास के क्षेत्रों में हड्डी रोग से जुड़े तमाम जटिल केस देखने को मिलते हैं, जिनमें एक्सीडेंट के मामलों की संख्या भी बहुत अधिक होती है। वैसे तो नयति के हड्डी रोग विभाग में देश के बेहतरीन डॉक्टरों की एक टीम है लेकिन अब यहां के मरीज वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ राजीव शर्मा के अनुभव का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। हमारा हमेशा प्रयास रहा है कि हम यहां के लोगों के लिए सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा सकें जिसके लिए हम सदैव विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा और सर्वश्रेष्ठ इलाज देने की दिशा में काम करते हैं। हमें पूरा विश्वास है कि डॉ राजीव शर्मा डिपार्टमेंट ऑफ ऑर्थोपेडिक – ज्वाइंट रिप्लेसमेंट को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। डॉ राजीव को ऑर्थोपेडिक के क्षेत्र में दर्द रहित ज्वाइंट रिप्लेसमेंट के लिये जाना जाता है, जिसके बाद मरीज 24 घंटे में ही चलने लगता है, और मरीज को बहुत तेजी से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।

 

नयति हॉस्पिटल, आगरा से जुड़ने पर अपनी प्रसन्नता जाहिर करते हुए डॉ राजीव कुमार ने कहा कि मैं पिछले कई वर्षों से महानगरों में ही अपनी सेवाएं दे रहा हूं, जहां महानगरों के अलावा अधिकतर टियर 2 और टियर 3 शहरों के मरीज होते थे। भगवान की कृपा से ही मुझे आगरा आकर यहां के लोगों की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है जिसकी मुझे खुशी है। डॉ राजीव ने कहा कि नयति की चेयरपर्सन नीरा राडिया जी की सोच हर मरीज को उनके अपने ही शहर में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले से काफी प्रभावित हूं। उनके प्रयासों से विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं को टियर 2 टियर 3 शहरों तक पहुंचाया जा सका।

October 23, 2019

नयति में ममता को मिलेगी ममता की छांव

  • 23 October, 2019

गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए बना आधुनिक सुविधाओं से युक्त बेहतरीन विभाग ममता

मथुरा 22 अक्टूबर। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए नयति मेडिसिटी में ममता का शुभारंभ किया गया, जहां गर्भवती महिलाओं को गर्भधारण से लेकर उनके प्रसव तक हर प्रकार की सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगीं। इन महिलाओं का ध्यान रखने के लिए नयति के स्त्री रोग विभाग की चेयरमैन डॉ शालिनी अग्रवाल तथा बाल एवं शिशु रोग विभाग के चेयरमैन डॉ राजीव उत्तम के निर्देशन में डॉक्टरों तथा अन्य सपोर्टिंग स्टाफ के साथ एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो गर्भवती महिलाओं तथा नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए अपनी सेवाएं देगी।

इस अवसर पर नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि किसी भी महिला के लिए मां बनना एक ऐसे एहसास को जन्म देता है जिसके बारे में कोई दूसरा कल्पना भी नहीं कर सकता। गर्भधारण के तुरंत बाद ही महिला के मन में आने वाले बच्चे के लिए ममता उमड़ने लगती है, और हमने महिलाओं की उसी ममता को समझते हुए ममता की शुरुआत की है।

पिछले तीन साल में हमने नयति में ऐसी महिलाओं को आते देखा है, जो उचित इलाज अथवा देखभाल के अभाव में काफी खराब स्थिति में आयीं। उनमें से कई तो ऐसी थीं जिनका प्रसव कराने से अन्य अस्पतालों ने या तो मना कर दिया, और प्रसव कराया भी तो केस बिगड़ गया।

पिछले समय में हमारे यहां 542 केस अन्य अस्पतालों से रेफर होकर आए, इन बिगड़े हुए केस को हमारे डॉक्टरों ने अपने अनुभव और नयति में उपलब्ध सुविधाओं के चलते संभाल लिया, पर ऐसी नौबत आये ही क्यों?

ममता के शुरू होने के बाद महिलाओं अथवा उनके परिजनों को गर्भधारण करने के बाद प्रसव तक किसी भी प्रकार की समस्या अथवा जानकारी के अभाव से नहीं गुजरना पड़ेगा। हमारे यहां के डॉक्टर तथा अन्य विशेषज्ञ उनका पूरे समय विशेष ध्यान रखने के लिए तत्पर रहेंगे। इसके अलावा हमारे यहां एंटीनेटल क्लासेज की भी शुरुआत की गई है।

उन्होंने कहा कि किसी भी अच्छे प्रसव सेंटर के लिए अनुभवी डॉक्टरों की तो जरूरत है ही, उसके अलावा हॉस्पिटल में आधुनिक मशीनें तथा तकनीक की भी जरूरत पड़ती है, जिसमें आधुनिक बर्थिंग सुइट, नवजात शिशुओं का आईसीयू, प्रसव से पहले और बाद में मां और बच्चे की देखभाल के लिए सभी सुविधाओं का होना आवश्यक है। कई बार जन्म के बाद नवजात शिशु को नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ की जरूरत पड़ती है। नयति में एक ही छत के नीचे ब्लड बैंक, लैब आदि सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।

October 21, 2019

नयति हेल्थकेयर को मिला फ्रॉस्ट एंड सुलिवन 2019 इंडिया इमर्जिंग हेल्थकेयर सर्विसेज प्रोवाइडर कंपनी ऑफ द ईयर एवार्ड

  • 21 October, 2019

मथुरा 18 अक्टूबर। स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनूठा कार्य करते हुए देश के टियर 2 और टियर 3 शहरों तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए नयति हैल्थकेयर को मुंबई में आयोजित समारोह में फ्रॉस्ट एंड सुलिवन 2019 एवार्ड से सम्मानित किया गया।

फ्रॉस्ट एंड सुलिवन एवार्ड विश्व में बेहतरीन कार्य करने वाली संस्थाओं को उनके क्षेत्र में किये गए कार्यों के लिए दिया जाता है।

एवार्ड प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बारे में भी फ्रॉस्ट एंड सुलिवन के लोग जमीनी स्तर पर तहकीकात करते हैं, जिसके अंतर्गत एवार्ड देने वाली संस्था के लोग एवार्ड प्राप्त करने वाली संस्था के बारे में आम लोगों तथा उस संस्था के कर्मचारियों आदि से मिलकर जानकारी प्राप्त करते हैं, उसके बाद हो एवार्ड प्राप्त करने वाली कंपनी का चुनाव किया जाता है।

इस अवसर पर ’नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि फ्रॉस्ट एंड सुलिवन 2019 मिलने पर हम काफी उत्साहित हैं, और हमें लगता है कि हम स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिल्कुल सही दिशा में कार्य करने का प्रयास कर रहे हैं।

2012 में जब हमने महसूस किया कि देश के टियर 2 एवं टियर 3 शहरों में बेहतरीन तथा विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है, और आज भी लोगों को अपनी बेहतरीन चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने के लिए मीलों लम्बी यात्राएं करनी पड़ती है जिससे उनके इलाज में होने वाले खर्च के अलावा भी काफी पैसा खर्च हो जाता है। विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं पर किसी भी आमजन का उतना ही अधिकार है जितना कि महानगरों में रहने वालों का, और यही सोचकर हमने तय किया कि हम टियर 2 तथा टियर 3 शहरों में ही विश्वस्तरीय हॉस्पिटल बनाएंगे जिससे आमजन तक इसका लाभ पहुंच सके।
फ्रॉस्ट एंड सुलिवन 2019 एवार्ड के लिए हम आयोजकों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने पूरी पारदर्शिता के साथ हमारा चुनाव किया।

October 18, 2019

पेजावर मठ के श्री विश्वेश तीर्थ स्वामी जी ने किया श्री काशी विश्वनाथ मंदिर स्थित नयति हैल्थकेयर द्वारा संचालित आरोग्य मंदिर में टेलीमेडिसिन का शुभारंभ

  • 18 October, 2019

आरोग्य मंदिर में आने वाले मरीज टेलीमेडिसिन के माध्यम से पा सकेंगे देश के बेहतरीन डॉक्टरों का परामर्श

वाराणसी 17 अक्टूबर। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के माध्यम से चलाये जा रहे तथा नयति हैल्थकेयर द्वारा संचालित आरोग्य मंदिर में आने वाले मरीज अब जरूरत पड़ने पर टेलीमेडिसिन के माध्यम से देश के विख्यात चिकित्सकों की निशुल्क सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। मरीज टेलीमेडिसिन के माध्यम से नयति मेडिसिटी मथुरा, व्हिमांस नयति दिल्ली तथा नयति हॉस्पिटल आगरा के वरिष्ठ तथा अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे।

टेलीमेडिसिन सेवाओं का शुभारंभ करते हुए पेजावर मठ के श्री विश्वेश तीर्थ स्वामी जी ने कहा कि मैं पिछले कई वर्षों से नीरा को जानता हूँ, और मैंने उनको समाज में काम करते हुए भी करीब से देखा है। 2012 में उन्होंने बद्रीनाथ धाम से लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का बीड़ा उठाया जो लगातार चल रहा है, इससे मैं काफी प्रभावित हूं। नीरा पर ईश्वर की बहुत कृपा है, जिसके चलते उन्हें धार्मिक क्षेत्रों में काम करने का मौका मिल रहा है, फिर वो चाहे बद्रीनाथ धाम हो, मथुरा हो या फिर बनारस। मुझे पूरा विश्वास है कि देश के अन्य टियर 2 एवं टियर 3 शहरों तक भी नयति हैल्थकेयर पहुंचेगा और जरूरतमंद लोगों तक विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं पहुंचायेगा।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सीईओ विशाल सिंह ने कहा कि हमारे देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए जा रहे हैं, और आज से आरोग्य मंदिर में शुरू हो रही टेलीमेडिसिन सेवाओं द्वारा जन जन तक अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में नयति द्वारा उठाये गए कदम के लिए बधाई देता हूँ।
बाबा के प्रांगण में स्थित आरोग्य मंदिर तक आने वाले मरीजों के लिए शुरू की गई टेलीमेडिसिन सुविधा काफी सराहनीय है, और मुझे पूरा विश्वास है कि यह सुविधा शुरू होने के बाद आरोग्य मंदिर में आने वाले मरीजों को काफी लाभ मिल सकेगा।

नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि अभी 3 हफ्ते पहले बाबा की नगरी काशी में हमने आरोग्य मंदिर की शुरुआत की, अब तक चार हजार से अधिक मरीज आरोग्य धाम में आकर अपना इलाज करा चुके हैं, जिनमें से 70 प्रतिशत मरीज स्थानीय थे। हमें पता चला कि यहां कई मरीज काफी गंभीर स्थिति में भी आते हैं, जिन्हें स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सलाह की आवश्यकता है, तब हमने टेलीमेडिसिन के माध्यम से अपने यहां के डॉक्टरों को आरोग्य मंदिर में आये मरीजों तक पहुंचाने का फैसला किया।
हम यहां आने वाले मरीजों की रिपोर्ट आदि सिस्टम में अपलोड करेंगे और उसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मरीज खुद से सम्बंधित डॉक्टर से सीधे बात करके जरूरी सलाह ले सकेंगे।
मरीज टेलीमेडिसिन के माध्यम से कैंसर, हृदय रोग, न्यूरो, यूरो, डर्मेटोलॉजी, जीआई सर्जरी, ऑर्थोपेडिक आदि अन्य विभागों के विश्वस्तरीय डॉक्टरों के सेवाएं ले सकेंगे।
महीने के हर चौथे शनिवार को किसी एक विभाग के स्पेशलिस्ट डॉक्टर आरोग्य मंदिर में अपनी निशुल्क सेवाएं प्रदान करेंगे, उसी क्रम में अगले महीने देश के जाने माने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ एसएम तुली आरोग्य मंदिर में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।