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November 3, 2018

नयति हेल्थकेयर ने की अंगदान जागरुकता कार्यक्रम की शुरुआत

  • 03 November, 2018

मथुरा – यह आनंद शर्मा हैं, गार्गी के पिता… 15 साल की वह मासूम गार्गी जिसकी आंखों में बहुत से सुनहरे सपने सजे हुए थे, जो ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ती थी और अपने मम्मी पापा व भाई की लाड़ली थी। वह गार्गी जो सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई, डॉक्टरों की कड़ी मेहनत के बाद भी जिसे बचाया नहीं जा सका लेकिन वह गार्गी मर कर भी जिंदा है क्योंकि उसके पापा आनंद शर्मा ने अपनी बेटी की मृत्यु के बाद उसकी सुनहरे सपनो से सजी आंखें दान करने की पेशकश की। आज उसी गार्गी की दान की हुई आंखों से दो लोगों की जिंदगी का सूनापन दूर हुआ है, यह कहते हुए नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया जब आगरा निवासी आनंद शर्मा को लेकर स्टेज पर आईं तो ऑडिटोरियम में बैठे हुए सभी लोग खड़े होकर गार्गी और उसके पिता के सम्मान में तालियां बजाने लगे। यह मौका था मृत्यु उपरांत शरीर के अंगदान करने की उस मुहिम से सबको जोड़ने का जिसे नयति मेडिसिटी ने ऑर्गन डोनेशन इंडिया फाउंडेशन और रोटरी क्लब मुदबिदरी और रोटरी क्लब मथुरा सेंट्रल के साथ मिलकर आगे बढ़ाया है।

नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि मानव जीवन अमूल्य है और यदि मृत्यु के बाद किए गए अंगदान से किसी मानव की जिंदगी की रक्षा हो सके तो इससे बड़ा पुण्य इस धरती पर कुछ नहीं है। ये सोचकर अफ़सोस भी होता है कि लोगो को जानकारी ही नहीं है कि वे मृत्यु के पश्चात भी करीब 8 लोगों की जान बचा सकते हैं और अपनी मृत्यु के बाद भी जीवित रह सकते हैं।

बॉडी ऑर्गन डोनेशन अवेयरनेस प्रोग्राम के जरिए नयति मेडिसिटी द्वारा दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए मृत्यु उपरांत अंगदान के लिए लोगों को शिक्षित और जागरूक करने  का प्रयास किया जाएगा।

इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो ऑर्गन फेल्यर की लास्ट स्टेज का सामना कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि अंगदान को लेकर अभी भी लोगों में तरह-तरह की भ्रांतियां व्याप्त हैं जिनके कारण एक बहुत बड़ा वर्ग अंगदान करने के लिए आगे नहीं आता। पिछले साल नयति में लॉन्च किए गए किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम के बाद यह पता चल सका कि अपने परिजन की जीवन रक्षा के लिए अंगदान करने वालों की संख्या बढ़ रही है और अब यह बहुत जरूरी है कि सहमति से लोग अंगदान करना शुरू करें ताकि एक संपूर्ण विश्वस्तरीय स्वास्थ्य चिकित्सा आमजन तक पहुंच सके। जल्दी ही नयति हार्ट और फेफड़ों के प्रत्यारोपण कार्यक्रम भी शुरू करने जा रहा है! हमारा उद्देश्य प्रत्यारोपण सुविधाओं को उन लोगों तक पहुंचाना है जो दूसरे शहरों में जाने या महंगे इलाज के कारण अंग प्रत्यारोपण करने में सक्षम नहीं होते

इस मुहिम के जरिए नयति स्वैच्छिक अंगदान को प्रोत्साहित करते हुए साक्षरता व जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा जिसमें विशेषज्ञ काउंसलर्स हर स्तर पर जनसंपर्क द्वारा लोगों तक पहुंच कर उन्हें अंगदान के लिए प्रेरित, शिक्षित और जागरूक करेंगे।

इस अवसर पर ऑर्गन डोनेशन इंडिया के अध्यक्ष लाल गोयल ने कहा “मैं नयति हेल्थकेयर द्वारा शुरू की गई इस पहल की सराहना करता हूं। हर साल भारत में करीब 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, लेकिन अंग दान के बारे में जागरूकता की कमी के कारण कई जानें जो बचायी जा सकती थी नहीं बच पाती। यही कारण है कि इस क्षेत्र में अंगदान के महत्व पर लोगों को शिक्षित करने की बहुत आवश्यकता है।

कार्यक्रम के अंत में रोटरी क्लब के प्रेसिडेंट नीरव अग्रवाल ने वोट ऑफ थैंक्स देते हुए कहा कि आज के कार्यक्रम के बाद मुझे यकीन है कि अंगदान के प्रति जागरूकता की यह पहल अब समाज के सभी वर्गों तक पहुंचेगी।

कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी व नगर के गणमान्य और बुद्धिजीवी व्यक्ति प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

October 23, 2018

यूनियन बैंक में ग्राहकों को मिलेंगी 24 घंटे सेवाएं

  • 23 October, 2018

मथुरा 23 अक्टूबर। यूनियन बैंक की सौंख चौराहा शाखा में अब इ. लॉबी सेवा के अंतर्गत ग्राहकों को साल के 365 दिन और 24 घंटे सेवाएं प्राप्त हो सकेंगीं। इ. लॉबी का शुभारंभ यूनियन बैंक के लखनऊ अंचल के क्षेत्र महाप्रबंधक लाल सिंह और नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित करके किया।

इस अवसर पर यूनियन बैंक के क्षेत्र महाप्रबंधक लाल सिंह ने कहा कि हमारी शाखा में इस सेवा के शुरू होने के बाद दुकानदारों और व्यापारियों को काफी लाभ मिलेगा,  वे किसी भी समय और किसी भी दिन अपना पैसा जमा करा सकते हैं और निकाल भी सकते हैं पासबुक अपडेट कर सकते हैं और चैक आदि की भी जमा निकासी की जा सकती है।

 

नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि जिस तरह नयति ने महानगरों में मिलने वाला उपचार ब्रज तक पहुंचाया है उसी प्रकार यूनियन बैंक द्वारा आरम्भ की गई इ. लॉबी सेवा मथुरा में शुरू करना सराहनीय है अभी तक इस प्रकार की सेवाएं महानगरों के लोगों तक ही पहुंच पाती थीं किन्तु अब ब्रजवासी भी इन सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

कार्यक्रम में आगरा क्षेत्र प्रमुख के.एस यादव एवं शाखा प्रबंधक ब्रजमोहन उपस्थित थे।

October 6, 2018

कई वर्षों से पेशाब की समस्या से ग्रस्त महिला का नयति में ऑपरेशन द्वारा हुआ सफल इलाज

  • 06 October, 2018

मथुरा नयति मेडिसिटी में रुक रुक कर आ रही पेशाब की समस्या से ग्रस्त हाथरस निवासी 49 वर्षीय महिला का एलएमजी यूरेथ्रोप्लास्टी विधि से सर्जरी कर सफल इलाज किया गया।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ. आरके मनी ने कहा कि नयति में स्थित डॉक्टरों की टीम हर प्रकार की गंभीर बीमारियों के इलाज एवं सर्जरी के लिए सक्षम है, यह सर्जरी भी हमारी टीम द्वारा किया गया एक उदाहरण है।

नयति मेडिसिटी के यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सुमित शर्मा ने बताया कि मुन्नीदेवी जब हमारे पास आयीं तो पिछले कई वर्षों से पूरी तरह पेशाब न होने की परेशानी से जूझ रहीं थीं, उन्हें पेशाब करते समय बहुत जोर लगाना पड़ता था और बूंद बूंद करके उनकी पेशाब आती थी। यहां आने से पहले आगरा और जयपुर के कई अस्पतालों में भी खुद को दिखाने के अलावा एक ऑपरेशन तक करा चुकी थीं, लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं हुआ। यहां आने के बाद हमारे द्वारा युरोफ्लोमेट्री टेस्ट एवं अन्य जांचों  द्वारा पता चला कि उनकी पेशाब की नली सिकुड़ने के साथ संकरी (एमसीयू) भी हो गयी है, जिसको ऑपरेशन के माध्यम से ठीक किया जा सकता है। परिवार की सहमति के बाद हमने अपनी टीम के साथ मिलकर उनका एलएमजी यूरेथ्रोप्लास्टी विधि से सफल ऑपरेशन कर दिया, जिसमें हमने उनकी जीभ की त्वचा से उनकी पेशाब की नली को रीकंस्ट्रक्ट कर दिया।अब वे बिल्कुल स्वस्थ हैं।

नयति में अपना ऑपरेशन कराने वाली मुन्नी देवी ने बताया कि इस बीमारी के कारण मेरी जिंदगी बिल्कुल अस्त व्यस्त हो गयी थी। किसी काम में मन नहीं लगता था और ना ही किसी रिश्तेदार आदि के यहां जाने को दिल करता था। हर समय कपड़े खराब होने का डर बना रहता था, लेकिन नयति में ऑपरेशन कराने के बाद मुझे अब किसी तरह की कोई समस्या नहीं है अब मैं बहुत ज्यादा खुश हूं।

ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. हर्ष गुप्ता एवं डॉ विकास कुमार पवार का प्रमुख योगदान रहा।

September 28, 2018

विश्व हृदय दिवस पर नयति हॉस्पिटल आगरा ने लगवाए सैकड़ों लोगों को ठहाके

  • 28 September, 2018

विशेषज्ञों, डाक्टरों ने बताए हॅस कर दिल दुरूस्त रखने के नुस्खे

आगरा। दिल को कैसे दुरूस्त रखें, दिल की बीमारियों से कैसे बचें इसका सबसे बड़ा जवाब खुश रहें और खूब हसें, इसी सिद्वांत को ताजनगरी वासियों तक पहुंचाने के लिए नयति हॉस्पिटल आगरा द्वारा विश्व हार्ट सप्ताह के अवसर पर पालिवाल पार्क में एक विशाल हास्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नयति के डॉक्टरों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से आये हुए सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। हास्य योग कार्यक्रम में दिल्ली एकेडमी ऑफ लाफ्टर योगा की फाउंडर डॉ. संतोष साही और उनकी टीम ने लोगों ने जमकर ठहाके लगवाए तो वहीं डॉक्टरों ने इन ठहाकों से दिल की सेहत अच्छी होने के राज बताए।

इस अवसर पर नयति हॉस्पिटल की यूनिट हेड डॉ. ज्योति तिवारी ने कहा कि योग हमारे देश की प्राचीन विद्याओं में से एक है जिसे लोगों के स्वस्थ तन और मन के लिए हमारे ऋषियों ने लोगों तक पहुंचाया। अब तो सारी दुनिया योग की दीवानी हो गयी है। हास्य योग भी योग का ही एक भाग है जिसके द्वारा हम कई बीमारियों आदि से बच सकते हैं। यह कार्यक्रम भी नयति के उस प्रयास का हिस्सा है जिसके द्वारा हम लोगों को स्वस्थ रहने के लिए जागरूक करते हैं।

इस अवसर पर आगरा के सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने कहा कि नयति द्वारा समय समय पर विभिन्न सामाजिक कार्य किये जाते रहे हैं, मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आगे भी नयति द्वारा लगाए जा रहे कैम्पों से लोगों को लाभ मिल पायेगा।

एडीएम सिटी के.पी सिंह ने कहा कि नयति हॉस्पिटल का यह अच्छा प्रयास है, लोगों में जागरूकता आना बहुत जरूरी है, यदि लोग बीमारियों आदि से जागरूक होंगे तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ पीयूष, डॉ संजीव गुप्ता, डॉ प्रीती वत्सल, डॉ उत्कर्ष सरकार एवं संजय प्लेस कमैटी, नगर निगम एवं बीएसएनएल के वरिष्ठ पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

September 27, 2018

नयति मना रहा है वर्ल्ड हार्ट सप्ताह, लगे ठहाके

  • 27 September, 2018

मथुरा । नयति मेडिसिटी में वर्ल्ड हार्ट सप्ताह के अवसर पर हास्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नयति के डॉक्टरों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से आये हुए लोगों ने भाग लिया। हास्य योग कार्यक्रम में लोगों ने जमकर ठहाके लगाए।

इस अवसर पर नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि योग हमारे देश की प्राचीन विद्याओं में से एक है जिसे लोगों के स्वस्थ तन और मन के लिए हमारे ऋषियों ने लोगों तक पहुंचाया। अब तो सारी दुनिया योग की दीवानी हो गयी है। हास्य योग भी योग का ही एक भाग है जिसके द्वारा हम कई बीमारियों आदि से बच सकते हैं।

उन्होंने कहा कि नयति में शुरू से ही योग एवं वैलनेस विभाग है जो योगाचार्य आशुतोष के निर्देशन में चल रहा है, जहां मरीजों और उनके साथ आये तीमारदारों को नियमित योग कराया जाता है।

इस कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से आमंत्रित दिल्ली एकेडमी ऑफ लाफ्टर योगा की फाउंडर डॉ संतोष साही ने कहा कि इंसान को दिन में कम से कम 15 मिनट ठहाके लगाने चाहिए। वैसे तो मुस्कुराने से भी कई लाभ होते हैं लेकिन ठहाके हमारे दिल के लिए किसी वरदान से कम नहीं होते। ठहाकों से हमारे शरीर में पाए जाने वाला एंडोसिंच नामक हार्मोन्स में बदलाव आता है, जिससे तनाव में काफी कमी आती है। हंसना शुरू करते ही मूड बदल जाता है, हास्य योग द्वारा इम्युनिटी सिस्टम को बूस्ट मिलता है, इसके अलावा डिप्रेशन, एंजाइटी, ब्रेन स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर, डाइबिटीज आदि से बचाव के लिए भी ठहाके काफी कारगर साबित होते हैं।अनियमित दिनचर्या एवं खानपान एवं तनाव के चलते हृदय की नलियां सिकुड़ जाती हैं और उनमें खून के थक्के भी पड़ जाते हैं। ठहाके लगाने से ह््रदय की नालियां खुल जाती हैं और धीरे धीरे उनमें जमे क्लॉट भी निकल जाते हैं, इसलिए इंसान को खुलकर ठहाके लगाने चाहिए।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजेश चतुर्वेदी, डॉ आदर्श कोपुला, डॉ रोहित तिवारी, डॉ जगदानंद झा, डॉ प्रवीर सिन्हा, डॉ विपिन, डॉ के एम साहू, डॉ कपिल शर्मा, डॉ मनीष जैन, डॉ अमित भार्गव, डॉ अपूर्व नारायण आदि उपस्थित थे।

September 21, 2018

नयति में हृदय के 6X5 सेमी ट्यूमर का हुआ सफल ऑपरेशन

  • 21 September, 2018

मथुरा । नयति मेडिसिटी में 64 वर्षीय मरीज के हृदय के दाहिनी ओर हुए एक बड़े ट्यूमर का ओपन हार्ट सर्जरी द्वारा सफल इलाज किया गया। इस प्रकार का ट्यूमर आमतौर पर नहीं होता है, हृदय के 1 लाख मरीजों में 1 या दो मरीज ही इस प्रकार की बीमारी से ग्रस्त होते हैं।

इस क्षेत्र में हृदय से इतने बड़े ट्यूमर को अलग करने वाला नयति मेडिसिटी पहला हॉस्पिटल बन गया है।

नयति मेडिसिटी के कार्डियक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आदर्श कोप्पुला ने बताया कि 64 वर्षीय चंद्रपाल जब हमारे पास आये थे तब वे बलगम के साथ खून आने की परेशानी एवं सांस की परेशानी से कई महीनों से जूझ रहे थे, उन्होंने कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं मिल सका। हमने उनकी जरूरी जांच कराई तब पता चला कि उनके हृदय (दिल) के दाहिनी ओर 6X5 सेमी का ट्यूमर है, जिसकी वजह से उनके फेफड़ों पर भी दवाब दे रहा है और उन्हें सांस लेने एवं बलगम के साथ खून आ रहा था। उनकी ओपन हार्ट सर्जरी करके उस ट्यूमर को हटाने की तत्काल आवश्यकता थी।

परिवार की सहमति के बाद हमने उनके ट्यूमर को पूरी तरह हटा दिया, अब चंद्रपाल जी बिल्कुल स्वस्थ हैं।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ. आरके मनी ने कहा कि चंद्रपाल जी जब नयति मेडिसिटी में आये थे तब वे पिछले कई महीनों से बलगम के साथ खून आने की परेशानी से जूझ रहे थे, उनके हृदय में जो ट्यूमर था वह बिल्कुल अलग किस्म का था। डॉ. आदर्श और उनकी टीम के लिए भी इस ट्यूमर का ऑपरेशन करना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। नयति के हृदय रोग विभाग में हृदय संबंधी रोगों के लिए हर प्रकार की विश्वस्तरीय तकनीक तथा चिकित्सक मौजूद हैं जिनके कारण हम लोगों तक बेहतरीन इलाज उपलब्ध करा पा रहे हैं।

September 15, 2018

नयति के डाक्टरों ने लीवर से सिस्ट निकाल बचाई विदेशी मरीज की जान

  • 15 September, 2018

मथुरा । कई सालों से लीवर में विशाल सिस्ट की वजह से सामान्य जीवन न जी पाने वाले अफगानिस्तान के 24 वर्षीय अब्दुल कादिर कादिरी का नयति के डाक्टरों ने सफल ऑपरेशन से सिस्ट को निकाल अब्दुल को नया जीवन प्रदान किया। अब्दुल लीवर के एक तिहाई हिस्से में जमी सिस्ट के कारण असहनीय दर्द, पेट का फूलना, पसीना, भूख न लगना जैसे परेशानियों से ग्रस्त थे। अफगानिस्तान में कई डाक्टरों से इलाज कराने से भी कोई राहत नही मिला तो उन्हें वहां के डाक्टरों ने भारत में जाकर इलाज कराने की सलाह दी। भारत में अपने जानकारों से बात करने पर अब्दुल को नयति मेडिसिटी और यहां के प्रशिक्षित डाक्टरों और विश्वस्तरीय तकनीक का पता चला। नयति के बारे में काफी जानकारी जुटाने के बाद इन्होंने यहीं पर अपनी सर्जरी करवाने का निश्चय किया। अब्दुल अपने परिवारजनों के साथ नयति के जीआई सर्जरी के प्रमुख डा अजय अग्रवाल से मिले। डा अजय अग्रवाल ने जांचों के बादे पाया कि सर्जरी के माघ्यम से इसका पूर्ण उपचार संभव है। अब्दुल और उनके परिजनों को पूरी सर्जरी के बारें में समझाया गया जिसके बाद परिजनों की सहमति से अब्दुल क सिस्ट को लैप्रोस्कोपिक सर्जरी दूरबीन विधि के माध्यम से निकाल दिया गया।

इस अवसर पर नयति मेडिसिटी के जीआई सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ.योगेश अग्रवाल ने कहा कि अब्दुल की सफल सर्जरी के बाद हम काफी खुश है क्यांकि जिस उम्मीद के साथ अब्दुल हमारे देश में आए थे वह नयति के माघ्यम से पूरा हुआ। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार की दुर्लभ सर्जरी के लिए जरूरी आधुनिक संसाधन जैसे एन्सथीसिया, आईसीयू केयर, ब्लड बैंक जैसे कई संसाधन नयति में एक ही छत के नीचे उपलब्ध है साथ ही अनुभवी और विख्यात डाक्टरों की टीम मौजूद है ।

जीआई सर्जरी विभाग के प्रमुख डा अजय अग्रवाल ने कहा कि अब्दुल कई जगह अपना इलाज करा के बाद काफी निराश थे। हमने जांचें करा कर पता लगाया कि सिस्ट काफी बढ़ चुका था और उसने  लीवर के एक तिहाई हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया था। यह एक हायडेटिक सिस्ट था। सिस्ट के आकार बढ़ने के कारण ही अब्दुल को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अगर समय से इसका इलाज न होता तो सिस्ट के फटने से जान का खतरा भी हो सकता था। अब्दुल की लैप्रांस्कोपिक सर्जरी के माध्यम सिस्ट को निकाल दिया गया। सर्जरी के मात्र 4 घंटे बाद अब्दुल चलने फिरने लगे और अगले ही दिन उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

August 27, 2018

नयति में 12 वर्षीय बच्चे के सिर से दूरबीन विधी द्वारा सफलतापूर्वक निकाला ट्यूमर’

  • 27 August, 2018

मथुरा । नयति मेडिसिटी के डॉक्टरों ने 12 वर्षीय बालक लवकुश के सिर में हुए कोलॉइड सिस्ट ट्यूमर को दूरबीन विधी (मिनिमल इन्वेसिव सर्जरी) द्वारा सफलतापूर्वक निकाल दिया। लवकुश कई दिनों से सिरदर्द और उल्टी से परेशान था, उसके परिजनों ने कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन कहीं से कोई लाभ नहीं हुआ।

नयति मेडिसिटी के न्यूरो सर्जरी विभाग के सीनियर न्यूरो सर्जन डॉ रविन्द्र श्रीवास्तव एवं डॉ विमल अग्रवाल ने बताया कि जब लवकुश हमारे पास आया था तब वह सिरदर्द के साथ उल्टी होने की समस्या से परेशान था, यहां तक कि वह बेहोश तक हो जाया करता था, हमने उसका सीटी स्कैन और एमआरआई किया तो पता चला कि उसके सिर के अंदरूनी भाग में पानी भरा हुआ है और एक ट्यूमर भी है। सबसे पहले हमने उसके सिर से पानी निकाला और उसके बाद मिनिमल इन्वेसिव सर्जरी के माध्यम से ट्यूमर को भी हटा दिया। सर्जरी के बाद लवकुश बिल्कुल ठीक है।

उन्होंने बताया कि दुनिया मे प्रत्येक एक लाख लोगों में से तीन लोग इस तरह की बीमारी से ग्रस्त होते हैं। बच्चों में यदि सिरदर्द के साथ उल्टी होने की शिकायत हो तो नजरअंदाज न करें और तुरंत न्यूरो सर्जन को दिखाएं।

नयति के सीईओ डॉ आरके मनी ने कहा कि पहले जिस इलाज के लिए ब्रजवासियों को दिल्ली एनसीआर तक जाना पड़ता था, वही बेहतरीन एवं विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देश के जाने माने चिकित्सकों के साथ नयति में ही एक छत के नीचे मौजूद हैं। नयति अस्पताल के न्यूरोसाइंसेस विभाग में सभी आधुनिक तकनीक जैसे ब्रेन ट्यूमर सर्जरी, ब्रेन हैमरेज सर्जरी, स्पाइन लम्बर एवं सर्वाइकल सर्जरी, स्टेरोटेक्टिक सर्जरी उपलब्ध है।

August 23, 2018

प्लास्टिक सर्जरी एवं कॉस्मेटॉलोजी विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह बने नयति का हिस्सा

  • 23 August, 2018

मथुरा नयति मथुरा और आगरा में डिपार्टमेन्ट ऑफ प्लास्टिक सर्जरी एवं कॉस्मेटॉलोजी में डॉ. प्रदीप कुमार सिंह अब अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। एमएस के बाद प्लास्टिक सर्जरी में एमसीएच कर चुके डॉ. प्रदीप नयति से पहले रॉकलैंड, मानेसर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। नयति से डॉ. प्रदीप प्लास्टिक सर्जरी एण्ड कॉस्मेटॉलोजी डिपार्टमेन्ट के विभाग प्रमुख के रूप में जुड़े हैं।

नयति के सीईओ डॉ. आर. के. मनी ने कहा कि हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि देश और दुनिया की बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं एवं चिकित्सक हमारे साथ जुड़ सकें, जिससे हम ब्रजवासियों एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान कर सकें। उसी क्रम में हमने डॉ. प्रदीप कुमार सिंह से नयति में प्लास्टिक सर्जरी एण्ड कॉस्मेटॉलोजी डिपार्टमेन्ट के साथ जुड़ने का आग्रह किया जो उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। नयति अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी एण्ड कॉस्मेटॉलोजी की सभी आधुनिक एवं प्रचलित तकनीक जैसे लिपोसक्शन, एब्डोमिनोप्लास्टी, ब्लेफेरोप्लास्टी, मास्टोपेक्सी, राइनोप्लास्टी, गाइनेकोमेस्टिया आदि शामिल हैं।

इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने कहा आज के युग में चिकित्सा क्षेत्र में हुई खोज, शोध एवं अत्याधुनिक तकनीक के आने से किसी भी प्रकार की प्लास्टिक सर्जरी इतनी आसान और सुलभ हो गयी है, जिसकी कल्पना कुछ वर्ष पहले तक किसी ने नहीं की थी, उन्होंने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी से शरीर के किसी भी जले-कटे तथा खराब हिस्से को बदला अथवा ठीक किया जा सकता है। पहले प्लास्टिक सर्जरी कराना बहुत महंगा होता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। आज के दौर में प्लास्टिक सर्जरी और कॉस्मेटॉलोजी की सेवा का लाभ उठाना आम आदमी की पहुँच में है। मैं नयति से जुड़कर ब्रज क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए उत्साहित हूँ।

August 17, 2018

नयति द्वारा मेडिकल इमरजेंसी आने पर किये जाने वाले कार्यों की दी जा रही है ट्रेनिंग’

  • 17 August, 2018

मथुरा 17 अगस्त। किसी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी होने पर लोग घबरा जाते हैं, और अक्सर उन्हें पता नहीं होता कि क्या करें और क्या नहीं। अस्पताल पहुंचने तक तीमारदारों द्वारा उचित प्रक्रिया न अपनायी जाने के कारण कभी कभी गंभीर हादसा भी हो जाता है। इन सबसे बचने के लिए नयति हैल्थकेयर द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर ईएफआर (इमरजेंसी फर्स्ट रिस्पांडर) ट्रेनिंग के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे लोग किसी भी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी होने पर उचित प्रक्रिया अपना सकें और किसी की जान बचाने में सहयोगी बन सकें। अभी यह कार्यक्रम पुलिस कर्मियों के बीच चलाये जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत अभी तक 3 सैशन हो चुके हैं और अब तक 80 लोग प्रशिक्षित किये जा चुके हैं। पुलिस विभाग के अलावा यह इएफआर ट्रेनिंग कार्यक्रम स्कूलों, कॉलेजों, होटलों, एवं फैक्ट्रियों आदि में चलाए जाएंगे। यह कार्यक्रम मथुरा के अलावा आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, अलीगढ़, हाथरस आदि विभिन्न जनपदों में चलाए जाएंगे।

’मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार’ ने नयति द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि समाज में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर लोग सबसे पहले पुलिस को याद करते हैं। यह ट्रेनिंग प्राप्त करने के बाद पुलिसकर्मी लोगों की और अच्छे तरीके से सेवा कर पाएंगे, ऐसा मुझे पूरा विश्वास है।

’नयति हैल्थकेयर के ग्रुप सीईओ डॉ. आर के मनी’ ने कहा कि स्वास्थ्य सम्बंधी किसी इमरजेंसी में सबसे पहले वो लोग मददगार होते हैं जो उस समय वहाँ मौजूद होते हैं। यह परिवार के सदस्य, पड़ोसी, फैक्ट्री या आफिस के सह कर्मचारी, स्कूल या कालेज के छात्र और टीचर हो सकते हैं। अक्सर पुलिस वाले, ड्राइवर या फ़ायर बिग्रेड के लोग भी होते है। आम आदमी पहले एम्बूलेंस को काल करके बिना किसी सहायता के इंतज़ार करते हैं। नयति हेल्थकेयर ने आम आदमी को स्वास्थ्य सम्बंधी इमरजेंसी के लिए प्रशिक्षित करने का बीड़ा उठाया है। हम चाहते हैं कि समाज के हर वर्ग के लोगों को इएफआर की ट्रेनिंग मिल सके।

’नयति मेडिकल एजुकेशन के डीन डॉ. पीके कोहली’ ने बताया कि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के तत्काल बाद के 10 मिनट (प्लेटिनम 10 मिनट) का किसी की जिंदगी बचाने में बहुत योगदान होता है। इन 10 मिनटों में किये गए उचित कार्य के बहुत बेहतर और सकारात्मक परिणाम आते हैं। आमतौर पर मेडिकल इमरजेंसी आने पर लोगों को पता ही नहीं होता कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसी को ध्यान में रखते हुए हमने फैसला किया कि लोगों को जागरूक कर उन्हें मेडिकल इमरजेंसी आने पर किये जाने वाले कार्यों की ट्रेनिंग दी जाए, जिससे समाज स्वस्थ एवं जागरूक बन सके।

3 घंटे दी जाने वाली इस इएफआर ट्रेनिंग में हमारे द्वारा केवल लेक्चर के अलावा प्रेक्टिकल करके भी सिखाया जाता है। ट्रेनिंग के बाद लोगों की एक परीक्षा होती है। परीक्षा में कम अंक लाने वालों को दोबारा ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके लोगों को एक प्रमाणपत्र भी दिया जाता है।