नयति मेडिसिटी ने बंदियों को दिया योग से निरोग रहने का मंत्र नयति मेडिसिटी की ओर से जिला कारागार में लगाया गया निशुल्क चिकित्सा शिविर

 

मथुरा 10 अप्रैल 2017, ‘स्वस्थ रहना सभी का समान अधिकार है‘ इसी प्रयास के चलते नयति मेडिसिटी मथुरा की ओर से जिला कारागार के बंदियों के लिए एक निशुल्क स्वास्थ परिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नयति के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जेल के बंदियों का निशुल्क स्वास्थ्य परिक्षण किया। शिविर में हद्य रोग विशेषज्ञ डा गौरव, परामर्श चिकित्सक डा जितेन्द्र त्यागी ने अपनी टीम के साथ बंदियों के ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, एवं ईसीजी की भी निशुल्क जांच कर उपचार एवं परामर्श दिया। नयति मेडिसिटी के वेलनैस विभाग के प्रमुख आशुतोष कुमार ने योग के माघ्यम से निरोग रहने के मंत्र भी बताए। शिविर में बंदियों को तनाव, क्रोध, अवसाद आदि से बचने के लिए योगाभ्यास भी कराया गया। कई बंदियों की नींद न आना, पेट एवं सांस संबंधी परेशानियों को भी योग के माध्यम से सही करने के तरीके बताए गए।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डा आर के मणि ने कहा कि बंदियों को भी आम इंसान की तरह स्वस्थ रहने और बेहतर चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ उठाने का समान अधिकार है यही वजह है कि हमने यह शिविर जिला कारागार में लगाया। डा मणि ने कहा कि हमारा हमेशा से यही प्रयास रहा है कि नयति मेडिसिटी की विश्वस्तरीय चिकित्सकीय सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाया जाए इसलिए नयति मेडिसिटी की स्थापना बड़े शहर में न कर टीयर।। और टीयर।।। के नजदीक की गई। डा मणि ने कहा कि पिछले एक साल के इस सफर में मथुरा ही नही ब्लकि आस पास के ़क्षेत्रों के मरीजों तक भी इन विश्वस्तरीय सेवाओं को पहुंचाया गया है और यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

नयति मेडिसटी के वेलनैस विभाग प्रमुख आशुतोष कुमार ने कहा कि योग छोटी और बड़ी सभी तरह की बीमारियों के उपचार में बड़ा कारगर साबित होता है। इसी वजह से बंदियों को योग का अभ्यास कराया गया। उन्होंने बताया कि नयति मेडिसिटी के इस प्रयास से बंदियों में काफी खुशी देखी गई। बंदियों कों क्रोध, तनाव और अवसाद जैसी बीमारियों से बचने के लिए योग के आसनों के बारे में बता कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया।

जिला कारागार अधीक्षक पी डी सलोनिया ने नयति मेडिसिटी के इस कदम की सरहाना करते हुए कहा कि नयति मेडिसिटी के इस प्रयास से बंदियों में स्वास्थ के प्रति जागरूकता बढ़ी है साथ ही उनके स्वास्थ परिक्षण से भविष्य में होने बीमारियों का समय रहते ही उचार भी हो जाएगा। कारागार अधीक्षक ने नयति मेडिसिटी द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय चिकित्सकीय सेवाएं देने पर बधाई भी दी।

शिविर में नयति के चिकित्सकों और पेरामेडिकल स्टाफ के साथ जिला कारागार के चीफ मेडिकल आॅफीसर डा. उपेन्द्र सोलंकी, जेलर पी.एस.शुक्ला भी मौजूद रहे ।

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