डाइबिटीज, कोलेस्ट्रॉल एवं असन्तुलित हार्मोन्स के जाने-माने चिकित्सक डॉ.(प्रो) अभय अहलूवालिया बने नयति का हिस्सा

मथुरा 9 जून। देश के जाने-माने चिकित्सक डॉ. (प्रो) अभय अहलूवालिया अब नयति मेडिसिटी का हिस्सा बन गए हैं। डाइबिटीज, कोलेस्ट्रॉल एवं असंतुलित हार्मोन्स की चिकित्सा के क्षेत्र में आपका नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। आप नयति में एंडोक्रिनोलॉजी एवं मेटाबॉलिज्म विभाग के डायरेक्टर एवं विभाग प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। डॉ. अहलूवालिया सप्ताह के सोमवार और शुक्रवार को नयति मेडिसिटी, मथुरा और मंगलवार को नयति हॉस्पिटल, आगरा में अपनी सेवाएं देंगे।

अपने क्षेत्र में 16 वर्ष का अनुभव प्राप्त डॉ अहलूवालिया ने 1999 में एम्स नई दिल्ली से एंडोक्रिनोलॉजी से डीएम किया है। आप देश के कई बड़े अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। डाइबिटीज के क्षेत्र में आपकी खोज के लिए आपको एवार्ड भी प्राप्त हो चुका है, इसके अलावा आपके द्वारा किये गए कई शोध एवं खोज अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी प्रकाशित हो चुकी हैं।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आर के मनी ने कहा कि हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि देश और दुनिया की बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं एवं चिकित्सक हमारे साथ जुड़ सकें, जिससे हम ब्रजवासियों एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान कर सकें। उसी क्रम में हमने डॉ अहलूवालिया से नयति परिवार के साथ जुड़ने का आग्रह किया जो उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि अब बृज तथा आसपास के लोगों को इनकी बेहतरीन चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

डॉ (प्रो) अभय अहलूवालिया ने कहा कि नयति से जुड़ने का जब मुझे अवसर प्राप्त हुआ तो मैं मथुरा आने से खुद को रोक नहीं सका, क्योंकि यहां कार्य करते हुए मुझे ब्रज में रहने का अवसर मिलेगा जिसे मैं छोड़ना नहीं चाहता था। आज खानपान एवं अनियमित दिनचर्या की वजह से अधिकांश लोगों में डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल एवं हार्मोन्स की अनियमितता की शिकायत पायी जा रही है। अब तो गर्भवती महिलाओं में 15 प्रतिशत तक महिलाओं में डायबिटीज पायी जा रही है। इसलिए समय समय पर डाइबिटीज की जांच कराते रहना चाहिए। हार्मोन्स के संतुलित न रहने से बच्चों की लंबाई आदि पर प्रभाव पड़ता है। शरीर के हार्मोन्स यदि संतुलित रहें तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

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