नयति आरोग्य मंदिर द्वारा कुंभ में आये श्रद्धालुओं की हो रही नि:शुल्क ओरल कैंसर स्क्रीनिंग

प्रयागराज। तंबाकू मुक्त उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करने के लिये नयति हैल्थकेयर, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, बायोकॉन राज्य सरकार के साथ कुंभ को तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाने की मुहिम में बेहतर तरीके से अपनी भूमिका निभा रहा है। आरोग्य मंदिर में, मुंह के कैंसर की आसानी से जांच के लिए बेहतरीन एवं विश्वस्तरीय उपकरण एवं तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। मुंह के कैंसर की स्क्रीनिंग के अलावा विशेषज्ञ डॉक्टर तंबाकू से होने वाले गंभीर परिणामों के बारे में भी श्रद्धालुओं को जानकारी प्रदान कर रहे हैं। किसी भी प्रकार का कैंसर रोगी पाए जाने पर मरीज को तत्काल कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल (प्रयागराज में सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय कैंसर केंद्र)  भेजा जा रहा है, और गंभीर स्थिति में पहुंच चुके कैंसर के मरीजों को नयति मेडिसिटीए मथुरा स्थित कैंसर सेंटर तक पहुंचाया जा रहा है।

कैंसर मुक्त राज्य बनाने में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना एवं समर्थन करते हुए नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि एक आंकड़े के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में भारत में तम्बाकू की खपत काफी कम हुई हैए इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में मुंह के कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। हम कुंभ में ओरल कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर की स्थापना करके तंबाकू मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे किसी भी कार्यक्रम का समर्थन करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि भविष्य में भी हम अपना सहयोग प्रदान करते रहेंगे। हम कुंभ में आये हुए सभी अखाड़ों के साधु संतों से भी आग्रह करेंगे कि तंबाकू से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में अपने यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बतायें, जिससे कि प्रदेश और देश तम्बाकू मुक्त होने की दिशा में बढ़ सके।

नयति मेडिसिटी स्थित कैंसर सेंटर के चेयरमैन प्रो. डॉ. शांतनु चौधरी ने कहा कि मथुरा के नयति मेडिसिटी स्थित कैंसर सेंटर टाटा ट्रस्ट के अंतर्गत चलने वाले नेशनल कैंसर ग्रिड का ही भाग है, जहां कैंसर के मरीजों के लिए हर प्रकार का अत्याधुनिक इलाज एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश के अधिकांश कैंसर के मरीज नयति कैंसर सेंटर में आकर अपना इलाज करा रहे हैं। कैंसर लाइलाज बीमारी नहीं हैए यदि सही समय पर मरीज को सही इलाज मिल जाय तो कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है।

आरोग्य मंदिर का प्रमुख रूप से संचालन करने वाले नयति चैरिटेबल ट्रस्ट के एक्सक्यूटिव डायरेक्टर राजेश आत्रे ने कहा कि आरोग्य मंदिर में प्रतिदिन लगभग 400 से 500 मरीज किसी न किसी बीमारी की वजह से आ रहे हैं। सामान्य बीमारी होने पर हम उन्हें डॉक्टरों की सलाह पर दवा दे देते हैं यदि किसी मरीज की हालत भर्ती करने लायक होती है उसका भर्ती करके इलाज किया जाता है।

आरोग्य मंदिर में आने वाले मरीजों में अधिकतर बुखारए सिरदर्द, उल्टी-दस्त, शारीरिक कमजोरी, डाइबिटीज, सांस से संबंधित आदि बीमारियों के मरीज हैं।

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