नयति के डॉक्टरों ने गले में हुई गांठ का किया सफल ऑपरेशन

मथुरा 12 अप्रैल। नयति मेडिसिटी के चिकित्सकों ने गले में हुई गांठ (लैरिंगोसील) का सफल ऑपरेशन किया। इस प्रकार की गले में गांठ बहुत कम (दुनिया में अब तक 200 से 250) लोगों में ही पाई गयी है जिसे एक प्रकार की दुर्लभ बीमारी भी कहा जा सकता है। इस बीमारी में सांस की नली में छेद हो जाता है जिसकी वजह से उस नली में गांठ बन जाती है जो समय के साथ बढ़ती रहती है। इस बीमारी की वजह से इंसान का खानापीना एवं सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

नयति मेडिसिटी के जीआई सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ योगेश अग्रवाला ने कहा कि 70 वर्षीय भगवान सिंह जब नयति में आये थे तब वे अपने गले में हुई गांठ से काफी परेशान थे, जिसकी वजह से उनका खानापीना भी लगभग बंद हो गया था और उन्हें सांस लेने में भी काफी तकलीफ हो रही थी। पिछले दो साल से वे कई अस्पतालों के चक्कर लगा आये लेकिन उन्हें कहीं भी किसी प्रकार का कोई लाभ नहीं मिला। नयति आकर हमसे मिले, हमारे द्वारा करायी गई जांचों में पता चला कि इनके गले में 5 सेमी की गांठ है (जिसे मेडिकल भाषा में लैरिंगोसील कहा जाता है) जिसका तत्काल ऑपरेशन करने की आवश्यकता थी।

परिवार की सहमति के बाद डॉ. योगेश अग्रवाल एवं डॉ. अजय अग्रवाल के नेतृत्व में उनका सफल ऑपरेशन करके गले में से गांठ निकाल दी जिसके बाद भगवान सिंह बिल्कुल स्वस्थ हैं और उनकी खोई हुई आवाज भी वापस लौट आयी है।

नयति मेडिसिटी के जीआई सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. अजय अग्रवाल ने कहा कि यह एक दुर्लभ किस्म की बीमारी है और अब तक दुनिया मे 200 से 250 लोगों में ही यह बीमारी पायी गयी है। यदि समय पर इसका इलाज ना हो तो यह बीमारी बढ़ती जाती है जिससे मरीज को काफी तकलीफ से भी गुजरना पड़ सकता है।

Back