नयति ने मनाया विश्व हेपेटाइटिस दिवस

203 लोगों की हुई निशुल्क जांच

जागरूकता ही बचाव है: डॉ. कपिल शर्मा

मथुरा 28 जुलाई। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय नागरिकों को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करने के लिए नयति मेडिसिटी और नयति हॉस्पिटल के परिसर में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें 250 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर आए हुए लोगों में 203 लोगों की निशुल्क हेपेटाइटिस बी तथा सी की जांच भी की गई।

इस अवसर पर नयति के गैस्ट्रोएंटोलॉजिस्ट डॉ. कपिल शर्मा ने कहा कि विश्व मे 40 करोड़ से अधिक लोग हेपेटाइटिस बी अथवा सी से पीड़ित हैं। हर वर्ष लगभग 13 लाख लोग इस बीमारी की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। इस बीमारी का कोई लक्षण नहीं होता, केवल जांच कराने से ही इस बीमारी के बारे में जाना जा सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक रहते हुए अपनी हेपेटाइटिस की जांच अवश्य करा लेनी चाहिए, जिससे समय रहते बचाव किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई पीलिया, बुखार, लगातार थकावट या खुजली से पीड़ित है या किसी के परिवार में किसी अन्य सदस्य को हेपेटाइटिस बी अथवा सी की शिकायत है तो उसे तुरन्त अपनी जांच भी कर लेनी चाहिए। 10 में से 8 लोगों को पता ही नहीं चल पाता कि वे हेपेटाइटिस बी या सी से ग्रस्त हैं। लीवर सिरोसिस होने का मुख्य कारण हेपेटाइटिस बी और सी हैं, जिसके होने के बाद लीवर फेल तक जाता है और लीवर को प्रत्यारोपित तक करना पड़ सकता है।

नयति मेडिसिटी के ब्लड बैंक के प्रमुख डॉ. नवीन अग्निहोत्री ने कहा कि नयति ब्लड बैंक उत्तरप्रदेश का एकमात्र पहला एनएबीएच द्वारा मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक हैं, जहां उच्च गुणवत्ता वाली जांच के बाद ही ब्लड लिया और दिया जाता है। नयति ब्लड बैंक में किसी भी रक्तदाता का ब्लड लेने से पहले भी हैपेटाइटिस बी की जांच की जाती है, जिससे रक्तदाता को हैपेटाइटिस बी होने की दशा में ब्लड नहीं लेते और रक्तदाता का ब्लड बेकार नहीं जाता, साथ ही रक्तदाता को तुरंत परामर्श व परिवार के अन्य सदस्यों की जांच के लिए प्रेरित भी किया जाता है। इस प्रकार नयति ब्लड बैंक समाज में  हेपेटाइटिस बी के संक्रमण की रोकथाम के लिए भी निरंतर प्रयासरत है।

हेपेटाइटिस ए, ई दूषित पानी तथा भोजन से, तथा हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमित खून तथा सुइयां अथवा असुरक्षित यौन संबंधों से हो सकता है।

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