नयति मल्टी सुपर स्पेषियलिटी हाॅस्पिटल ने एक बार फिर से इस इलाके में इतिहास रचा 9 महीने के बच्चे के दिल का जटिल आॅपरेषन सफलतापूर्वक किया

मथुरा, 26 मई, 2016: नयति मल्टी सुपर स्पेषियलिटी हाॅस्पिटल ने आज 9 महीने के एक बच्चे की सफल पीडियाट्रिक कार्डियोसर्जरी करने की घोशणा की। 9 महीनेें का बच्चा ‘‘दिल में कई छेद’’ से पीड़ित था।

 

मथुरा के जैत गांव के गोविंद सिंह के 9 महीनों के बेटे देवेेंद्र को जन्म के कुछ महीनों बाद से बार-बार सांस संबंधी संक्रमण था। 7वें महीने में बच्चे को गंभीर रूप से सांस लेने में दिक्कत और खांसी की षिकायत होने लगी जिसके बाद स्थानीय बाल रोग विषेशज्ञों ने उसका परीक्षण किया। परीक्षण में निमोनिया के साथ ही हृदय से असामान्य आवाजें आने की बात का पता चला और उसे दिल्ली में डाॅक्टरों को दिखाने की सलाह दी गई। व्यापक जांच परीक्षण के बाद बच्चे के निमोनिया का इलाज किया गया और इसके साथ ही बच्चे के हृदय में आर्टियल और वेंट्रिक्यूलर स्तर पर कई छेद के साथ ही हृदय की प्रमुख धमनियों के बीच असामान्य संपर्क और बाएं फेफड़े की ओर जाने वाली खून की नस के संकरे होने की बात का पता चला जिसे ’’एसीएचडी-एएसडी-वीएसडी-पीडीए विथ एलपीए स्टेनाॅसिस’’ कहते हैं।

 
उन्हे पता चला कि ऐसी बीमारियों से पीड़ित बच्चों का इलाज नयति के मल्टी-सुपर स्पेषिएलिटी सेंटर फाॅर कार्डिएक साइंसेज में होता है। इसलिए उन्होंने सर्जरी के लिए नयति में 22.05.2016 को संपर्क किया।

 
नयति सेंटर फाॅर कार्डियक साइंसेस के चेयरमैन डाॅ. वेणुगोपाल राम राव ने कहा, ‘ यह पष्चिमी उत्तर प्रदेष में की गई ऐतिहासिक पेडियाट्रिक सर्जरी थी जो कुछ समय पहले तक दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के कुछ ही कार्डिएक केंद्रों में की जाती थी। बच्चे का आॅपरेषन सफलतापूर्वक किया गया और दोनों छेदों को बंद करने के साथ ही इंट्राकार्डिएक रिपेयर किया गया, असामान्य संपर्क (पीडीए) को बंद किया गया और हार्ट लंग मषीन की सहायता से बाएं फेफड़े की ओर जाने वाली संकरी होती खून की नस को चैड़ा किया गया। बच्चे को पोस्ट ओपी कार्डिएक सर्जिकल आईसीयू में रखा गया और कुछ ही घंटों के भीतर वेंटिलेटर भी हटा दिया गया। ‘

 
नयति में कार्डिएक सर्जरियों की षुरूआत से ही हमने सफलतापूर्ण आधे दर्जन पेडियाट्रिक कार्डिएक सर्जरियां की हैं। हमने 2 ब्लू बेबी सिंड्रोम (टीओएफ-टेट्रोलाॅजी आॅफ फैलट), असामान्य जुड़ावों के साथ हृदय में कई छेद की समस्या से पीड़ित मरीज जिसका हृदय सीने के दाई ओर था (गंभीर ष्वसन उच्च रक्तचाप के साथ डेक्स्ट्रोकार्डिएक-मल्टीपल वीएसडी-एएसडी-पीडीए) और एक ही परिवार के दो बच्चों के हृदय में छेद जैसी समस्याएं देखीं। इनमें से प्रत्येक समस्या अनोखी, चुनौतीपूर्ण और जटिल थी, उन्होनें ने आगे बताया।’’

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