नयति में इलाज के बाद गोली लगने से घायल हुई बच्ची अब बिल्कुल स्वस्थ

मथुरा 19 जनवरी। मथुरा निवासी 15 वर्षीय अंजू एक सुबह अपने घर से स्कूल के लिए निकली कि रास्ते में उसे कुछ लड़कों ने गोली मार दी जो उसके पेट को चीरते हुए पीठ के रास्ते बाहर निकल गयी।
गोली लगते ही अंजू जमीन पर गिर गयी। इसका पता चलने पर अंजू के पिता तुरंत उसे नजदीक के प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर गए जहां उसकी गम्भीर हालत को देखते हुए इलाज करने से मना कर दिया तब वह उसे नयति मेडिसिटी लेकर गए, जहां नयति मेडिसिटी के पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. विक्रम अग्रवाल ने उसे देखा तो पाया कि उसकी हालत बहुत ज्यादा नाजुक थी, गोली लगने के कारण उसकी आंतें उसके पेट से बाहर निकल आयीं थीं और खून भी लगातार बह रहा था।अंजू का तत्काल ऑपरेशन करने की आवश्यकता थी। परिवार की सहमति के बाद अंजू का सफल ऑपरेशन कर दिया गया जो कई घंटे चला।

नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है अंजू जो गनशॉट के बाद हमारे यहां आयी थी बिल्कुल स्वस्थ होकर अपने घर जा रही है। नयति में एक ही छत के नीचे सभी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं मौजूद हैं जिसकी वजह से इलाज के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ा। अंजू के इलाज के लिए यहां उपलब्ध पीडियाट्रिक विभाग, जेनरल सर्जरी, हृदय रोग विभाग, क्रिटिकल केयर विभाग, ब्लड बैंक के डाक्टर्ज एवं ट्रेंड नर्सिंग स्टाफ ने एक साथ मिलकर अपना योगदान दिया जिससे अंजू की जान बच सकी।
मुझे खुशी है कि हमने नयति की शुरुआत मथुरा में जो सोचकर की थी उसमें हम कामयाब हो पा रहे हैं। आज ब्रज तथा आसपास के लोगों के बीच नयति अपनी एक पहचान स्थापित कर चुका है, किसी भी तरह की इमरजेंसी के समय लोगों को लगता है कि यदि एक बार हम नयति पहुंच गए तो सब ठीक हो जाएगा। नयति ने लोगों के बेहतरीन स्वास्थ्य के लिए समय समय पर आधुनिक तथा विश्वस्तरीय चिकित्सा पहुंचाने का प्रयास किया है।
नयति मेडिसिटी के पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. विक्रम अग्रवाल ने कहा कि अंजू जब नयति लायी गयी थी तब उसकी हालत बेहद नाजुक थी। उसे गोली मारी गयी थी जो उसके पेट से होती हुई पीठ के रास्ते बाहर निकल गयी, जिसके कारण उसकी आंतें बाहर निकल आयी थीं। बच्ची शॉक में थी जिसकी वजह से उसका ब्लड प्रैशर काफी नीचे जा रहा था। हमने इसके इलाज के लिए तत्काल एक टास्क फोर्स का गठन किया जिसमें पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अलावा हृदय रोग विभाग, जनरल सर्जरी विभाग, उदर रोग विभाग, हृदय रोग विभाग, क्रिटिकल केयर विभाग के डॉक्टरों की निगरानी में अंजू का ऑपरेशन किया गया। हमने अपने यहां मौजूद ब्लड बैंक को भी तैयार रहने को कहा क्योंकि खून लगातार बह रहा था जिसकी वजह से खून की काफी मात्रा में आवश्यकता थी।
कई घंटे चले ऑपरेशन के बाद हम अंजू को बचाने में सफल हो गए। ऑपरेशन के समय अंजू को 8 यूनिट खून चढ़ाया गया। अब अंजू बिल्कुल ठीक है लेकिन कुछ दिनों तक उसे ड्रेसिंग कराने आना पड़ेगा और कुछ ही समय बाद अंजू किसी भी आम बच्चे की तरह अपना जीवन जी सकेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगई ने प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी द्वारा अंजू को विशेष पुलिस अधिकारी तथा शक्ति परी की उपाधि देने की घोषणा की।
अंजू के पिता ने नयति प्रशासन और डॉक्टरों को धन्यवाद देते हुए कहा हमें जब अपनी बेटी के साथ हुए हादसे के बारे में पता चला तो दिमाग ने बिल्कुल काम करना बंद कर दिया था, तब हम अपनी अंजू को लेकर नयति आने से पहले दो और अस्पतालों में लेकर गए लेकिन उसकी गम्भीर हालत देखकर उन्होंने उसे हाथ लगाने से भी मना कर दिया! यदि मथुरा में नयति नहीं होता तो शायद मेरी बेटी की जान ना बच पाती, क्योंकि नयति में सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं जो आसपास के किसी अस्पताल में नहीं। नयति द्वारा मेरी बेटी का किया उपचार तथा व्यवहार हम उम्र भर नहीं भूलेंगे। न सिर्फ उन्होंने इसका बेहतर उपचार किया बल्कि उसकी सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था की।
भगवान का ये वरदान ही था कि मेरी बेटी समय रहते नयति पहुंच गई। मेरा बस एक ही निवेदन है कि हमें अपने आसपास का वातावरण अपने बच्चों, अपनी बहन, बेटियों के लिए सुरक्षित बनाना चाहिए।

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