नयति में एंडोस्कोपी की नवीनतम तकनीक पॉयम द्वारा बिना चीरे के आहारनाल का वाल्ब खोला

मथुरा 14 मई। नयति मेडिसिटी में बेहतरीन एंडोस्कोपी की नवीनतम तकनीक पॉयम से आहारनाल के बंद वाल्ब को बिना चीरे के काटकर खोल दिया। इस क्षेत्र में इस प्रकार की सुविधा नयति हॉस्पिटल से पहले किसी और हॉस्पिटल में नहीं थी, जिसके कारण मरीजों को अपनी बीमारी से बचाव के लिए दिल्ली तक जाना पड़ता था।

राजस्थान निवासी 24 वर्षीय विजय कई महीनों से परेशान था। उसकी छाती में हमेशा दर्द रहता था, खाना खाने के बाद वापस बाहर आ जाता था। कई डॉक्टरों से उसने अपना इलाज कराया लेकिन उसे कोई लाभ नहीं हुआ, जिसके बाद वह नयति मेडिसिटी आया और यहां आकर नयति मेडिसिटी के उदर रोग विभाग के प्रमुख डॉ. कपिल शर्मा से मिले। उनके द्वारा जरूरी जांच कराने के बाद पता चला कि विजय की आहारनाल के वाल्ब बन्द हो गया है जिसकी वजह से उसका खाना अमाशय तक नहीं जा पा रहा था और वापस लौट आता था।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ. आरके मनी ने कहा कि हमने ब्रजवासियों को दुनिया का बेहतरीन इलाज एवं स्वास्थ्य संबंधी तकनीक देने का जो वादा किया था उसमें हम सफल हुए हैं नयति में हर प्रकार की बीमारी का एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय उपचार मौजूद है जिसकी वजह से मरीजों को अपने इलाज के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता। उन्होंने कहा कि आज के समय में पॉयम एंडोस्कोपी के क्षेत्र में अत्याधुनिक एवं नई तकनीक है, जिसका प्रयोग देश के कुछ गिनेचुने अस्पतालों में ही होता है। नयति मेडिसिटी पॉयम करने वाला इस क्षेत्र का पहला हॉस्पिटल बन गया है।

नयति के उदर रोग विभाग के प्रमुख डॉ. कपिल शर्मा ने कहा कि विजय कि आहारनाल के बंद वाल्ब की वजह से विजय को खाने पीने में परेशानी तथा सीने में दर्द रहता है, उसके बंद वाल्ब को खोलने की आवश्यकता थी। परिवार की सहमति के बाद हमने अपनी टीम के साथ एंडोस्कोपी की नवीनतम एवं बेहतरीन तकनीक पॉयम द्वारा इनके वाल्ब को बिना चीरे के माध्यम से खोल दिया, जिसके तत्काल बाद इनके खाने पीने की समस्या खत्म हो गयी और भोजन अमाशय तक जाने लगा। पॉयम के द्वारा बिना चीरे के सर्जरी की जाती है और इसको कराने के बाद मरीज दो दिन में ही वापस घर लौट जाता है।

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