नयति में चेहरे के लकवे का हुआ सफल इलाज

मथुरा । छाता निवासी सतीश चौधरी का बाइक द्वारा कोसी जाते समय एक्सीडेंट हो गया, समय बीतने के साथ उनकी शारिरिक चोट तो ठीक हो गयी लेकिन दुर्घटना में हड्डी टूटने से चेहरे की नस दब गई थी, जिसकी वजह से चेहरा टेड़ा हो गया और उनके चेहरे पर फालिश (लकवा) मार गया। वे नयति आकर ईएनटी विभाग के प्रमुख डॉ मनीष जैन से मिले, जिनके द्वारा किये गए ऑपरेशन के बाद सतीश चौधरी बिल्कुल स्वस्थ हैं।

नयति मेडिसिटी के ईएनटी विभाग प्रमुख डॉ. मनीष जैन ने बताया कि जब सतीश हमारे पास आये थे तब उनकी स्थिति बहुत नाजुक थी, दुर्घटना में उनके कान का पर्दा फट गया था और मुंह पर काफी चोट थी, उनके चेहरे की मांसपेशियों तक जाने वाली नस (फेशियल नर्व) पर काफी दवाब पड़ रहा था, जिसके चलते उनका चेहरा टेड़ा हो गया था, बांयी आंख बंद नहीं हो पा रही थी और चेहरे पर लकवे की शिकायत भी थी, उनकी नस पर पड़ रहे दवाब को हटाना बहुत जरूरी था। उनके परिवार की सहमति के बाद अपनी टीम के साथ मिलकर हमने मस्टॉयडेकटमी व फेशियल नर्व डिकम्प्रेशन जैसे अत्याधुनिक ऑपरेशन करके उनकी नस पर पड़ रहे दवाब को हटा दिया। ऑपरेशन के बाद सतीश चौधरी के चेहरे का टेढ़ापन बिल्कुल ठीक हो गया और बांयी आंख बंद होने के अलावा लकवे की शिकायत भी दूर हो गयी।

अपना इलाज कराने वाले सतीश चौधरी ने कहा कि नयति आने से पहले हमने खुद को कई जगह दिखाया लेकिन कहीं कोई लाभ न मिल सका, जिसके बाद हम नयति आये और यहां के डॉक्टरों से मिले, उनके द्वारा दिये गए आश्वासन के बाद हमने अपना इलाज नयति में कराया, अब मैं बिल्कुल ठीक हूं।

ऑपरेशन करने वालों में डॉ. मनीष जैन के अलावा उनकी टीम के डॉ. श्वेता महाजन एवं डॉ अमित सिंघल की प्रमुख भूमिका रही।

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