नयति में डॉक्टरों ने नहीं की ओपीडी, इमरजेंसी और आईपीडी में ही मिला मरीजों को इलाज

मथुरा 17 जून। नयति मेडिसिटी में कोलकाता के डॉक्टर के साथ मरीज के परिजनों द्वारा की गई मारपीट और पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्यवाही न करने के विरोध में देशभर के डॉक्टरों के साथ नयति हैल्थकेयर के सभी अस्पतालों के डॉक्टरों ने ओपीडी नहीं की।

नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि कोलकाता में एनआरएस हॉस्पिटल के डॉ परिभा मुखर्जी पर मरीज के तीमारदारों के द्वारा किया हुआ सामूहिक हमला बेहद निंदनीय है, और वहां की प्रदेश सरकार द्वारा इस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही न करना भी काफी चिंतनीय है।

अपनी ओपीडी सेवाएं बंद करके हमको या हमारे डॉक्टरों को कोई खुशी नहीं है, लेकिन हमें ऐसा करना पड़ रहा है, जिसका हमें दुख है। जिस विश्वास के साथ मरीज अपना इलाज कराने डॉक्टर के पास आते हैं, डॉक्टर भी उसके विश्वास को टूटने नहीं देना चाहते और अपना बेहतर करके मरीज को जल्द ठीक करने का प्रयास करते हैं। डॉक्टर का काम केवल मरीज की जान बचाने का प्रयास करना है, बाकी बहुत सारी चीजें ऊपर वाले के हाथ में हैं। इस प्रकार की घटनाओं से डॉक्टरों का हौसला टूटेगा और वे किसी गंभीर हालत वाले मरीज की चिकित्सा करने में अपने हाथ खड़े कर देंगे।

डॉक्टर समाज की एक बुनियादी आवश्यकता है। अगली पीढ़ी पहले से ही स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। हम केवल गुंडागर्दी और हिंसा द्वारा इस तरह की असहिष्णु कार्यवाही का समर्थन नहीं कर सकते।

आज कोलकाता की उसी घटना की निंदा करते हुए और आईएमए और डॉक्टरों के साथ खड़े होते हुए हमने नयति मेडिसिटी मथुरा, नयति हॉस्पिटल आगरा और व्हिमांस नयति हॉस्पिटल, दिल्ली स्थित अपने सभी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं न देने का निर्णय लिया है। आपातकालीन सेवाएं और आईपीडी सेवाएं सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं।

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