नयति में नोएडा के 3 माह के बच्चे की स्पाइन पर हुए नसों के गुच्छे का हुआ सफल ऑपरेशन

मथुरा 26 जुलाई। ग्रेटर नोएडा निवासी भुवी ने 3 माह पूर्व बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद पता चला कि बच्चे की पीठ के निचले हिस्से में एक ट्यूमर है जिसके लिए उसे दवा आदि दी जाने लगी। काफी इलाज होने के बाद भी ट्यूमर ठीक नहीं हुआ बल्कि वो लगातार बढ़ता जा रहा था, जिसके बाद डॉक्टरों ने बच्चे की एमआरआई करायी तो पता चला कि बच्चे के ट्यूमर में पानी भरा हुआ है और दिमाग तक जाने वाली नसें आपस में काफी उलझी हुई हैं, जिसका ऑपरेशन कराने की जरूरत थी। उन्होंने दिल्ली और नोएडा के कई अस्पतालों में अपने बच्चे को दिखाया लेकिन उन्हें कहीं भी संतुष्टि न मिल सकी। तभी उन्हें मथुरा स्थित नयति मेडिसिटी के बारे में पता चला और वे नयति मथुरा आये, जहां दिल्ली जैसा ही इलाज और व्यवस्थाएं दिल्ली से कम पैसे में मिलने पर उन्होंने अपने बच्चे का इलाज मथुरा में ही कराने का फैसला किया। जहां न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर दिया।

नयति मेडिसिटी के न्यूरो सर्जरी विभाग के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ रविन्द्र श्रीवास्तव और डॉ विमल कुमार ने बताया कि जब बच्चा हमारे यहां लाया गया था तो वह 3 माह का था। एमआरआई से पता चला कि बच्चे के दिमाग में पानी भरा हुआ है और उसके फोड़े की नसें भी आपस में उलझी हुई थीं, जिसमें पानी भी भरा हुआ था और एक गुच्छे की तरह दिखाई दे रही थीं।

हमने सबसे पहले बच्चे के दिमाग से पानी निकालने के लिए बच्चे के सिर से पेट तक वीपी शंट डाला और उसके बाद ट्यूमर का ऑपरेशन करके उलझी हुई नसों को ठीक कर दिया। दो दिन पीडियाट्रिक आइसीयू में रखने के बाद बच्चे को वापस घर भेज दिया। इस बच्चे के ऑपरेशन में हमारे यहां मौजूद एक ही छत के नीचे सभी सुविधाओं का काफी योगदान रहा, इनकी वजह से हमारा समय बिल्कुल खराब नहीं हुआ और हम बच्चे की सफल सर्जरी कर पाए।

उन्होंने बताया कि इस तरह की परेशानी को मेडिकल भाषा में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट कहते हैं, जो फोलिक एसिड(एक प्रकार का बी विटामिन बी है) की कमी से होती है। न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से बचने का सबसे आसान तरीका समय पर और सही मात्रा में फोलिक एसिड का सेवन होता है। गर्भवती महिलाओं को समय समय पर अपनी तथा अपने बच्चे की जांच योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ से कराते रहना चाहिये। जागरूकता की कमी अथवा लापरवाही से ही इस तरह की परेशानी होती है।

नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों से हमारे यहां के न्यूरो साइंस विभाग में ट्रॉमा, स्ट्रोक, स्पाइन आदि अन्य न्यूरो की परेशानियों के साथ काफी मरीज आ रहे हैं, जो बिल्कुल ठीक होकर गए, जिसकी वजह से हमारे यहां दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान आदि अन्य प्रदेशों से भी मरीज आकर अपना इलाज कराते हैं। अभी हाल ही में हमारी न्यूरो सर्जरी टीम ने फरीदाबाद से आये 2 महीने के बच्चे के सिर का ऑपरेशन भी किया था। नयति के न्यूरो सर्जरी विभाग में अब तक 2 दिन के बच्चे से 96 वर्ष के बुजुर्ग की सफल न्यूरो सर्जरी हो चुकी है, इसके लिए मैं न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों को बधाई देती हूं और मुझे इस तरह की न्यूरो क्रिटिकल सर्जरी करने के लिये भी अपने डॉक्टरों पर काफी गर्व है।

बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, और महिलाओं की जरा सी जागरूकता से हम देश के आने वाले भविष्य को बेहतर स्वास्थ्य और जीवन दे सकते हैं। गर्भावस्था का पता चलते ही महिलाओं को लगातार किसी योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ के संपर्क में रहना चाहिए, जिससे आने वाला बच्चा किसी शारीरिक विकार के साथ पैदा न हो सके।

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