नयति में प्लाज्मा फेरेसिस तकनीक से दिमाग की नसों की खराब कवरिंग (मल्टीपल स्किलरोसिस) का हुआ सफल इलाज

मथुरा 20 अप्रैल। मस्कट (ओमान) निवासी 33 वर्षीय रेणुबाला की अचानक नजर कामजोर होने लगी,यहां तक कि उनको लगभग दिखाई देना भी बंद हो गया था। हाथ पैरों में कमजोरी के कारण उनका चलना फिरना मुश्किल होता जा रहा था और उनके शरीर मे सेंसेशन की भी कमी होती जा रही थी। मस्कट में उन्होंने कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन उनकी परेशानी में कोई सुधार नहीं आ रहा था और उनकी समस्या लगातार बढ़ती ही जा रही थी।

तब उन्होंने मथुरा में रह रहे अपने रिश्तेदार से अपनी बीमारी के बारे में बात की, जिनके द्वारा नयति मेडिसिटी के बारे में बताये जाने के बाद वे नयति पहुंचे और यहां आकर न्यूरो फिजिशियन विभाग के प्रमुख डॉ नीलेश गुप्ता से मिले। डॉ नीलेश द्वारा उनकी एमआरआई, रीढ़ की हड्डी की जांच और आंखों की नसों की जांच कराई तो पता चला कि उनके दिमाग के न्यूरॉन्स की कवरिंग लगातार खत्म होती जा रही थी जिसकी वजह से उन्हें इन सब तकलीफों से गुजरना पड़ रहा था। मेडीकल भाषा मे इस बीमारी को मल्टीपल स्किलरोसिस कहते हैं।

जरूरी जांच करने के बाद डॉ नीलेश ने कुछ दिन उन्हें अस्पताल में रखा और प्लाज्मा फेरेसिस द्वारा उनका इलाज किया। अब रेणुबाला बिल्कुल स्वस्थ हैं।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आर के मनी ने कहा कि इस क्षेत्र में आज नयति में  हर बीमारी की वह विश्वस्तरीय एवं बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है जो अब से पहले केवल महानगरों के कुछ ही अस्पतालों में मौजूद थी। हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि यहां पर हम मरीजों को हर वह सुविधा उपलब्ध करा सकें जिसके लिए उन्हें महानगरों तक कि यात्रा करनी पड़ती थी। हमारे यहां देश के विभिन्न प्रदेशों के अलावा देश की सीमाओं से बाहर के मरीज भी निरंतरता में आकर अपना इलाज करा रहे हैं, जिसकी हमें खुशी है।

रेणुबाला का इलाज करने वाले नयति मेडिसिटी के न्यूरो फिजिशियन डॉ. नीलेश गुप्ता ने बताया कि जो बीमारी रेणुबाला को थी वो एक लाख व्यक्तियो में किसी एक को हो सकती है। इस बीमारी के कोई प्रारम्भिक लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। इस बीमारी का अचानक असर दिखाई देता है।

रेणुबाला की जांच करने के बाद हमने प्लाज्मा फेरेसिस (विशेष प्रकार एवं तकनीक से खून की सफाई) की। पहली प्लाज्मा फेरेसिस के बाद ही उनमें सुधार आना शुरू हो गया। उसके बाद सीमित अंतराल के बाद रेणुबाला की दो प्लाज्मा फेरेसिस और कि गयीं। अब रेणुबाला बिल्कुल स्वस्थ हैं लेकिन उन्हें कुछ दिन और दवाओं का सेवन करना पड़ेगा।

Back