नयति में मुंह के कैंसर का हुआ सफल इलाज

मथुरा 25 जनवरी
मैनपुरी निवासी 65 वर्षीय रविंद्र के बांये गाल के अंदरूनी भाग में कई वर्ष पूर्व एक छाला हो गया था, कई डॉक्टरों को दिखाने के बाद भी कोई राहत न मिलने पर आगरा के एक अस्पताल में दिखाने के बाद  उस छाले का ऑपरेशन कर दिया गया, किन्तु कुछ महीने बीतने के बाद उनके गाल में छाला दोबारा हो गया। अब तो उसमें दर्द के साथ खून का रिसाव भी शुरू हो गया था।

किसी के बताने पर वे नयति मेडिसिटी गये, और वहां जाकर वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ रविकांत अरोरा से मिले। उनके द्वारा दिए गए उपचार के बाद अब रविंद्र ठीक हैं।

नयति मेडिसिटी के कैंसर सर्जरी विभाग के डायरेक्टर  एवं वरिष्ठ  कैंसर सर्जन डॉ रविकांत अरोरा  ने  बताया  कि  रविंद्र  की जरुरी जांचें कराने के बाद पता चला कि उनके गाल के अंदरूनी भाग में काफी बड़ा घाव है, जो सही न हो सकने वाला नासूर बन चूका है उन्हें कैंसर (रिकर्रेंट  एंड रेसिडुअल  कैंसर) हुआ है, जिसके ऑपरेशन करने की जरुरत है। परिवार की सहमति के बाद हमने अपनी टीम के साथ मिलकर रविंद्र का ऑपरेशन (लेफ्ट  साइड  कमांडो विद नेक डिसेक्शन डबल फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन) कर दिया गया। कुछ दिन रेडियेशन देने के बाद रविंद्र अब बिल्कुल ठीक हैं। उन्होंने कहा कि नयति में कैंसर से सम्बंधित हर प्रकार की जांचें पैट सीटी स्कैन के अलावा बोंमेरोट्रांस्प्लांट, कीमोथेरेपी, रेडियेशन आदि एक ही छत के  नीचे मौजूद है, जिसके कारण कैंसर के मरीज को कहीं और जाने की जरुरत नहीं है।

नयति में ऑपरेशन करा चुके रविंद्र ने बताया कि नयति आने से पहले हम आगरा के एक हॉस्पिटल में अपना ऑपरेशन करा चुके थे, जिसका कोई फायदा नहीं हुआ। कोई दिल्ली जाने को कह रहा था तो कोई  मुम्बई, लेकिन जब हम नयति आये और यहां वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ रविकांत से मिले, तो हमें पूरा भरोसा हो गया कि अब हम यहीं ठीक हो जायेंगे, और हमें दिल्ली या मुम्बई जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी,  और हुआ भी यही। नयति में अपना इलाज कराने के बाद बहुत खुश हूं। नयति के शुरू होने से पहले मैनपुरी के लोगों को दिल्ली तक जाना पड़ता था, लेकिन अब हमें दिल्ली जैसी सुविधाएं और इलाज मथुरा  में ही मिल रहा है, वो भी दिल्ली से काफी कम दामों में, यह हमारे लिए बहुत ख़ुशी की बात है।

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