नयति में वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन सप्ताह पर हुआ सेमिनार

24 से 30 अप्रैल तक लोगों में जागरूकता फैलाने को टीकाकरण से संबंधित होंगे विभिन्न कार्यक्रम

मथुरा 25 अप्रैल। वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन (टीकाकरण) सप्ताह के अवसर पर नयति मेडिसिटी में एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें मथुरा तथा आसपास के कई गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजसेवी श्रीमती शैलजा सिंगला थीं।

सेमिनार को संबोधित करते हुए नयति मेडिसिटी के मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. ज्योति गोयल ने वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन सप्ताह पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैक्सीन की वजह से कई बीमारियों की रोकथाम होती है, हर वर्ष 25 लाख से अधिक लोगों की जान वैक्सीन की वजह से ही बच पाती है। वैक्सीन होने के बावजूद लोगों में जागरूकता की कमी के चलते आज भी टीकाकरण न हो पाने के कारण कई बीमारियों के लिए घातक होता है। इसलिए हमें समाज के हर वर्ग तक वैक्सीन की जानकारी पहुंचाने और लोगों को जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए। आज भी लोगों में आमधारणा है कि टीकाकरण केवल बच्चों के लिए ही होता है जो कि गलत है, वयस्कों में भी अब टीकाकरण संभव है जिसकी वजह से अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।

नयति मेडिसिटी के बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ. नूरउल ने कहा कि आजकल के बीमारियों के वैक्सीन उपलब्ध हैं जो हमें अपने बच्चों में लगवाने ही चाहिए जिनसे कई बीमारियों की रोकथाम हो सकती है, और कई संक्रमित बीमारियां भी होती हैं जो अगर किसी बच्चे को हो जाये तो उसकी चपेट में पूरा परिवार भी आ सकता है। लोगों को आमतौर पर खसरा, डीपीटी, हैपेटाइटिस बी और हैपेटाइटिस ए आदि बीमारियों के टीके अवश्य लगवाने चाहिए।

नयति मेडिसिटी की लैब प्रमुख डॉ देवकांत प्रधान ने कहा कि दुनिया में आज 26 गम्भीर बीमारियों से बचाव के वैक्सीन मौजूद हैं। भारत में वैक्सीन की वजह से ही किसी समय पाये जाने वाले चेचक रोग से पूरी तरह मुक्ति मिल चुकी है और पोलियो पर भी लगभग काबू पा लिया गया है। यदि 80 से 85 प्रतिशत लोगों तक वैक्सीन पहुंच जाए तो हम समाज के प्रत्येक व्यक्ति को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है।
सेमिनार की मुख्य अतिथि समाजसेवी शैलजा सिंगला ने कहा कि नयति द्वारा आयोजित इस सेमिनार से हम सभी को बहुत सारी जानकारी मिली है जिसे हम अपने स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे, और मुझे आशा ही नहीं पूरा विश्वास है कि नयति भविष्य में भी समाज में जागरूकता फैलाने के लिए इस प्रकार के आयोजन करता रहेगा।

सेमिनार में प्रमुख रूप से आर्मी, संदीपन स्कूल की अध्यापिकाएं, रोटरी क्लब, विभिन्न गांवों के प्रधान, वीएस सक्सेना, मीरा मित्तल, पंकज, डॉ. ममता शर्मा एवं नयति मेडिसिटी के मेडीकल सुपरिटेंडेंट डॉ. उबैद रंगरेज उपस्थित थे।

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