नयति में सात माह के बच्चे के सिर में भरा पानी दूरबीन विधि द्वारा निकाला गया

मथुरा 19 मई। शिकोहाबाद निवासी मनोज प्रताप सिंह का सात माह का पुत्र प्रबल जन्म से ही कई प्रकार की शारीरिक परेशानियों से जूझ रहा था, उसके सिर का आकार लगातार बढ़ता जा रहा था, आंखें घूम गयी थीं और दूध पीते ही वह उल्टी करके निकाल देता था। प्रबल के पिता ने काफी डॉक्टरों को दिखाया लेकिन उसे कहीं से कोई लाभ नहीं मिलाए तब वे उसे लेकर नयति मेडिसिटी आये जहां न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. एस.के गुप्ता से मिले। उनके द्वारा जरुरी जांच कराने के बाद पता चला कि प्रबल के सिर में पानी भर गया है जिसकी वजह से उसको इन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैए इस बीमारी को मेडिकल भाषा में हाइड्रोसिफेलस कहते हैं। प्रबल के सिर का ऑपरेशन करके तुरंत पानी निकालने की आवश्यकता थी। परिवार की सहमति के बाद डॉ. एस के गुप्ता और उनकी टीम ने एंडोस्कोपिक थर्ड वेंट्रीक्लोस्टोमी (दूरबीन विधिद्) से बिना चीरे का ऑपरेशन करके प्रबल के सिर से पानी निकाल दिया और दिमाग में ही बाईपास करके पानी की निकासी को रास्ता खोल दिया गया।

इस अवसर पर नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आर के मनी ने कहा कि नयति में हर वह इलाज मौजूद है जो नयति से पहले केवल महानगरों में ही मिल पाता थाए और लोगों को मीलों लंबी यात्रा करनी पड़ती थी, जिसके कारण इलाज में होने वाले खर्च के अलावा वहां आने जाने, रहने, खाने पीने में भी काफी पैसे खर्च करने पड़ते थेए किन्तु नयति मेडिसिटी शुरू होने के बाद महानगरों में मिलने वाला इलाज नयति में ही मिल रहा है वो भी वहां से 40 प्रतिशत तक कम खर्च में।

नयति मेडिसिटी के न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. एस के गुप्ता ने बताया कि आमतौर पर इस प्रकार सिर में भरे हुए पानी को निकालने के सिर से एक नली सिर से पेट में जोड़ दी जाती है जिससे मरीज के सिर का पानी धीरे-धीरे पेट के रास्ते खून में मिल जाता है। नयति में आज हर प्रकार की आधुनिक तकनीक तथा सुविधा मौजूद है जिसके कारण हमने प्रबल के सिर का बिना चीरे के दूरबीन विधि द्वारा ऑपरेशन करने का फैसला किया, जिसके बाद 24 घंटे में ही उसकी स्थिति में सुधार आ गया, अब वह ठीक से दूध भी पी पा रहा है और उसकी आंखें भी सामान्य हो गयी।

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