नयति में हुआ गुर्दे के कैंसर का सफल इलाज़

मथुरा 10 नवंबर। दो माह पहले मथुरा की ही मांट निवासी कमलेश पेट में दर्द और बेचैनी की समस्या से बहुत ज्यादा परेशान थीं। उन्होंने मथुरा, आगरा के कई डॉक्टरों को दिखाया पर उन्हें कोई लाभ नहीं हुआ। वे नयति पहुंची, जहां वे कैंसर विभाग के सर्जिकल विभाग के प्रमुख डॉ. रविकांत अरोरा से मिलीं, जिनके द्वारा जरूरी जांच करने पर पता चला कि उनके गुर्दे के ऊपर की तरफ काफी बड़ी कैंसर की गांठ (ट्यूमर) है जो जिगर तक पहुंच रही है और उस ट्यूमर का एक भाग खून की सबसे बड़ी नस में भी ऊपर की ओर जा रहा है।

उनकी सर्जरी करने की तुरंत आवश्यकता थी। डॉ. रविकांत अरोरा, डॉ. हेमेंद्र एवं उनकी पूरी टीम ने इस ट्यूमर को एक जटिल सर्जेरी के द्वारा निकाल दिया।

नयति मेडिसिटी के कैंसर विभाग के अध्यक्ष डॉ प्रो. शांतनु चौधरी ने कहा कि नयति मेडिसिटी में कैंसर से संबंधित हर उपचार मौजूद है, एक ही छत के नीचे कैंसर का क्लीनिकल, सर्जरी एवं कीमोथेरेपी और कैंसर की जांच संबंधी सभी सुविधाएं होने से मरीज को इलाज कराने में काफी मदद मिलती है, और उसका समय तथा आने जाने में लगने वाला पैसा भी बचता है।

नयति मेडिसिटी के कैंसर सर्जिकल विभाग के प्रमुख डॉ. रविकांत अरोरा ने बताया कि “कमलेश हमारे पास 2 महीने पहले पेट में दर्द की शिकायत के साथ आयी थी, उनके गुर्दे में कैंसर था हमने जरूरी जांच के बाद उनकी सर्जरी (राइट रेडिकल नेफ्रेक्टोमी विथ आईवीसी ट्यूमर थ्रोम्बेक्टोमी) कर दी, यदि इस ट्यूमर का समय पर इलाज न कराया जाता तो वह फेफड़ों एवं शरीर के अन्य भागों में भी फ़ैल सकता था, जिससे मरीज की जान को खतरा भी हो सकता था। हमने खून की नाड़ी जहां खून का थक्का था उसे सब तरफ से बंद किया और गुर्दे के ट्यूमर सहित खून के थक्के को एक ही बार में निकाला, इससे मरीज का सफल इलाज़ तो हुआ ही साथ ही जान जाने का खतरा भी टाला जा सका। कमलेश अब बिल्कुल स्वस्थ हैं।

नयति में अपना इलाज कराने वाली कमलेश ने बताया कि यहां आने से पहले मैंने कई जगह खुद को दिखाया लेकिन मेरी बीमारी का कहीं इलाज नहीं हो सका, यहां तक कि धीरे धीरे मेरी तकलीफ बढ़ती ही जा रही थी। यहां इलाज कराने के बाद मैं बहुत खुश हूं।

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