नयति में 28 दिन के बच्चे के सिर का हुआ सफल ऑपरेशन

09 December, 2017

मथुरा 9 दिसम्बर। दिपांति अपने 28 दिन के बच्चे को जब नयति मेडिसिटी में दिखाने लायी थी तब बच्चे की हालत बहुत खराब थी। 1.6 किग्रा बच्चे के केवल सिर का वजन ही एक किग्रा था, दोनों आंखों की रोशनी जा चुकी थी जिसके कारण उनकी एक आंख का ऑपरेशन एम्स में लेजर तकनीक से कराया जा चुका था दूसरी आंख का ऑपरेशन होना था, बच्चा दूध नहीं पी रहा था और पैदा होने से अब तक रोया भी नहीं था। बच्चे की स्थिति बहुत खराब थी, आगरा के कई बड़े डॉक्टरों ने मना कर दिया था और नयति आने से पहले वे एम्स में बच्चे का इलाज करा रहे थे। एम्स में भी बहुत अधिक लाभ न होने पर वे बच्चे को लेकर नयति आये और यहां आकर नयति मेडिसिटी के पीडियाट्रिक सर्जन डॉ विक्रम अग्रवाल से मिले, जहां उस बच्चे का एक सफल ऑपरेशन किया गया अब बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आर के मनी ने कहा कि हमने यही सोचकर ब्रज में नयति की शुरुआत की थी कि यहां के लोगों को बेहतरीन तथा विश्वस्तरीय इलाज के लिए मीलों लम्बी यात्रा न करनी पड़े और उनके घर के पास ही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। यहां आने वाले मरीज जब स्वस्थ होकर अपने घर जाते हैं तब उनके चेहरे की खुशी देखने लायक होती है जो हमें सुकून देने के साथ प्रोत्साहित भी करती है।

नयति मेडिसिटी के पीडियाट्रिक सर्जन डॉ विक्रम अग्रवाल ने कहा कि जब दिपांति का बच्चा हमारे पास आया था तब उसका वजन 1.6 किग्रा था जिसमें केवल सिर का वजन 1 किग्रा था। जरूरी जांच करने के बाद पता चला कि बच्चे के सिर में पानी भरा हुआ है, जिससे सिर में पानी का बहुत प्रेशर था जिसके कारण बच्चा ना दूध पी पा रहा था न उसके शरीर का कोई और अंग ठीक से कार्य कर पा रहा था, इसलिए उसके सिर में भरे पानी के प्रेशर को कम करना बहुत जरूरी था। हमने तत्काल परिवार की सहमति से बच्चे का ऑपरेशन कर वीपी शंट लगा दिया जिसका एक सिरा सिर में तथा दूसरा सिरा पेट में फिट किया गया है जिसकी वजह से सिर में बनने वाला अतिरिक्त पानी पेट के रास्ते बाहर निकल जाए।

ऑपरेशन के दूसरे ही दिन बच्चा रोने लगा, दूध पीने लगा 4 दिन में उसके सिर का आकार सामान्य हो गया और उसका वजन भी 40 प्रतिशत बढ़ गया। उसकी आंख की जो रौशनी चली गयी थी पानी का दवाब कम होते ही वह भी वापस आ गयी जिसके कारण अब दूसरी आंख के ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है और किसी भी सामान्य बच्चे की तरह अपना जीवन व्यतीत कर सकेगा।

Chat Now