नयति हैल्थकेयर मनायेगा विश्व तंबाकू निषेध सप्ताह नयति मेडिसिटी व नयति हॉस्पिटल में तंबाकू निवारण क्लीनिक की हुई शुरूआत

24 मई। नयति हेल्थकेयर द्वारा तंबाकू निषेध सप्ताह मनाया जायेगा, जो 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस तक चलेगा। इस दौरान लोगों को जागरूक करने के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा, जिसमें सप्ताह भर विभिन्न स्थानों पर निशुल्क कैम्प, नुक्कड़ नाटक, तंबाकू से होने वाले नुकसान एवं बचाव की जानकारी दी जाएंगी। इस दौरान अस्पताल परिसर में एक नयति तंबाकू निवारण क्लीनिक की शुरुआत भी की गयी, जो खासतौर से तंबाकू से पीड़ित मरीजों के लिए ही स्थापित की गयी है। आमजन तक तंबाकू के दुष्परिणामों को पहुंचाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों मे नुक्कड नाटकों का भी आयोजन किया जा रहा है।

सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत नयति परिसर से नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आरके मनी के साथ वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम ने सांकेतिक रूप से कैसर की मुख्य जड़ सिगरेट को तोड़ते हुए लोगों को तम्बाकू से दूर रहने की सलाह दी। हर साल तंबाकू से होने वाली जनहानी, और बढ़ते हए दुष्परिणामों को देखते हुए विश्व भर में तंबाकू से होने वाले खतरों से बचने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए इस दिन का आयोजन हर वर्ष किया जाता है। कार्यक्रम में उपस्थित डाक्टरों ने तंबाकू और धूम्रपान से होने वाली बीमारियों और उनसे बचने के उपायों के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में कैंसर रोग विभाग, श्वसन रोग विभाग, हृदय रोग विभाग, मनोचिकित्सक विभाग, न्यूरो सर्जरी विभाग, हड्डी एवं जोड़ रोग विभाग, जी आई सर्जरी विभाग, यूरोलॉजी विभाग, नाक कान गला रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग, उदर रोग विभाग, बाल रोग विभाग, ईएनटी विभाग, इंटरनल मेडिसिन विभाग एवं फिजियोथैरेपी विभाग के चिकित्सक मौजूद थे।

कार्यक्रम में नयति के सीईओ डा आर के मनी ने कहा तंबाकू और धूम्रपान आज समाज के लिए सबसे बडा खतरा है, और हम यह मानते है कि यह हमारी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है कि हम इससे होने वाले खतरों के बारे में समाज के हर वर्ग को अवगत कराते हुए जागरूक कर उन्हें इसके दुष्परिणामों से बचा सकें। हम जानते है कि हमारे क्षेत्र में तंबाकू धूम्रपान का सेवन जहां लगातार बढ़ रहा तो दूसरी ओर इसके दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता की काफी कमी है जिसके कारण नयति इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।

सांस संबंधी रोगियों में धूम्रपान करने वालों का प्रतिशत हमेशा अधिक रहता है। धूम्रपान की आदत हृदय रोगों को बढ़ावा देती है। रोग को बढ़ने से रोकने के लिए तंबाकू धूम्रपान को बंद करना जरूरी होता है। इसी कारण तंबाकू सेवन करने वाले लोगों में सीओपीडी, अस्थमा जैसी घातक बीमारियां अधिक पायी जातीं हैं।

नयति के कैंसर चिकित्सा विभाग के निदेशक, डॉ अमित भार्गव ने कहा कि आज के समय में कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू और धूम्रपान का सेवन है। इसी कारण लोगो में मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, आंतों का कैंसर के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। लोगों को कैंसर जैसी बीमारी से बचने के लिए तंबाकू अथवा तंबाकू से बने उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए।

नयति मेडिसिटी के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. सागर लवानियां ने कहा कि तंबाकू या धूम्रपान हमारे समाज के लिये किसी अभिशाप से कम नही है लेकिन लोगों में यदि इच्छाशक्ति हो तो इस लत से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके लिये परिवारजनों और अपनों का सहयोग भी काफी जरूरी है।

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