नयति हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने सरकारी डॉक्टरों के साथ मिलकर किया लोगों का उपचार

21 November, 2016

अलीगढ़ 21 नवम्बर। नयति मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ,मथुरा ने सरकार द्वारा बड़े नोट बन्द किये जाने के बाद जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए हॉस्पिटल की ओर से अधिक से अधिक जगहों पर मोबाइल यूनिट की मदद से लोगों का इलाज करने का फैसला किया है।

ज्ञात हो कि बड़े शहरों के एम्स तथा सफदरजंग आदि सरकारी अस्पताल सभी सुविधाओं से परिपूर्ण हैं जिससे वहां के नागरिकों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नही हो रही लेकिन छोटे शहरों के सरकारी अस्पतालों में अधिक सुविधाएं न होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नयति हाॅस्पिटल ने लोगों का इलाज लोगों के पास जाकर करने का फैसला किया है। इसी क्रम में नयति हॉस्पिटल ने अलीगढ़ के प. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में भारी संख्या में उपस्थित लोगों के स्वास्थ्य की जाँच की। 

कैम्प का उद्घाटन करते हुए अलीगढ़ के कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि आज के समय में लोग नोटों की कमी के कारण अपना इलाज तक नहीं करा पा रहे हैं, जिसके कारण बहुत से लोगों को उचित इलाज ना मिल पाने के कारण गम्भीर परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। किन्तु अब मथुरा के नयति हॉस्पिटल ने सरकारी डॉक्टरों के साथ मिलकर लोगों के इलाज के लिए जो कदम उठाया है वो प्रशंसा के योग्य है। नयति हॉस्पिटल आगे भी लोगों के बीच इस तरह के कैंप लगाता रहेगा इस मेरा विश्वास है। 

इस अवसर पर नयति हॉस्पिटल के सीइओ डॉ.आर के मनी ने कहा कि लोगों को जबसे नोट बंद होने के कारण इलाज कराने में दिक्कत शुरू हुई तबसे रोज हमारे पास विभिन्न पंचायतों के प्रधान तथा समाज सेवी लोगों के इलाज के लिए हमसे आग्रह कर रहे थे जिसको ध्यान में रखते हुए हमने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए विभिन्न क्षेत्रों में मोबाइल यूनिट चलाने का फैसला किया है। अलीगढ़ में हमारे द्वारा मोबाईल यूनिट के माध्यम से कैम्प की आज से शुरूआत की जा रही है। 

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट बन्द करने का फैसला काला धन रोकने की दिशा में उठाया गया एक बेहतरीन कदम है और हम इसका समर्थन करते हैं, किन्तु जब भी कोई कड़ा कदम लिया जाता है तो उससे कुछ परेशानियां होती ही हैं। नोट बन्दी के बाद जनता को भी कुछ परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। 

उन्होंने कहा कि बड़े शहरों में तो कई सरकारी अस्पताल हैं और उनमें सुविधाएं भी बहुत हैं इसके बावजूद बड़े शहरों में लोग अपना इलाज बीमा आदि के माध्यम से भी करा लेते हैं और तो और प्लास्टिक मनी (क्रेडिड कार्ड, डेविड कार्ड) का उपयोग भी बड़े शहरों के लोग कर लेते हैं, किन्तु छोटे शहरों में सरकारी अस्पताल भी सीमित हैं जिस वजह से वहाँ सभी लोगों का इलाज सम्भव नहीं है। 

इसी कारण हमने मथुरा के आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में मोबाइल यूनिट के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम द्वारा हर संभव इलाज पहुँचाने की व्यवस्था की है। 

आज अलीगढ़ की मोबाइल यूनिट में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक, हृदय रोग विशेषज्ञ के अलावा नाक कान गला रोग विशेषज्ञ भी शामिल थे। 

अलीगढ़ की सीएमइ डॉ. याचना शर्मा ने कहा कि नयति हॉस्पिटल द्वारा अस्पताल परिसर में लगाये गये इस कैम्प से लोगों तथा यहाँ के बच्चों को विशेष लाभ हुआ है और हम आशा करते हैं कि नयति आगे भी इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करता रहेगा। 

मोबाईल यूनिट द्वारा लगाए गए कैम्प में नयति के आपातकालीन विभाग के प्रमुख डॉ.गणपति गंगोली, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नुरुल आइन, मनोचिकित्सक डॉ.वाणी गंगोली, डॉ.नेहा गर्ग,डॉ.प्रीति वशिष्ठ, डॉ.आकांक्षा पोरवाल, डॉ. अमित कश्यप तथा डॉ.तेहेन्द्र सिंह आदि प्रमुख थे।

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