नयति हॉस्पिटल ने शुरु किया योग एवं वेलनेस विभाग

नयति हॉस्पिटल ने शुरु किया योग एवं वेलनेस विभागनिःशुयाुल्क सिखाया जायेगा रोगियों के तीमारदारों तथा ब्रजवासियों को योग
मथुरा 27 दिसम्बर । योग, प्राणायाम और आसन करते हुए लोगों के छोटेछोटे समूह जब अनायास दिखाई देते हैं तो लगता ही नहींकि यह किसी हॉस्पिटल का प्रांगण है। जी हाँ हम बात कर रहे हैं नयति मल्टी सुपर स्पेशुयायलिटी हॉस्पिटल की जहाँ आजकल मरीजों के तीमारदारों को प्रतिदिन योगासन तथा प्राणायाम कराया जा रहा है, और जिसके लिए हॉस्पिटल प्रशुयाासन द्वारा योग तथा वेलनेस विभाग की शुयाुरुआत की है। बिहार स्कूल ऑफ योगा, मुंगेर से योग विद्या प्राप्त तथा केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं कई कारपोरेट घरानों को अपनी सेवाएं दे चुके आशुयाुतो-ुनवजया कुमार को नयति हॉस्पिटल के योग एवं वेलनेस विभाग का प्रमुख बनाया गया है, जो बड़े मनोयोग से लोगों को योग आदि के गू-सजय़ रहस्यों को बता रहे हैं। नयति हॉस्पिटल के प्रांगण में योग एवं वेलनेस के लिए किसी प्रकार का कोई शुयाुल्क नहीं लिया जायेगा तथा हॉस्पिटल के अलावा अन्य स्थानों के लोग भी इन योग में भाग ले सकते हैं।

इस अवसर पर नयति हॉस्पिटल की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि हमारा सदैव से यह मानना रहा है कि सभी स्वस्थ रहें और कोई बीमार ही न हो। आरोग्यमेव जयते हमे-रु39याा से हमारा ध्येय वाक्य रहा है, योग से हमको हर प्रकार की बीमारी तथा तनाव से बचने में मदद मिलती है। योग हमारे देशुया की प्राचीन विद्या है, और आज कोई भी योग से अनभिज्ञ नहीं है। हमारे देशुया के ऋ-िुनवजया मुनियों ने योग की खोज करके मानव जीवन को एक नई दिशुयाा प्रदान की। जब किसी परिवार में कोई व्यक्ति बीमार अथवा दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तो पूरे परिवार को एक अजीब सी वेदना से गुजरना पड़ता है जिससे उबरने में उन्हें काफी वक्त लग जाता है। इन सभी चीजों को ठीक करने में योग एक अहम् भूमिका निभा सकता है। मरीज यदि इलाज के बाद योग करते हैं तो ये उनके लिए काफी लाभदायक होगा। उसी को ध्यान में रखते हुए हमने नयति हॉस्पिटल में योग एवं वेलनेस विभाग की -रु39याुरुआत की है जो यहाँ मरीजों के तीमारदारों को योग आदि करा रहा है। और मु-हजये पूरा वि-रु39यवास है कि हमारे यहाँ चल रही योग क्लासेस से लोगों को काफी लाभ होगा। इस अवसर पर योग एवं वेलनेस विभाग के प्रमुख आशुयाुतो-ुनवजया कुमार ने कहा कि नयति परिवार से जुड़कर मु-हजये बहुत खु-रु39याी का अनुभव हो रहा है। विभिन्न मंत्रालयों तथा कॉर्पोरेट घरानों के साथ भी मैने काम किया लेकिन यहॉ पर ब्रजवासियों की सेवा करके खुद को बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। इस क्षेत्र में अनियमित जीवनशुयौली तथा खानपान के कारण बहुतायत में लोग मधुमेह, जोड़ों के दर्द, ह्रदय रोग, सांस तथा अन्य परे-रु39याानियों से जू-हजय रहे हैं यदि लगातार योग का अभ्यास किया जाये तो -रु39यारीर तथा मन स्वस्थ रह सकता है।

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