मुख्यमंत्री योगी ने किया श्री काशी विष्वनाथ नयति आरोग्य मंदिर का उद्घाटन

आने वाले तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय लोगों को मिल सकेंगी तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं

वाराणसी 29 सितंबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के तत्वाधान में शुरू होने वाले आरोग्य मंदिर का शुभारंभ किया गया, जिसका संचालन नयति हैल्थकेयर द्वारा किया जाएगा। इस आरोग्य मंदिर के शुरू होने के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को प्राथमिक चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने इस शुभारंभ के अवसर पर कहा कि ‘‘विश्व की प्राचीनतम नगरी काशी जिसकी पहचान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि भी है। प्रधानमंत्री की अनुकंपा से बन रहे श्री काशी विश्वनाथ धाम में आज शारदीय नवरात्रि के प्रतिपदा तिथि पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और नयति हैल्थकेयर की ओर से आरोग्य मंदिर का शुभारंभ किया गया है। जहां पर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। मंदिर ट्रस्ट और नयति द्वारा किया गया यह एक सराहनीय पहल है।’’
आरोग्य मंदिर के शुभारंभ के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सीईओ विशाल सिंह ने कहा कि वाराणसी में हर माह 10 लाख से अधिक श्रद्धालू बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने आते हैं। स्वास्थ्य संबंधी किसी प्रकार की परेशानी होने पर आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। हमको भी मंदिर परिसर में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की आवश्यकता महसूस हो रही थी।
हमने नयति हैल्थकेयर को बद्रीनाथ, केदारनाथ, मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों अथवा केरल में आई बाढ़ के समय लोगों के बीच काम करते देखा है। नयति हैल्थकेयर के पास डॉक्टरों तथा नर्सिंग स्टाफ की प्रशिक्षित टीम है, जिन्हें श्रद्धालुओं को अचानक आने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का इलाज करने में महारत हासिल है। श्रद्धालुओं को आमतौर पर जोड़ों के दर्द, चक्कर आना, बुखार, दस्त सिरदर्द, हीट स्ट्रोक तथा सांस लेने में परेशानियां हो जाती हैं, जिसके लिये इस आरोग्य मंदिर में प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित विश्वस्तरीय सेटअप है, जिससे हम मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों को तत्काल चिकित्सा प्रदान कर पाएंगे।
नयति हैल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से हमें इस पवित्र शहर काशी में तीर्थयात्रियों की सेवा करने का जो अवसर प्राप्त हुआ है, इसके लिए मैं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की आभारी हूं। हम इस आरोग्य मंदिर का संचालन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के निर्देशन में नयति हैल्थकेयर द्वारा किया जाएगा। यह आरोग्य मंदिर प्राथमिक उपचार के लिए सभी आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित है तथा आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए प्रशिक्षित डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा।
नयति तीर्थयात्रियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए हमेशा ही तत्पर रहता है, फिर चाहे वह बद्रीनाथ, केदारनाथ, वृंदावन हो अथवा प्रयागराज का कुंभ। नयति ने 2012 से स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी यात्रा शुरू की, तबसे हम अपनी मेडिकल टीमों के साथ अपने अस्पतालों एवं मेडिकल मोबाइल यूनिटों के द्वारा लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले 7 वर्षों में हमने अपनी आउटरीच टीम द्वारा पश्चिमी उप्र तथा उत्तराखंड के सुदूर क्षेत्रों में 10 लाख से अधिक लोगों तक निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी से हम पूर्वी उत्तर प्रदेश तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने की शुरुआत करने जा रहे हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर स्थित इस आरोग्य मंदिर में डॉक्टरों, नर्सों, टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ की 25 सदस्यों वाली टीम मौजूद रहेगी। आरोग्य मंदिर में मरीजो की आपात स्थिति के लिये डिफिब्रिलेटर और ईसीजी के अलावा मेडिकल टेस्ट जैसे एसजीओटी, एसजीपीटी, क्रिएटिनिन, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड आदि की जांच के लिए लैब सुविधा भी मौजूद है, इसके अलाव डॉक्टर की सलाह अनुसार निशुल्क दवाइयां भी प्रदान की जाएंगी।
गंभीर रूप से अस्वस्थ रोगियों को स्थिर करने के बाद जिला अस्पताल या बीएचयू शिफ्ट किया जाएगा।
यह आरोग्य मंदिर सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक अपनी सेवाएं प्रदान करेगा। महीने के हर चौथे शनिवार को एक विशेषज्ञ डॉक्टर भी उपस्थित रहेंगे जिनका लाभ भी लोगों तक पहुंच पायेगा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश सरकार में मंत्री नीलकंठ तिवारी, रविन्द्र जैसवाल, मेयर मृदुल जैसवाल, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, नयति हैल्थकेयर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर यतीश वहल, जीआई सर्जरी विभाग के चेयरमैन, डॉ योगेश अग्रवाला, ऑन्कोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ(प्रो) शान्तनु चौधुरी, पीडियाट्रिक विभाग के चेयरमैन डॉ राजीव उत्तम आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

Back