समय रहते पता चलने पर कैंसर का सम्पूर्ण इलाज नयति में सम्भव: डॉ. (प्रो). शान्तनु चौधरी

11 October, 2017

आगरा 11 अक्टूबर। कैंसर का नाम लोगों के जहन में आते ही एक अजीब सी सिरहन, डर अथवा भय जैसा व्याप्त हो जाता है, यदि कोई कैंसर की बीमारी से ग्रस्त हो जाता है तो उसके दिमाग में बस एक यही बात आती है कि अब जिन्दगी में कुछ नहीं रहा, उसकी आंखों के सामने अन्धकार छाने लगता है। एक निराशा और हताशा कैंसर पीड़ित को घेर लेती है। लेकिन अब कैंसर पीड़ितों को इस बीमारी से निराश अथवा हताश होने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि यदि समय रहते कैंसर का पता चल जाये तो कैंसर का इलाज संभव है। यह कहना था नयति हेल्थकेयर के कैंसर केन्द्र के चेयरमैन डॉ. (प्रो.) शान्तनु चौधरी का जो नयति मेडिसेंटर में विश्व स्तन कैंसर माह के अवसर पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि अब तक कैंसर का जो इलाज देश के कुछ गिने चुने बड़े शहरों में ही मिल पाता था वो सारा इलाज अब नयति में उपलब्ध है। कैंसर के इलाज के लिए प्रमुख रूप से 3 चरणों से होकर गुजरना पड़ता है, क्लिनिकल, सर्जीकल और रेडिएशन। इन प्रोसीजर को कराने के लिए अब तक आसपास के इस क्षेत्र में कोई ऐसा स्थान नहीं था जहां ये सारी चीजें एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों। हर प्रोसीजर के लिए मरीज को अलग अलग जगह जाना पड़ता था जिससे मरीज को समय के साथ अधिक पैसे भी खर्च करने पड़ते थे, लेकिन नयति में कैंसर से संबंधित क्लिनिकल तथा सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध हैं और कुछ ही दिनों में रेडिएशन की सुविधाएं भी नयति में मिलने लगेंगी। आने वाले समय में जल्द ही कैंसर का हर प्रकार का विश्वस्तरीय इलाज एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगा, जिसके बाद मरीज को कैंसर के इलाज में किये जाने वाले किसी भी प्रोसीजर के लिए कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं होगी, मरीज को सारा इलाज एक ही स्थान पर एक ही छत के नीचे मिल सकेगा।

अक्टूबर माह सारी दुनिया विश्व स्तन कैंसर दिवस के रूप में मनाती है। हमारे समाज में जागरूकता की कमी के कारण लोगों को स्तन कैंसर का पता ही नहीं चल पाता और जब तक पता चलता है तब तक देर हो चुकी होती है। इससे बचने का एक बहुत ही सरल उपाय है कि जब भी शरीर में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव या गांठ आदि दिखे तो उसे नजरअंदाज न करके तुरन्त कैंसर रोग रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए क्योंकि समय पर लिया गया उपचार बीमारी को गंभीर नहीं होने देता और उसकी रोकथाम करता है।

हमारे यहां मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी तथा क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी विभागों में दुनिया की बेहतरीन विश्वस्तरीय चिकित्सा उपलब्ध है तथा इन विभागों को देखने वाले डॉक्टर भी काफी अनुभवी हैं जो कई वर्षों तक देश के जाने-माने कैंसर अस्पताल टाटा मेमोरियल कैंसर इंस्टीट्यूट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

जब किसी परिवार में कोई कैंसर का मरीज होता है तो केवल मरीज पर ही इसका असर नहीं पड़ता अपितु उसके परिवार और समाज पर भी इस सब का असर पड़ता है।

आज कैंसर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, यदि समय रहते शुरुआत में ही कैंसर का इलाज करा लिया जाय तो यह बिल्कुल सही हो सकता है।

वैसे तो नयति में अभी तक कैंसर के कई मरीजों का सफल इलाज किया जा चुका है और वे अपना जीवन एक सामान्य इन्सान की तरह व्यतीत कर रहे हैं।

श्रीमती ममता पटनी, श्रीमती स्नेहलता जैन, श्रीमती मंजू अग्रवाल, सी के जैन और एम एल जैन जैसे कई अन्य मरीज ऐसे थे जो किसी न किसी प्रकार के कैंसर से पीड़ित थे लेकिन नयति में आकर अपना इलाज कराने के बाद ये लोग बिल्कुल स्वस्थ हैं और एक सामान्य जीवन जी रहे हैं।


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