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May 14, 2018

नयति में एंडोस्कोपी की नवीनतम तकनीक पॉयम द्वारा बिना चीरे के आहारनाल का वाल्ब खोला

  • 14 May, 2018

मथुरा 14 मई। नयति मेडिसिटी में बेहतरीन एंडोस्कोपी की नवीनतम तकनीक पॉयम से आहारनाल के बंद वाल्ब को बिना चीरे के काटकर खोल दिया। इस क्षेत्र में इस प्रकार की सुविधा नयति हॉस्पिटल से पहले किसी और हॉस्पिटल में नहीं थी, जिसके कारण मरीजों को अपनी बीमारी से बचाव के लिए दिल्ली तक जाना पड़ता था।

राजस्थान निवासी 24 वर्षीय विजय कई महीनों से परेशान था। उसकी छाती में हमेशा दर्द रहता था, खाना खाने के बाद वापस बाहर आ जाता था। कई डॉक्टरों से उसने अपना इलाज कराया लेकिन उसे कोई लाभ नहीं हुआ, जिसके बाद वह नयति मेडिसिटी आया और यहां आकर नयति मेडिसिटी के उदर रोग विभाग के प्रमुख डॉ. कपिल शर्मा से मिले। उनके द्वारा जरूरी जांच कराने के बाद पता चला कि विजय की आहारनाल के वाल्ब बन्द हो गया है जिसकी वजह से उसका खाना अमाशय तक नहीं जा पा रहा था और वापस लौट आता था।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ. आरके मनी ने कहा कि हमने ब्रजवासियों को दुनिया का बेहतरीन इलाज एवं स्वास्थ्य संबंधी तकनीक देने का जो वादा किया था उसमें हम सफल हुए हैं नयति में हर प्रकार की बीमारी का एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय उपचार मौजूद है जिसकी वजह से मरीजों को अपने इलाज के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता। उन्होंने कहा कि आज के समय में पॉयम एंडोस्कोपी के क्षेत्र में अत्याधुनिक एवं नई तकनीक है, जिसका प्रयोग देश के कुछ गिनेचुने अस्पतालों में ही होता है। नयति मेडिसिटी पॉयम करने वाला इस क्षेत्र का पहला हॉस्पिटल बन गया है।

नयति के उदर रोग विभाग के प्रमुख डॉ. कपिल शर्मा ने कहा कि विजय कि आहारनाल के बंद वाल्ब की वजह से विजय को खाने पीने में परेशानी तथा सीने में दर्द रहता है, उसके बंद वाल्ब को खोलने की आवश्यकता थी। परिवार की सहमति के बाद हमने अपनी टीम के साथ एंडोस्कोपी की नवीनतम एवं बेहतरीन तकनीक पॉयम द्वारा इनके वाल्ब को बिना चीरे के माध्यम से खोल दिया, जिसके तत्काल बाद इनके खाने पीने की समस्या खत्म हो गयी और भोजन अमाशय तक जाने लगा। पॉयम के द्वारा बिना चीरे के सर्जरी की जाती है और इसको कराने के बाद मरीज दो दिन में ही वापस घर लौट जाता है।

April 25, 2018

नयति में वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन सप्ताह पर हुआ सेमिनार

  • 25 April, 2018

24 से 30 अप्रैल तक लोगों में जागरूकता फैलाने को टीकाकरण से संबंधित होंगे विभिन्न कार्यक्रम

मथुरा 25 अप्रैल। वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन (टीकाकरण) सप्ताह के अवसर पर नयति मेडिसिटी में एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें मथुरा तथा आसपास के कई गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजसेवी श्रीमती शैलजा सिंगला थीं।

सेमिनार को संबोधित करते हुए नयति मेडिसिटी के मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. ज्योति गोयल ने वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन सप्ताह पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैक्सीन की वजह से कई बीमारियों की रोकथाम होती है, हर वर्ष 25 लाख से अधिक लोगों की जान वैक्सीन की वजह से ही बच पाती है। वैक्सीन होने के बावजूद लोगों में जागरूकता की कमी के चलते आज भी टीकाकरण न हो पाने के कारण कई बीमारियों के लिए घातक होता है। इसलिए हमें समाज के हर वर्ग तक वैक्सीन की जानकारी पहुंचाने और लोगों को जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए। आज भी लोगों में आमधारणा है कि टीकाकरण केवल बच्चों के लिए ही होता है जो कि गलत है, वयस्कों में भी अब टीकाकरण संभव है जिसकी वजह से अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।

नयति मेडिसिटी के बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ. नूरउल ने कहा कि आजकल के बीमारियों के वैक्सीन उपलब्ध हैं जो हमें अपने बच्चों में लगवाने ही चाहिए जिनसे कई बीमारियों की रोकथाम हो सकती है, और कई संक्रमित बीमारियां भी होती हैं जो अगर किसी बच्चे को हो जाये तो उसकी चपेट में पूरा परिवार भी आ सकता है। लोगों को आमतौर पर खसरा, डीपीटी, हैपेटाइटिस बी और हैपेटाइटिस ए आदि बीमारियों के टीके अवश्य लगवाने चाहिए।

नयति मेडिसिटी की लैब प्रमुख डॉ देवकांत प्रधान ने कहा कि दुनिया में आज 26 गम्भीर बीमारियों से बचाव के वैक्सीन मौजूद हैं। भारत में वैक्सीन की वजह से ही किसी समय पाये जाने वाले चेचक रोग से पूरी तरह मुक्ति मिल चुकी है और पोलियो पर भी लगभग काबू पा लिया गया है। यदि 80 से 85 प्रतिशत लोगों तक वैक्सीन पहुंच जाए तो हम समाज के प्रत्येक व्यक्ति को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है।
सेमिनार की मुख्य अतिथि समाजसेवी शैलजा सिंगला ने कहा कि नयति द्वारा आयोजित इस सेमिनार से हम सभी को बहुत सारी जानकारी मिली है जिसे हम अपने स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे, और मुझे आशा ही नहीं पूरा विश्वास है कि नयति भविष्य में भी समाज में जागरूकता फैलाने के लिए इस प्रकार के आयोजन करता रहेगा।

सेमिनार में प्रमुख रूप से आर्मी, संदीपन स्कूल की अध्यापिकाएं, रोटरी क्लब, विभिन्न गांवों के प्रधान, वीएस सक्सेना, मीरा मित्तल, पंकज, डॉ. ममता शर्मा एवं नयति मेडिसिटी के मेडीकल सुपरिटेंडेंट डॉ. उबैद रंगरेज उपस्थित थे।

April 20, 2018

नयति में प्लाज्मा फेरेसिस तकनीक से दिमाग की नसों की खराब कवरिंग (मल्टीपल स्किलरोसिस) का हुआ सफल इलाज

  • 20 April, 2018

मथुरा 20 अप्रैल। मस्कट (ओमान) निवासी 33 वर्षीय रेणुबाला की अचानक नजर कामजोर होने लगी,यहां तक कि उनको लगभग दिखाई देना भी बंद हो गया था। हाथ पैरों में कमजोरी के कारण उनका चलना फिरना मुश्किल होता जा रहा था और उनके शरीर मे सेंसेशन की भी कमी होती जा रही थी। मस्कट में उन्होंने कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन उनकी परेशानी में कोई सुधार नहीं आ रहा था और उनकी समस्या लगातार बढ़ती ही जा रही थी।

तब उन्होंने मथुरा में रह रहे अपने रिश्तेदार से अपनी बीमारी के बारे में बात की, जिनके द्वारा नयति मेडिसिटी के बारे में बताये जाने के बाद वे नयति पहुंचे और यहां आकर न्यूरो फिजिशियन विभाग के प्रमुख डॉ नीलेश गुप्ता से मिले। डॉ नीलेश द्वारा उनकी एमआरआई, रीढ़ की हड्डी की जांच और आंखों की नसों की जांच कराई तो पता चला कि उनके दिमाग के न्यूरॉन्स की कवरिंग लगातार खत्म होती जा रही थी जिसकी वजह से उन्हें इन सब तकलीफों से गुजरना पड़ रहा था। मेडीकल भाषा मे इस बीमारी को मल्टीपल स्किलरोसिस कहते हैं।

जरूरी जांच करने के बाद डॉ नीलेश ने कुछ दिन उन्हें अस्पताल में रखा और प्लाज्मा फेरेसिस द्वारा उनका इलाज किया। अब रेणुबाला बिल्कुल स्वस्थ हैं।

नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आर के मनी ने कहा कि इस क्षेत्र में आज नयति में  हर बीमारी की वह विश्वस्तरीय एवं बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है जो अब से पहले केवल महानगरों के कुछ ही अस्पतालों में मौजूद थी। हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि यहां पर हम मरीजों को हर वह सुविधा उपलब्ध करा सकें जिसके लिए उन्हें महानगरों तक कि यात्रा करनी पड़ती थी। हमारे यहां देश के विभिन्न प्रदेशों के अलावा देश की सीमाओं से बाहर के मरीज भी निरंतरता में आकर अपना इलाज करा रहे हैं, जिसकी हमें खुशी है।

रेणुबाला का इलाज करने वाले नयति मेडिसिटी के न्यूरो फिजिशियन डॉ. नीलेश गुप्ता ने बताया कि जो बीमारी रेणुबाला को थी वो एक लाख व्यक्तियो में किसी एक को हो सकती है। इस बीमारी के कोई प्रारम्भिक लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। इस बीमारी का अचानक असर दिखाई देता है।

रेणुबाला की जांच करने के बाद हमने प्लाज्मा फेरेसिस (विशेष प्रकार एवं तकनीक से खून की सफाई) की। पहली प्लाज्मा फेरेसिस के बाद ही उनमें सुधार आना शुरू हो गया। उसके बाद सीमित अंतराल के बाद रेणुबाला की दो प्लाज्मा फेरेसिस और कि गयीं। अब रेणुबाला बिल्कुल स्वस्थ हैं लेकिन उन्हें कुछ दिन और दवाओं का सेवन करना पड़ेगा।

April 12, 2018

नयति के डॉक्टरों ने गले में हुई गांठ का किया सफल ऑपरेशन

  • 12 April, 2018

मथुरा 12 अप्रैल। नयति मेडिसिटी के चिकित्सकों ने गले में हुई गांठ (लैरिंगोसील) का सफल ऑपरेशन किया। इस प्रकार की गले में गांठ बहुत कम (दुनिया में अब तक 200 से 250) लोगों में ही पाई गयी है जिसे एक प्रकार की दुर्लभ बीमारी भी कहा जा सकता है। इस बीमारी में सांस की नली में छेद हो जाता है जिसकी वजह से उस नली में गांठ बन जाती है जो समय के साथ बढ़ती रहती है। इस बीमारी की वजह से इंसान का खानापीना एवं सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

नयति मेडिसिटी के जीआई सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ योगेश अग्रवाला ने कहा कि 70 वर्षीय भगवान सिंह जब नयति में आये थे तब वे अपने गले में हुई गांठ से काफी परेशान थे, जिसकी वजह से उनका खानापीना भी लगभग बंद हो गया था और उन्हें सांस लेने में भी काफी तकलीफ हो रही थी। पिछले दो साल से वे कई अस्पतालों के चक्कर लगा आये लेकिन उन्हें कहीं भी किसी प्रकार का कोई लाभ नहीं मिला। नयति आकर हमसे मिले, हमारे द्वारा करायी गई जांचों में पता चला कि इनके गले में 5 सेमी की गांठ है (जिसे मेडिकल भाषा में लैरिंगोसील कहा जाता है) जिसका तत्काल ऑपरेशन करने की आवश्यकता थी।

परिवार की सहमति के बाद डॉ. योगेश अग्रवाल एवं डॉ. अजय अग्रवाल के नेतृत्व में उनका सफल ऑपरेशन करके गले में से गांठ निकाल दी जिसके बाद भगवान सिंह बिल्कुल स्वस्थ हैं और उनकी खोई हुई आवाज भी वापस लौट आयी है।

नयति मेडिसिटी के जीआई सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. अजय अग्रवाल ने कहा कि यह एक दुर्लभ किस्म की बीमारी है और अब तक दुनिया मे 200 से 250 लोगों में ही यह बीमारी पायी गयी है। यदि समय पर इसका इलाज ना हो तो यह बीमारी बढ़ती जाती है जिससे मरीज को काफी तकलीफ से भी गुजरना पड़ सकता है।

March 19, 2018

नवरात्रि पर नयति उत्सव का हुआ शुभारम्भ

  • 19 March, 2018

प्रतिदिन पूजन के अलावा विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन

वृन्दावन 19 मार्च। नयति परिवार द्वारा वृन्दावन स्थित ओमैक्स इंटर्निटी में नवरात्रि के अवसर पर माँ दुर्गा की स्थापना कर नयति उत्सव मनाया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन सप्तचण्डी के पाठ के अलावा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रमों में भजन संध्या, रसिया दंगल, डांडिया आदि प्रमुख होंगे।

रसिया दंगल के लिए ब्रज के जानेमाने कलाकार रामवीर और करन शर्मा अपनी टीम के साथ उपस्थित रहेंगे।

नयति उत्सव के शुभारंभ के अवसर पर नयति हेल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि नयति के डॉक्टरों ने देश के विभिन्न प्रान्तों से आकर ब्रजभूमि को अपनी कर्मभूमि बनाया है। हम सभी गणेश पूजा, लोहड़ी, पोंगल जैसे अन्य त्योहार मिल जुलकर ही मनाते हैं। नवरात्रि भी ऐसा ही पावन उत्सव है जिसे हम सब ब्रजवासियों के साथ मिलकर मना रहे हैं।

कार्यक्रम में मथुरा के मेयर मुकेश आर्यबन्धु, कई क्षेत्रों से आये प्रधान, प्रशासनिक अधिकारी एवं नयति में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर चुके  मरीज मौजूद रहे। नयति उत्सव में कोई भी श्रद्धालु आकर माता के दर्शन लाभ प्राप्त कर सकता है एवं आयोजित कार्यक्रमों का आनंद ले सकता है।

पूजा सुबह और शाम दोनों समय होगी जिसमे कोई भी श्रद्धालु भाग ले सकता है।

विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी इस प्रकार है –

भजन – प्रतिदिन (सायं) 6.30, माता की आरती – प्रतिदिन (सायं) 7.30, 21 मार्च- रात्रि 8 बजे रसिया दंगल, 26 मार्च- रात्रि 8 बजे रॉक बैंड परफॉर्मेंस और डांडिया होंगे।

March 15, 2018

नयति में दुर्घटना में बुरी तरह क्षतिग्रस्त लिवर तथा पैंक्रियाज का ऑपरेशन के बाद हुआ सफल उपचार

  • 15 March, 2018

व्हिप्पल सर्जरी जैसी जटिल सर्जरी करने वाला इस क्षेत्र का पहला हॉस्पिटल बना नयति
मथुरा 15 मार्च। नयति मेडिसिटी में दुर्घटना में बुरी तरह घायल 20 वर्षीय बालकृष्ण आये थे , जिनका लिवर बुरी तरह क्षतिग्रस्त था तथा पैंक्रियाज भी दो भागों में बंट गया था। उनका सफलतापूर्वक ऑपरेशन (व्हिप्पल सर्जरी) करके इलाज किया गया। Read More

March 10, 2018

नयति में महिला के हृदय से ऑपरेशन करके निकाली रसौली

  • 10 March, 2018

क्षेत्र में पहली बार हुआ इस तरह का ऑपरेशन’

मथुरा 10 मार्च। नयति मेडिसिटी में एटा निवासी 32 वर्षीय महिला के हृदय से 10.8 सेमी की रसौली सफलता पूर्वक निकाल दी गयी। यह रसौली महिला के हृदय के बायीं ओर के पम्पिंग चैम्बर की ओर मौजूद थी। Read More

March 3, 2018

नयति की चेयरपर्सन नीरा राडिया को मिला कुणाल ब्रज विभूति सम्मान

  • 03 March, 2018

03 मार्च 2018 ब्रज में विश्वस्तरीय स्वास्थ सेवाओं को आमजन तक पहुंचा कर एक नया अध्याय लिखने वाली नयति हेल्थकेयर की चेयरपर्सन श्रीमती नीरा राडिया को ब्रज कला केन्द्र दिल्ली द्वारा बुधवार को साईं सभागार नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कुणाल ब्रज विभूति सम्मान से सम्मानित किया गया। Read More

February 20, 2018

नयति के ईएनटी विभाग में गर्दन के अंदर हुई 6X7 सेमी बड़ी गांठ को ऑपरेशन करके निकाला

  • 20 February, 2018

मथुरा 20 फरवरी। नयति मेडिसिटी में गले में अंदर उठी गांठ (लिम्फोज्योमा) को ऑपरेशन करके सफलता पूर्वक निकाल दिया गया। नयति आने से पहले मरीज अपना इलाज कराने दिल्ली और लखनऊ तक जा चुका था, जहां दो बार गांठ में से पानी तो निकाल दिया गया लेकिन किसी ने उसका ऑपरेशन नहीं किया। Read More

February 13, 2018

उठने बैठने में असमर्थ महिला का नयति में हुआ सफल ऑपरेशन

  • 13 February, 2018

मथुरा 13 फरवरी। उठने बैठने में असमर्थ 65 वर्षीय एनआरआई कौशल्या द्विवेदी का नयति मेडिसिटी में सफल ऑपरेशन किया गया। कई वर्षों से ऑस्ट्रेलिया रह रहीं कौशल्या दर्शन के लिए वृन्दावन आयीं थीं। वृन्दावन स्थित अपने निवास स्थान पर एक रोज वे फिसल कर गिर गयीं जिसके कारण उनकी कमर और पीठ के निचले भाग में काफी दर्द महसूस हुआ। Read More